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    शाहजहांपुर। प्रतिकूल परिस्थिति में वायु जैसे बनें युवा : प्रो. राकेश

    फै़याज़ उद्दीन\शाहजहांपुर। स्वामी शुकदेवानंद महाविद्यालय में "राष्ट्रीय युवा दिवस" के उपलक्ष्य में विविध प्रतियोगिताओं एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की विषय स्थापना करते हुए कला संकाय के अध्यक्ष प्रो. आलोक मिश्रा ने कहा कि युवाओं को जिस महापुरुष का चरित्र प्रभावशाली लगे, जीवन की प्रत्येक परिस्थिति में उसी के व्यक्तित्व के बारे में सोचना चाहिए। 

    उन्होंने बताया कि पूज्य स्वामी विवेकानंद ने जब अमेरिका में अपने भाषण की शुरुआत "भाइयों और बहनों" के माध्यम से की, तो पूरा सभाकक्ष तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। महाविद्यालय के प्राचार्य  प्रो. राकेश कुमार आजाद ने अपने उद्बोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद जी ने अल्पायु में ही विश्व के युवाओं को मानवता का संदेश दिया था। उन्होंने कहा की परिस्थिति प्रतिकूल होने पर युवाओं को वायु की तरह कार्य करते हुए दृढ़ संकल्प के माध्यम से समस्याओं पर विजय पानी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद आत्मिक अनुभव को सर्वोत्तम शिक्षक मानते थे। राजनीति विज्ञान विभाग की डॉ व्याख्या सक्सेना ने कहा कि युवाओं को अपना ध्यान अच्छा दिखने की बजाए अच्छा बनने पर केंद्रित करना चाहिए। इस अवसर पर राजनीति विज्ञान विभाग के द्वारा आयोजित निबंध प्रतियोगिता में एम.ए. प्रथम सेमेस्टर के छात्र शिवम कुमार ने प्रथम, बीए प्रथम सेमेस्टर के सचिन ने द्वितीय, नितिन सिंह ने तृतीय एवं सबा अंसारी ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया। भौतिक विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ शिशिर शुक्ला के संचालन में हुए कार्यक्रम में  धन्यवाद ज्ञापन प्रो. मधुकर श्याम शुक्ला ने किया।  

    कार्यक्रम में डॉ राम शंकर पांडे, मृदुल पटेल, डॉ राजीव कुमार, डॉ सुजीत वर्मा, डॉ प्रतिभा सक्सेना, डॉ पूजा बाजपेई, डॉ बरखा सक्सेना, सीतू शुक्ला, डॉ श्रीकांत मिश्रा, हर्ष पाराशरी, अमित गंगवार, मानवेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।

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