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    लखनऊ। मुख्यमंत्री ने जनपद बस्ती में बस्ती मण्डल के सांसदों और विधायकगण के साथ विकास परियोजनाओं की समीक्षा की।

    अतुल कपूर स्टेट हेड लखनऊ (राज्य मुख्यायल) 

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को पूरा करने में पूर्वांचल से बड़ी भूमिका निभाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि बीते साढ़े पांच-छह वर्षों में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में यहां बेहतरीन इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास करके औद्योगिक विकास के लिए बेहतर माहौल तैयार किया गया है। आज इस पूरे क्षेत्र में औद्योगिक विकास के लिए सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध हैं। विशाल लैण्ड बैंक, बेहतर कनेक्टिविटी तथा कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता है। यहां के युवा नवाचारों को अपनाने वाले हैं। इस पूरे क्षेत्र में कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, टेक्सटाइल, जैव ईंधन और सौर ऊर्जा सहित हर सेक्टर के लिए अपार अवसर हैं। राज्य सरकार यहां के विकास के लिए हर सम्भव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यहां के जनप्रतिनिधियों को भी अपने क्षेत्र की सम्भावनाओं से देश-दुनिया को परिचित कराना चाहिए। इससे यहां निवेश आएगा, औद्योगिक इकाइयां लगेंगी और रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

    मुख्यमंत्री आज जनपद बस्ती में बस्ती मण्डल के सांसदों और विधायकगण के साथ क्षेत्र में संचालित विकास परियोजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री जी ने जनपद सिद्धार्थनगर, बस्ती और संतकबीरनगर के सांसदों और विधायकों से उनके क्षेत्र की विकास योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को क्षेत्रीय जनाकांक्षाओं से अवगत कराया और इस सम्बन्ध में अपने प्रस्ताव भी दिए। मुख्यमंत्री ने सांसद और विधायकगण के इन प्रस्तावों पर तत्काल कार्यवाही के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय को निर्देशित किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्ती का विकास सरकार की प्राथमिकता में है। पिपराइच (गोरखपुर) एवं मुण्डेरवा (बस्ती) में 5,000 टी0सी0डी0 पेराई क्षमता की नई चीनी मिल शुरू हुई हैं। सिद्धार्थनगर के ओ0डी0ओ0पी0 उत्पाद ‘काला नमक चावल’ की अनेक देशों में बड़ी मांग है। इस क्षेत्र में हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाएं चल रही हैं। जनप्रतिनिधिगण इन परियोजनाओं की गुणवत्ता का निरीक्षण करते रहें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन की सुविधा के दृष्टिगत ‘ईज ऑफ लिविंग’ के सभी मानकों पर बस्ती मण्डल में कार्य किया गया है। यहां के विकास के लिए शासन स्तर से हर सम्भव सहायता दी जा रही है। बस्ती मण्डल पर वर्ष 2017 के पहले पिछड़ेपन का दाग था। यहां के बच्चे इंसेफेलाइटिस का दंश झेलने को विवश थे। वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद इंसेफेलाइटिस के नियंत्रण को शीर्ष प्राथमिकता दी गई। नियोजित कार्यवाही से आज इंसेफेलाइटिस के उन्मूलन का प्रयास सफल हो रहा है।

    मुख्यमंत्री ने प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने की योजनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि जनपद बस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर, भगवान श्रीराम, महात्मा बुद्ध और संत कबीर की पावन भूमि है। कुशीनगर में अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा संचालित है। पर्यटन की दृष्टि से इसका लाभ इन तीनों जिलों को मिलेगा। राज्य सरकार रामायण सर्किट और बुद्ध सर्किट का विकास करा रही है। इससे यह पूरा क्षेत्र पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर प्रमुखता से अंकित होगा।

    मुख्यमंत्री ने आगामी फरवरी में प्रस्तावित यू0पी0 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 की चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने 01 ट्रिलियन डाॅलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य रखा है। इस संकल्प की पूर्ति के लिए निरन्तर प्रयास किया जा रहा है। यू0पी0 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समिट से पहले दुनिया भर के निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करने की हमारी कार्ययोजना को आशातीत सफलता मिली है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यू0पी0 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ऐतिहासिक होने जा रही है। प्रदेश में व्यापक निवेश से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिसका सीधा लाभ राज्य के युवाओं को मिलेगा। विदेशी और घरेलू निवेशक रोड शो से प्रेरणा लेते हुए अनेक जनपदों ने जिला स्तर पर निवेशक सम्मेलन आयोजित करते हुए हजारों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए हैं। ऐसे ही प्रयास बस्ती मण्डल के जनपदों में भी किए जाने चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपदीय निवेशक सम्मेलन के आयोजन के लिए बेहतर कार्ययोजना तैयार करें। सांसद के नेतृत्व में विधायकगण कमान सम्भालें। जिला प्रशासन, औद्योगिक अवस्थापना विभाग, इन्वेस्ट यू0पी0 और मुख्यमंत्री कार्यालय से सहयोग लिया जाए। जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के उद्यमियों, व्यापारियों, प्रवासीजन से संवाद-सम्पर्क बनाएं। उन्हें प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीति, सेक्टोरल पॉलिसियों की जानकारी दें। अपने क्षेत्र की सम्भावनाओं के बारे में बताएं और निवेश के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि सांसद व विधायकगण प्रदेश सरकार की नई औद्योगिक नीतियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। स्थानीय विश्वविद्यालय/महाविद्यालयों/पॉलीटेक्निक/आई0टी0आई0 में युवाओं के बीच इन पर परिचर्चा कराई जाए। जनप्रतिनिधिगण इन कार्यक्रमों में प्रतिभाग करें।

    मुख्यमंत्री ने तकनीक के बेहतर इस्तेमाल पर बल देते हुए कहा कि आज सोशल मीडिया, संवाद का बेहतरीन माध्यम बन कर उभरा है। सभी सांसद/विधायकगण को इस मंच का उपयोग करना चाहिए। केन्द्र व राज्य सरकार की लोककल्याणकारी योजनाओं, औद्योगिक नीतियों, रोजगारपरक कार्यक्रमों के बारे में सकारात्मक भाव से सोशल मीडिया पर अपनी राय रखनी चाहिए। जनता से सम्पर्क-संवाद बनाने में यह माध्यम अत्यन्त उपयोगी है।

    मुख्यमंत्री ने गोवंश संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि निराश्रित गोवंश संरक्षण के लिए राज्य सरकार के स्तर पर गो-आश्रय स्थल निर्माण, सहभागिता योजना तथा कुपोषित परिवारों को गाय उपलब्ध कराने की तीन योजनाएं चल रही हैं। जनप्रतिनिधियों को रुचि लेकर इन योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना चाहिए। सक्षम परिवारों को गो-पालन के प्रति प्रेरित भी किया जाना चाहिए। निराश्रित गोवंश प्रबन्धन में हर जनप्रतिनिधि का सहयोग आवश्यक है।

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