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    अयोध्या। श्रीराम मंदिर का 70 प्रतिशत कार्य पूरा,गर्भगृह के पिलर 14 फुट तक तैयार।

    अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास द्वारा लगभग 2 साल 4 माह का वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य मे शुक्रवार को अयोध्या, लखनऊ एवं आसपास के लगभग 200 से अधिक मीडिया कर्मियों को मंदिर निर्माण की अद्यतन प्रगति से रूबरू कराया गया तथा श्रीरामलला का दर्शन पूजन एवं प्रसाद वितरित किया गया। श्रीराम जन्मभूमि में राम मंदिर का 70% निर्माण पूरा हो चुका है। गर्भगृह के पिलर 14 फीट तक बनकर तैयार हो चुके हैं। परकोटे का मंदिर तेजी से बनाया जा रहा है। मंदिर निर्माण तीन चरणों में पूरा होगा। पहला चरण अगस्त 2023 तक पूरा होगा। दूसरा चरण दिसंबर 2024 में जबकि 2025 तक मंदिर आकार ले चुका होगा।

    बता दे कि जनवरी 2024 में मंदिर में दर्शन-पूजन शुरू हो सकेगा। मंदिर निर्माण में करीब 800 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। कुल खर्च का अनुमान करीब 1800 करोड़ रुपए लगाया गया है।  जनवरी 2024 में मकर संक्रांति पर सूर्य के उत्तरायण होते ही राम जन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह में रामलला विराजमान होंगे। यह दिन अयोध्या के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना गया है क्योंकि राम जन्मभूमि में पौष शुक्ल तृतीया के दिन प्राकट्य हुआ था। वर्ष 2024 में पौष शुक्ल तृतीया 75 वर्ष बाद मकर संक्रांति को ही पड़ रही है। 75 वर्ष बाद गर्भगृह में भगवान का स्वरूप भी भव्य होगा।  

    राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अब मंदिर में रामलला की खड़े अवस्था में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा करेगा। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय बताते हैं कि भगवान रामलला के स्थाई मूर्ति के स्वरूप पर मंथन शुरू हो गया है। रामलला की स्थाई मूर्ति श्याम रंग की होगी। मूर्ति के आकार और प्रकार को लेकर पद्मश्री पुरस्कार से पुरस्कृत मूर्तिकारों को स्थाई मूर्ति के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि मंदिर में स्थापित की जाने वाली मूर्ति 5 वर्षीय बालक के स्वरूप पर होगी जिसमें मूर्ति की ऊंचाई लगभग साढ़े 8 फीट ऊंची होगी। रामलला के प्रधान पुजारी सत्येंद्र दास कहते हैं कि रामलला की मूर्ति आकाशीय रंग की होनी चाहिए। मूर्ति के रंग को लेकर शास्त्र में वर्णित बहुचर्चित श्लोक नीलांबुज-श्यामल कोमलाङ्ग की तर्ज पर ही भगवान की मूर्ति का स्वरूप और आकार रखा जाएगा।

    श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महासचिव चम्पत राय एवं सदस्य अनिल मिश्र ने मीडिया को बताया कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण स्थल का दर्शन करने के लिए विगत 5 अगस्त 2022 को अवसर प्रदान किया गया था। उसके बाद आज पावन पर्व मकर संक्रांति के पूर्व संध्या पर मीडिया कर्मियों के माध्यम से श्रीराम जन्मभूमि निर्माण की अद्यतन प्रगति से सभी रामभक्तों एवं श्रद्वालुओं को अवगत कराने का उद्देश्य है। श्रीराम जन्मभूमि निर्माण स्थल के दर्शन के दौरान निर्माण एजेंसी के पदाधिकारियों द्वारा मीडिया कर्मियों को अद्यतन प्रगति, निर्माण पूर्ति की तिथि आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी तथा बताया गया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप निर्धारित समय पर निर्माण पूर्ण कर लिया जायेगा।

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