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    लखीमपुर खीरी। कम उम्र के साहिब ए किताब शायर बने इलियास चिश्ती।

    शाहनवाज गौरी\लखीमपुर खीरी। खीरी जिले के नौजवान शायर इलियास चिश्ती का ग़ज़ल संग्रह प्रकाशित होने की आखरी कड़ी में।अभी तक जिले के किसी शायर का ग़ज़ल संग्रह इतनी कम उम्र में नहीं आया है इससे इलियास ने एक रिकार्ड भी बनाया कि वो जिले के सब से कम उम्र के साहिबे किताब शायर हो गए हैं

    मालूम हो कि कस्बा खीरी के फरियाद खान के बड़े बेटे इलियास चिश्ती अपनी शायरी और मुशायरे के संचालन के माध्यम से टेलीविजन,रेडियो पर होने वाले मुशायरे में और आल इंडिया मुशायरे से  जिले का नाम दूर-दूर तक रोशन करते हुए नजर आते हैं वह हिंदुस्तान के मशहूर शायरों के साथ मंच साझा करते हुए देखे जाते हैं इसके साथ-साथ वह कई बड़े साहित्यकारों का इंटरव्यू भी कर चुके हैं जैसे कि  डॉक्टर राहत इंदौरी, माजिद देवबंदी, इशरत जफर ,रौनक मुसविर , प्रोफेसर वसीम बरेलवी आदि ,इनको कई साहित्य अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है उनका ग़ज़ल संग्रह "गौहर मोहब्बत के" आखरी कड़ी में पहुंच चुका है यानी उसकी बाइंडिंग हो रही है। और जल्द ही लोगों के हाथों में होगा गौरतलब है कि जिला खीरी में इतनी कम उम्र में किसी का भी गजल संग्रह नहीं आया है जिससे इलियास चिश्ती ने जिले के सबसे कम उम्र साहिबे किताब शायर हो गए हैं। यह ग़ज़ल संग्रह 152 पेज का है जिसमें  गजल,शेर , कतआत, नज़्म और उनके शायरी पर लिखे गए कुछ आर्टिकल हैं इस में ग़ज़लों को संख्या अधिक है।

    वो इश्क,मोहब्बत की शायरी करना ज्यादा पसंद करते हैं। उनकी दूसरी किताब भी" किताब ए इश्क " के नाम से जल्द ही छपेगी,उन्होंने ने बताया इसलिए मैंने आपकी किताब का नाम "गौहर मोहब्बत के" रखा है शायर और कवि का काम है की मोहब्बत को आम करना होता है वो मैंने किया है जब मोहब्बत आम होगी तभी नफरत को मिटाया जा सकता है।शायरी की शुरआत 2011 में हुई थी।फिर इस के बाद शायरी का सिलसिला चलता रहा।

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