Header Ads

  • INA BREAKING NEWS

    हरियावाँ\हरदोई। हरियावाँ ब्लॉक में नसबंदी के लिए किये जा रहे प्रयास ला रहे रंग।

    हरियावाँ\हरदोई। हरियावाँ ब्लॉक के बुढ़ापुर निवासी दो बेटों के पिता 26 वर्षीय श्रवण (बदला हुआ नाम) ने स्वयं आशा कार्यकर्ता से संपर्क किया और नसबंदी की सेवा अपनाई। श्रवण बताते हैं कि उन्हें स्वास्थ्य विभाग द्वारा जो प्रचार-प्रसार किया जा रहा है वही से जानकारी मिली। उन्हें आशा कार्यकर्ता ने बताया था कि महिला नसबंदी की  अपेक्षा पुरुष नसबंदी ज्यादा आसान है और इससे कोई शारीरिक समस्या नहीं होती है। मेरी पत्नी कमजोर है और उस पर पूरे परिवार के देखभाल की जिम्मेदारी है यही सोचकर मैनें नसबंदी की सेवा अपनाई। मुझे नसबंदी अपनाए हुए लगभग तीन महीने हो चुके हैं और मुझे किसी भी तरह की कोई  दिक्कत नहीं है। 

    हरियावाँ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डा. राजीव रंजन बताते हैं  कि पुरुष नसबंदी को लेकर बहुत अधिक भ्रांतियाँ हैं | इसको अपनाने में लोग हिचकते हैं लेकिन हरियावाँ ब्लॉक में श्रवण सहित 11 पुरुषों ने इस सेवा को अपनाया है | इस वित्तीय वर्ष में एक नसबंदी का लक्ष्य निर्धारित किया गया था उसके मुकाबले 11 पुरुषों ने नसबंदी की सेवा अपनाई है। 

    डा. राजीव रंजन बताते हैं कि मेरी यह प्राथमिकता थी कि आशा संगिनी, आशा कार्यकर्ता और एएनएम के माध्यम से पति और पत्नी को साथ बिठाकर नसबंदी सहित परिवार नियोजन के अन्य साधनों के बारे में बात की जाए | इससे दंपत्ति को परिवार नियोजन के बारे में अच्छी समझ बनती है इसके साथ ही फायदे नुकसान क्या है व किसी भी तरह का संशय होने पर सामने ही सवाल का जवाब मिल जाता है | इसी के साथ हम उन्हें  इस बात की जानकारी भी देंते है  कि पुरुष नसबंदी  अपनाने से वैवाहिक सुख में कोई कमी नहीं आती है। 


    इसके अलावा  नियमित टीकाकरण के सुपरवाइजर को भी पुरुष नसबंदी के बारे में बताया और कहा कि वह बुधवार व शनिवार को नियमित टीकाकरण के सत्र पर जो भी पुरुष आते हैं उन्हें पुरुष नसबंदी  की जानकारी दें |  हमने आशा और एएनएम को यह हिदायत दी है कि  वीएचएनडी के साथ अन्य जो भी प्लेटफ़ॉर्म उन्हें मिलें  वहाँ पर वह 5-10 मिनट पुरुषों से इस विषय पर जरूर बात करें | हम नियत सेवा दिवस पर पूर्व में नसबंदी कराये हुए पुरुषों को भी आमंत्रित करते हैं और नए आए लाभार्थियों के साथ चर्चा करवाते हैं ताकि नए लाभार्थियों के मन में नसबंदी को लेकर जो भी आशंकाएं या भ्रांतिया हैं वह दूर हो सकें। 

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. राजेश कुमार तिवारी ने कहा कि अप्रैल से दिसंबर तक जनपद में कुल 40 पुरुषों ने नसबंदी की सेवा को अपनाया है जिसमें से 11 तो केवल हरियावाँ ब्लॉक में ही हुई हैं। यह चिकित्सा अधीक्षक द्वारा उठाए गये कदमों से ही संभव हो पाया है। उनके प्रयास रंग लाए हैं। हम चाहते हैं कि वह आगे भी इसी तरह के प्रयोग जारी रखें | अन्य चिकित्सा अधिकारियों को इनसे प्रेरणा मिलेगी। 

    परिवार कल्याण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा. सुशील कुमार बताते हैं कि सीएचसी अधीक्षक ने बहुत अच्छी पहल की है। पुरुष नसबंदी बहुत ही आसान प्रक्रिया है। बिना चीरा टांका के यह प्रक्रिया होती है और लाभार्थी को 3,000 रुपये भी दिए जाते हैं। इसलिए पुरुषों को आगे आकर इस प्रक्रिया को अपनाना चाहिए। 

    Post Top Ad


    Post Bottom Ad


    Blogger द्वारा संचालित.