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    नई दिल्ली। विज्ञान महोत्सव में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड पर होगी नज़र।

    नई दिल्ली (इंडिया साइंस वायर): मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 21 से 23 जनवरी तक आयोजित होने वाले इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल (आईआईएसएफ)-2022 के दौरान गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के प्रयास किये जाएंगे। 

    गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड से संबंधित गतिविधियों के अंतर्गत मोटा अनाज वर्ष (Year of millets) पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जिसे माननीय प्रधानमंत्री द्वारा घोषित किया गया है। इसमें भोपाल के 1500 से ज्यादा छात्रों द्वारा एक साथ रोबोटिक सिस्टम से बीज बोने का रिकॉर्ड बनाने की कोशिश की जाएगी। 

    गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड से जुड़ी गतिविधियों के दौरान भविष्य के उभरते युवा वैज्ञानिक एक साथ प्रयोग करते हैं और वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास करते हैं। विश्व रिकॉर्ड बनाने के इन प्रयासों में प्रोटोटाइप मॉडल की एक साथ असेंबली और व्यावहारिक विज्ञान मॉडल का प्रदर्शन शामिल है। 

    गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करने के उद्दश्यों में आत्मनिर्भर भारत के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार’ के बारे में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ लोगों को उनके प्रभावी योगदान देने के लिए सक्षम बनाना शामिल है। आईआईएसएफ के पूर्व संस्करणों में स्थापित 14 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स को भी इस दौरान ‘वॉल ऑफ फेम’ पर प्रदर्शित किया जाएगा।

    गत वर्ष गोवा में इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल-2021 के दौरान तीन गिनीज रिकॉर्ड बने थे। इनमें 'एक ही स्थान पर एक साथ सबसे अधिक लोगों द्वारा मॉडल रॉकेट किट को असेंबल करना'; 'वर्षा जल संचयन किट को ऑनलाइन एवं एक ही स्थान पर एक साथ सबसे अधिक लोगों द्वारा असेंबल करना'; और  'एक ही स्थान में सबसे बड़े अंतरिक्ष अन्वेषण पाठ' के लक्ष्य को प्राप्त करना शामिल है। 

    वर्ष 2015 में आईआईएसएफ की शुरुआत के बाद से अब तक गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड विज्ञान के इस महाकुंभ का एक अभिन्न अंग रहा है। रिकॉर्ड-ब्रेकिंग उपलब्धियों को दर्ज करने और उन्हें मान्यता प्रदान करने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड वैश्विक संस्था है, जो नये रिकॉर्ड बनाने की कोशिश करने वालों के लिए वैश्विक पटल पर अपनी छाप छोड़ने का अवसर प्रदान करती है।

     (इंडिया साइंस वायर)

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