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    सम्भल। वित्तीय निवेशकों के लिए जनपद से अच्छी खबर।

     उवैस दानिश, 

    सम्भल। सहारा, पल्स व अन्य निवेशकों के लिए अच्छी खबर है आपको बता दें कि वित्तीय संस्थानों में लाखों लोगों द्वारा पैसे जमा किए गए और लोगों को अपने पैसे की वापसी हेतु समस्या का सामना करना पड़ रहा है जो कि कई वर्षों से लगातार लोग समस्या से जूझ रहे है, लेकिन अब वित्तीय संस्थानों के निवेशक के लिए अब परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। जल्दी आपकी समस्याओं का समाधान होगा। इसके लिए जिला प्रशासन वित्तीय संस्थानों के निवेशकों से उनकी जानकारी लेकर वित्तीय संस्थानों पर कार्यवाही करेगा।

    सोमवार को विशेष संस्थानों पर जिले के लोगों द्वारा पैसे निवेश किए गए लोगों द्वारा जिला प्रशासन ने नई तहसील में लोगों से फॉर्म द्वारा जानकारी ली कि किस व्यक्ति के किस वित्तीय संस्थान पर कितने रुपए हैं। इस जानकारी को देने के लिए नई तहसील परिसर में लोगों ने वित्तीय संस्थान पर पैसे होने के डॉक्यूमेंट जमा किए जिला प्रशासन 19 जनवरी तक सभी से वित्तीय संस्थानों पर पैसे होने के फार्म लेगा। उसके बाद प्रशासन द्वारा एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी कि किस-किस वित्तीय संस्थान पर कितना रुपया निवेशको का बाकी है। उसके बाद जिला प्रशासन कार्यवाही अमल में लाएगा।

    बताते चले कि कई क्षेत्रों में लोगों द्वारा पैसों को निवेश कराती है और लोगों के लिए ब्याज के अनुसार राशि प्रदान करती है लेकिन लोगों को कंपनी द्वारा किए गए वादे के अनुसार लाभ नहीं मिला और लोगों के पैसे कंपनी में अटक गए अब लोगों के लिए पैसों की समस्या होने लगी तो लोगों ने सोचा अब पैसों को निकाल लिया जाए, लेकिन कंपनी द्वारा आपके लिए पैसों की वापसी हेतु मना कर दिया गया।

    निवेशक अनूप कुमार गुप्ता ने बताया कि मेरे परिवार के सहारा इंडिया में काफी खाते हैं प्रशासन द्वारा यह सूचना दी गई है कि जिन वित्तीय कंपनियों ने धोखाधड़ी की है उनके विरूद्ध आप अपनी एप्लीकेशन लगा सकते हैं आपके कितने रुपए हैं आपका कितना ब्याज हुआ आपके कितने खाते हैं आप इसकी सूचना सरकार को दीजिए इस उद्देश्य की प्राप्ति हेतु मैं यहां आया हूं सहारा क्रेडिट पर मेरे तीन खाते चल रहे है जिसमें मेरी पत्नी के भी खाते हैं। जिसमें मेरे तीन लाख 60 हज़ार रुपये जमा है। निवेशक ममता ने बताया कि हमारे पल्स संस्था डेढ़ लाख रुपये हैं हमारे खाते पूरे हो चुके हैं मगर हमें अभी तक कुछ भी पैसे नहीं मिले हैं इसीलिए हमने नई तहसील पर आकर यहां फॉर्म जमा किए हैं।

    तहसीलदार मनोज कुमार ने बताया कि जो वित्तीय संस्थान लोगों को सहायता प्रदान करते हैं वह वित्तीय योजनाएं चलाते हैं उसमें काफी लोग विभिन्न कंपनियों से प्रभावित हैं उनके जमा पैसे और अन्य चीजों की शिकायतें आ रही हैं ऐसी शिकायत कर्ताओं का विवरण तैयार करने के लिए उनसे एक फॉर्म फॉर्मेट पर सूचना इकट्ठा की जा रही है जिससे हमें यह पता चले किस वित्तीय संस्थान से जनपद में कितने लोग प्रभावित हैं। अधिनियम के तहत उन पर कार्यवाही की जा सके। 19 तारीख तक हम फॉर्म इकट्ठा कर रहे हैं।



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