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    नई दिल्ली। आईआईएसएफ-2022 के मुख्य आकर्षणों में अत्याधुनिक-प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी।

    नई दिल्ली (इंडिया साइंस वायर): भोपाल में 21 से 24 जनवरी 2023 तक आयोजित किये जा रहे इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल ऑफ इंडिया (आईआईएसएफ) के 8वें संस्करण का एक महत्वपूर्ण आयाम ‘न्यू एज टेक्नोलॉजीज’ कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत विशेषज्ञों के विमर्श के साथ-साथ अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों को प्रदर्शित किया जाएगा।

    ‘न्यू एज टेक्नोलॉजीज’ कार्यक्रम का उद्देश्य उभरती प्रौद्योगिकियों में नवोन्मेष को प्रोत्साहित करना है। इनमें मेटावर्स, ऑगमेंटेड रियलिटी, मिक्स्ड रियलिटी और वर्चुअल रियलिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस / मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी, ब्लॉक चेन, डिजिटल करेंसी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, इंडस्ट्री 4.0, 5जी / 6जी, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन, ड्रोन टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी, एज कंप्यूटिंग, स्पेस टेक्नोलॉजी, सेंसर टेक्नोलॉजी, सिस्टम्स ऐंड सिंथेटिक बायोलॉजी, जीनोमिक्स, वैक्सीन डेवलपमेंट, डायग्नोस्टिक्स, स्टेम सेल, सीएआर-टी सेल और जीन थेरेपी जैसी अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियां प्रमुखता से शामिल हैं।   

    यह आयोजन विभिन्न अत्याधुनिक क्षेत्रों में इंजीनियर्ड प्रोटोटाइप और उत्पादों के प्रौद्योगिकी तत्परता स्तर का प्रदर्शन करेगा। इस वर्ष न्यू एज टेक्नोलॉजी कार्यक्रम में लोकप्रिय वार्ताएं, पैनल चर्चा और उद्योगों/संस्थानों/स्टार्टअप्स द्वारा उभरती प्रौद्योगिकियों की प्रदर्शनी के साथ-साथ क्विज और पोस्टर प्रतियोगिताएं होंगी। कार्यक्रम के अंतिम दिन विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा। 

    आईआईएसएफ-2022  का आयोजन 21 से 24 जनवरी 2023 तक झीलों के शहर भोपाल में किया जा रहा है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग, मध्य प्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद एवं मध्य प्रदेश सरकार और गैर सरकारी संस्था विज्ञान भारती के सहयोग से संयुक्त रूप से यह आयोजन किया जा रहा है। 

    आज की दुनिया अनेक क्षेत्रों में विज्ञान और इंजीनियरिंग आधारित अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी पर निर्भर है। हमारा दैनिक जीवन नये-युग की ऐसी प्रौद्योगिकियों से सीधे जुड़ा है। यह सही समय है कि पूरी दुनिया नये युग की प्रौद्योगिकयों की पहचान और उनके विकास में प्रभावी योगदानकर्ता के रूप में भारत की क्षमता को पहचानें। इस दिशा में आईआईएसएफ जैसे मंच महत्वपूर्ण हो जाते हैं, जहां विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जगत समसामयिक चुनौतियों, समाधान, संभावनाओं पर एक साथ मंथन करता है। 

    आईआईएसएफ-2022 की थीम 'विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के साथ अमृतकाल की ओर अग्रसर' विषय पर केंद्रित है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत जैव प्रौद्योगिकी विभाग आईआईएसएफ-2022 के आयोजन के लिए नोडल विभाग है। वहीं, आईआईएसएफ को आयोजित करने वाली नोडल एजेंसी क्षेत्रीय जैव प्रौद्योगिकी केंद्र (आरसीबी), फरीदाबाद है। 

    (इंडिया साइंस वायर)

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