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    गोण्डा। गौ आश्रय केंद्र में बायोगैस प्लांट निर्माण के लिए भूमि पूजन किया।

    • विधायक पत्नी व प्रमुख के साथ डीएम व सीडीओ की मौजूदगी में आधारशिला रखी गई 

    गोण्डा। प्रदेश की प्रथम मॉडल गौ आश्रय केंद्र  रुद्रगढ़ नौसी में बायोगैस प्लांट का निर्माण शुरू कराने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। शुक्रवार को डीएम उज्ज्वल कुमार, सीडीओ अरुनमोली, क्षेत्रीय विधायक पत्नी व ब्लॉक प्रमुख इटियाथोक  पूनम द्विवेदी, मुजेहना प्रमुख प्रतिनिधि शेषराम बारी ने विधि विधान से भूमि पूजन कर शिलान्यास की ईंट रखी। 

    खण्ड विकास अधिकारी विकास मिश्रा ने बताया है की चौबीस लाख रूपये की लागत से बायोगैस प्लांट का निर्माण होना है। भारत सरकार गोवर्धन  योजना के तहत गौ आश्रय केंद्र में कई वृहद कार्य गौशालाओं में कराया जाएगा। माना जा रहा है की बायोगैस प्लांट शुरू होने के बाद इससे आश्रय केंद्र आत्मनिर्भर बनेगा, बायोगैस प्लांट से जनरेटर संचालित किया जाएगा जिससे आश्रय केंद्र को आपूर्ति मिल सकेगी अतिरिक्त बिजली की सप्लाई आस पास के गावों में भी दी जा सकती है, पशुओं के गोबर से जो गैस बनेगी उससे प्रकाश की व्यवस्था बिना बिजली के हो पाएगी साथ ही गैस सिलेंडर में भरने की व्यवस्था भी की जा सकती है जो गृहणियों को सस्ता बायोगैस सिलेंडर भी उपलब्ध करायेगा जिससे ग्राम पंचायत की आय भी बढ़ेगी और किसानो को यहां से देसी खाद भी दिया जाएगा।

    शिलान्यास के इस कार्यक्रम में डीपीआरओ लाल जी दूबे, सीवीओ, पशु चिकित्सा अधिकारी राज कमल चौधरी, थाना प्रभारी ब्रह्मानन्द सिंह, ग्राम प्रधान तथा निर्माण कार्यदाई संस्था के अधिकारी उपस्थित रहे।

    श्रमिकों की समस्या को लेकर कानाफूसी 

    इतनी बड़ी गौ शाला में एक दर्जन से अधिक काम कर रहे मजदूरों की जरूरतों का ध्यान नही रखा जा रहा है। शिलान्यास के बाद इस समस्या को लेकर कानाफूसी चलती रही। लोगों का कहना है कि योजना कोई भी हो उसके सुदृढ़ संचालन में मजदूरों का ही योगदान होता है, संचालन का कार्यभार देख रहे समयदीन यादव ने बताया है कि आश्रय केंद्र में काम करने वाले मजदूरों को खुले में शौच इत्यादि की निवृत्ति के लिए बाहर जाना पड़ता है आश्रय केंद्र में शौचालय बनवाना बेहद ज़रूरी है लेकिन इस पर कोई अधिकारी ध्यान नही देते हैं।

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