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    शाहजहाँपुर। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई।

    फै़याज़ उद्दीन\शाहजहाँपुर। जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट के वीसी कक्ष में जिला भूगर्भ जल प्रबन्धन की बैठक सम्पन्न हुयी। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि एन0ओ0सी0 से सम्बन्धित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाये। उन्होने प्राप्त सभी आवेदनों पर विचारोपरान्त शासनादेश के प्राविधानों के अनुसार समिति के निर्देशन में अग्रिम कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया। उन्होने प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि भूगर्भ जल संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण हेतु उद्योग कारखानों में स्थापित व्यवस्थाओं का नियमानुसार परीक्षण कर एनओसी के सम्बन्ध में अग्रिम कार्यवाही करें। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि भूगर्भ जल हमारे लिए अमूल्य है, इसलिए इसका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। भूमिगत जल को रिचार्ज किये जाने सम्बन्धी सभी प्राविधानों को कड़ाई से लागू किये जाने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने सहायक अभियंता लघु सिंचाई को निर्देश दिए कि प्राविधानो का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित करें।

    बैठक के दौरान एजेण्डा प्रस्तुत करते हुये सहायक अभियन्ता, लघु सिंचाई विभाग नरेन्द्र कुमार ने बताया कि भूगर्भ जल प्रबन्धन, नियन्त्रण और विनियमन हेतु उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल (प्रबन्धन और विनियमन) अधिनियम 2019 बनाया गया है, जो 02 अक्टूबर, 2019 से प्रभावी है। अधिनियम के साथ उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल प्रबन्धन और विनियमन नियमावली 2020 बनाई गई है, जो 25 फरवरी, 2020 से लागू है। उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल (प्रबन्धन एवं विनियमन) अधिनियम 2019 के अन्तर्गत राज्य में भूमिगत जल को संरक्षित करने, नियंत्रित करने और भूमिगत जल के विनियमन का सतत प्रबन्धन सुनिश्चित करने के लिये, उसे मात्रात्मक और गुणात्मक स्थायित्व प्रदान करने के लिये विशेष रूप से भूजल के संकटग्रस्त ग्रामीण एंव शहरी क्षेत्रों में भूजल के संरक्षण एवं संवर्धन पर जोर दिया गया है एवं सभी औद्योगिक, वाणिज्यिक, अवसंरचनात्क, आर०ओ० प्लांट और सामूहिक उपयोगकर्ताओं को भूजल निष्कर्षण हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र (एन०ओ०सी० )/पंजीकरण का प्राविधान किया गया है। उन्होने बताया कि इसका उद्देश्य धरातलीय संसाधनों का विनियमित दोहन, इष्टतम और विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करना, जलभृत मानचित्रीकरण तथा जलभृत आधारित प्रबंधन हेतु राज्य में नियोजित प्रकार से सम्पूर्ण भूगर्भ जल प्रबंधन के लिए एक राष्ट्रीय कार्यक्रम का प्रारम्भ करना, एकीकृत प्रकार से वृहद पैमाने पर भूगर्भ जल रीचार्ज कार्यक्रम को लागू करना तथा अत्यधिक दोहित/नाजुक प्रखंडों को एक समयबद्ध प्रकार से सुरक्षित श्रेणी में लाना,सतही जल व भूगर्भ जल के संयोजक प्रयोग को प्रभावी ढंग से लागू करना,संकटग्रस्त क्षेत्रों में जल प्रयोग की प्रभावी पद्धतियों का संवर्धन करना, भूगर्भ जल प्रबंधन के नियोजन एवं संरक्षण में नदी बेसिन/जल विभाजन दृष्टिकोण को वरीयता देना, सुरक्षित पेय जल की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु दूषित भूगर्भ जल क्षेत्रों को चिन्हित करना, समन्वित एवं एकीकृत प्रकार से सहभागी प्रबंधन दृष्टिकोण के साथ संबन्धित विभाग द्वारा भूजल संरक्षण तथा रीचार्ज कार्यक्रम लागू करना तथा भूगर्भ जल प्रबंधन हेतु प्रभावी विधिक संरचनाओं को प्राविधानित करना है। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी श्याम बहादुर सिंह सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

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