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    कानपुर। दुआइया समारोह का आयोजन।

    रिपोर्ट- इब्ने हसन ज़ैदी 

    कानपुर। अशरफाबाद जाजमऊ स्थित जामिया महमूदिया अशरफुल उलूम का शैक्षिक सत्र पूरा होने के अवसर पर दुआइया समारोह का आयोजन संचालक मौलाना अमीनुल हक़ अब्दुल्लाह क़ासमी की अध्यक्षता में हुआ। समारोह में वर्तमान शैक्षिक सत्र में कुरआन के हाफिज़ बनने वाले छात्रों को पुरूस्कृत कर सम्मानित किया गया।

    समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में तशरीफ लाये दारूल उलूम देवबन्द के उस्तादे हदीस मुफ्ती सैयद मुहम्मद सलमान मंसूरपुरी ने सम्बोधन के दौरान कुरआन याद करने के बाद पढ़ी जाने वाली दुआ पर बात करते हुए कहा कि सभी हाफिज़ दुआ करते हैं कि ‘‘ऐ अल्लाह हमें कुरआन की तिलावत की तौफीक़ अता फरमा, दिन व रात’’। दुआ करना अपनी जगह लेकिन इसके लिये प्रयास करना हमारे कर्त्व्यबोध पर है। सभी हाफिज़ तय करें कि सिर्फ रमज़ानी हाफिज बनकर नहीं रहेंगे, बल्कि पूरी जिन्दगी कुरआन की तिलावत करने वाले बनेंगे। समारोह की अध्यक्षता कर रहे मौलाना अमीनुल हक़ अब्दुल्लाह क़ासमी ने कहा कि उर्दू महीने शाबान में मदरसों का शैक्षिक सत्र समाप्त होता है, उसी सम्बन्ध से आज का यह कार्यक्रम आयोजित हुआ। मदरसे दीन की हिफाज़त के क़िले हैं, मदरसों से दीन की हिफाज़त का काम किया जा रहा है।

    इसके अलावा मुफ्ती असदुद्दीन क़ासमी, मुफ्ती इक़बाल अहमद क़ासमी, मुफ्ती ज़फर अहमद क़ासमी और मुफ्ती अब्दुर्रशीद क़़ासमी ने भी सम्बोधित किया। समारोह का शुभारम्भ क़ारी मुजीबुल्ला इरफानी ने कुरआन की तिलावत से किया। संचालन मुफ्ती सैयद मुहम्मद उस्मान क़ासमी ने किया। मौलवी मुहम्मद मसूद और मुहम्मद हसीन ने नात का नज़राना पेश किया। मुख्य अतिथि मुफ्ती सैयद मुहम्मद सलमान मंसूरपुरी द्वारा हाफिज़ होने वाले समस्त छात्रों को पुरूस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शहर के उलेमा, मस्जिदों के इमाम एवं बुद्धिजीवी उपस्थित रहे।

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