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    लखीमपुर खीरी। एआरटीओ ने ओवर स्पीडिंग पर काटा चालान, दुबारा ओवर स्पीडिंग की ताे रद्द होगा लाइसेंस।

    शाहनवाज गौरी\लखीमपुर खीरी। मुख्य सचिव, उप्र शासन से प्राप्त निर्देशों, डीएम महेंद्र बहादुर सिंह व एसपी संजीव सुमन के मार्गदर्शन, निर्देशन में सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूकता पैदा करने, सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्‍य से जनपद खीरी मे ’’सड़क सुरक्षा माह ’’ मनाया जा रहा। गुरुवार को जिले में दुर्घटना को रोकने, अधिक स्पीड से चलने वाले वाहनों पर नियंत्रण के लिए एआरटीओ रमेश कुमार चौबे के नेतृत्व में अभियान चला। एआरटीओ ने एआरएम, टीएसआई के साथ ओवरस्पीडिंग वाले वाहनों को पकड़ कर उनसे जुर्माना वसूला। इस दौरान उन्हें पंपलेट एवं प्रचार सामग्री देकर जागरूक भी किया। रोडवेज की बसों के सवारियों को जागरूक किया।

    एआरटीओ ने एआरएम, टीएसआई के साथ बहराइच रोड गोला रोड, सीतापुर रोड पर ओवरस्पीडिंग, सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन एवं अनुमन्य क्षमता से अधिक सवारी बैठाने जैसे मामले पड़ताल की, वही दो टेंपो, एक पिकअप, एक डीसीएम का चालान किया। पुनरावृति मिलने पर वाहनों को सीज करने की चेतावनी दी। सड़क किनारे खाली खड़ी एंबुलेंस के चालकों को भी सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी दी। 

    • अफसरों ने विभिन्न मार्गों पर रोकी रोडवेज बसें, हुई चेकिंग

    जनपद के विभिन्न मार्गो पर रोड़वेज बसों को रोक-रोक कर वाहनों के प्रपत्रों, वाहन की फिटनेस एवं उनके चालकों (नशा खोरी) की चेकिंग की, जिसमें सभी बसें नियमानुसार वैध मिली, उनके चालक नशे की हालत में नहीं मिले।एआरटीओ रमेश कुमार चौबे ने बताया कि वाहन की (ओवरस्पीड) यानी तेज रफ्तार सड़कों पर जान जाने की सबसे बड़ी वजहों में से एक है। इससे वाहन को रोकने का रेस्पांस टाइम कम हो जाता है। जिसके कारण वाहन अचानक रूक नहीं पाता है और दुर्घटना का कारण बनता है। साथ ही तेज रफ्तार में अचानक से सामने कुछ आ जाए तो कंफ्यूजन की स्थिति बन जाती है।

    सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक जोगिंदर सिंह ने कहा कि सड़क पर गाड़ी चलाते वक्त होने वाली छोटी-छोटी गलतियां, बड़े हादसों की वजह बनती हैं। आसपास के ड्राइवर के व्यवहार को पहचानना भी बेहद जरूरी है। इसलिए हमेशा मुड़ने अथवा ब्रेक लगाने से पहले अपने आसपास और पीछे से आ रहे वाहन को जरूर देखना चाहिए। अचानक वाहन को रोकना या मोड़ना भी हादसों की प्रमुख वजहों में से एक है। बस चालको-परिचालकों को निर्देशित किया कि सवारियों को निर्धारित बस स्टाॅप से चढ़ाऐं, उतारें तथा चढ़ाने/उतारने के बाद दोनों तरफ देखकर सावधानी पूर्वक आगे बढ़े। 

    टीएसआई जेपी यादव ने कहा कि किसी भी दुर्घटना के बाद का पहला घंटा महत्वपूर्ण होता है। घायल को समुचित प्राथमिक चिकित्सा और अन्य चिकित्सीय सहायता मिल जाती है, तो उसके बचने, ठीक होने की संभावना काफी अधिक हो जाती है।बस चालकों से अनुरोध किया कि अपनी बस को भीड़भाड़ वाले मार्गो पर यदि रोकने की जरूरत है तो सड़क के किनारे, उचित स्थान पर खड़ी करें, जिससे मार्ग पर चलने वाले अन्य लोगो एवं वाहनों को कोई असुविधा न हो और सड़क जाम जैसी स्थिति उत्पन्न न हो।

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