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    विशेष लेख। राजसूय यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद विश्व स्तर पर बढ़ा भारत का मान।

    अतुल कपूर (स्टेट हेड)

    विशेष लेख। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद के मियागंज कस्बे में गत 14 नवंबर को राजसूय यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद भारत का विश्व स्तर पर मान बढ़ा और भारत को जी20 की आधिकारिक रुप से अध्यक्षता मिल गई। इंडोनेशिया ने भारत को आगामी वर्ष के लिए समूह की अध्यक्षता सौंपी। 

    राजसूय यज्ञ का भव्य देवमंच और यज्ञ संसद

    पीएम नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर विश्व शांति समेत तमाम मुद्दों पर अपनी बात रखी। भारत की इस उपलब्धि को विश्व गुरु बनने की ओर बढ़ा एक कदम माना जा रहा है। भाग्योदय फाउंडेशन नई दिल्ली के संस्थापक तथा  गायत्री परिवार लखनऊ के वरिष्ठ कार्यकर्ता राम महेश मिश्र ने इसे राजसूय यज्ञ का पहला सत्परिणाम बताते हुए कहा कि वेदमूर्ति युगऋषि पं० श्रीराम शर्मा आचार्य की भविष्यवाणियां अब सच हो रही हैं।

    राजसूय यज्ञ में पधारे उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक को धर्म संसद ने राजदंड प्रदान करके आशीर्वाद दिया (फाइल फोटो)

    आप को बता दें, अगले साल जी-20 शिखर सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित होगा, जिसकी मेजबानी भारत करेगा। इस संबंध में पीएम मोदी ने कहा कि भारत अपनी G20 अध्यक्षता के दौरान, इंडोनेशिया के सराहनीय आथित्य को आगे बढ़ाने का भरसक प्रयत्न करेगा। 

    जी-20 की बैठक में मौजूद विश्व के विविध देशों के प्रतिनिधि (फाइल फोटो)

    • क्या है जी 20 समूह?

    2008 में आई आर्थिक मंदी के बाद जी-20 समूह का गठन हुआ था। वैश्विक स्तर पर आर्थिक मामलों में सहयोग के लिए ये समूह काम करता है। जी 20 का ये शिखर सम्मेलन हर साल आयोजित किया जाता है। अगले साल 2023 में जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी भारत करेगा। 9 और 10 सितंबर 2023 को नई दिल्ली में अगला जी-20 शिखर सम्मेलन आयोजित होगा। 

    • सम्मेलन में शामिल होंगे ये देश

    जी 20 समूह में 19 देश और यूरोपीय संघ शामिल है।  भारत के अलावा अमेरिका, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, ब्राजील, कनाडा, चीन, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, इटली, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, जापान, मैक्सिको, रूस,  सऊदी अरब और तुर्की शामिल हैं।

    • शुरू हो गया भारत में मीटिंगों का दौर

    केंद्रीय व‍िदेश मंत्रालय की ओर से मंगलवार को इस बाबत घोषणा की गई है। मंत्रालय के मुताबिक भारत अपनी अध्यक्षता में 9 और 10 सितंबर 2023 को नई दिल्ली में जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। भारत 1 दिसंबर, 2022 से 30 नवंबर, 2023 तक एक वर्ष के लिए G20 की अध्यक्षता ग्रहण करेगा। इसके साथ ही देशभर में इस साल दिसंबर से मीट‍िंग्‍स का दौर शुरू हो रहा है। भारत करीब 200 से ज्‍यादा मीट‍िंग्‍स की भी मेजबानी कर सकता है। G 20 प्रेसिडेंसी के रूप में भारत, बांग्लादेश, मिस्र, मॉरीशस, नीदरलैंड, नाइजीरिया, ओमान, सिंगापुर, स्पेन और यूएई (UAE) को अतिथि देशों के रूप में आमंत्रित करेगा।

    राजसूय यज्ञ के प्रथम दिन कलश यात्रा का नेतृत्व करती हुई उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी (फाइल फोटो)

    •   राजसूय यज्ञ की विशेष आहुतियों की पहली फलश्रुति

    राजसूय यज्ञ के संयोजक मुकेश कुमार गुप्ता तथा प्रमुख संरक्षक क्षेत्रीय विधायक बंबा लाल दिवाकर ने कहा कि जी-20 की अध्यक्षता राजसूय यज्ञ में दी गई विशेष वैदिक मंत्रों की यह पहली फलश्रुति सामने आई है। राजसूय यज्ञ में राष्ट्र को समर्थ जागृत हुआ चेष्टावान बनाने के लिए विशेष आहुतियां दी गई थीं। पर्यावरण सुधार तथा देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी विशेष शक्तियां दी गई थीं। भारत सरकार के भूतपूर्व उप गृह सचिव कमल टावरी वर्तमान में (स्वामी कमलानंद गिरि) उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, पूर्व गृह सचिव मणि प्रसाद मिश्र, शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी समेत अनेक वरिष्ठ अधिकारी तथा सांसद व विधायक भी इस राजसूय यज्ञ में सम्मिलित हुए थे।

    राजसूय यज्ञ में भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए वैदिक मंत्रों के साथ प्रार्थना करते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक व अन्य (फाइल फोटो)

    ज्ञातव्य है कि विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा क‍ि जबकि भारत की G20 प्राथमिकताएं मजबूत होने की प्रक्रिया में हैं, चल रही बातचीत, समावेशी, न्यायसंगत और सतत विकास के इर्द-गिर्द घूमती है, पर्यावरण के लिए जीवन शैली, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा से लेकर वाणिज्य, कौशल-मानचित्रण, संस्कृति और पर्यटन तक के क्षेत्रों में डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और तकनीक-सक्षम विकास, जलवायु वित्तपोषण, परिपत्र अर्थव्यवस्था, वैश्विक खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, ग्रीन हाइड्रोजन, आपदा जोखिम में कमी और लचीलापन, विकासात्मक सहयोग, आर्थिक अपराध के खिलाफ लड़ाई और बहुपक्षीय सुधार पर केंद्रित रहेगी। 

    मंत्रालय ने इस बयान में कहा क‍ि हमारी अध्यक्षता के दौरान, भारत, इंडोनेशिया और ब्राजील ट्रोइका बनाएंगे। यह पहली बार होगा जब ट्रोइका में तीन विकासशील देश और उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल होंगी, जो उन्हें वैश्विक पटल पर एक बड़ी आवाज प्रदान करेंगी। 

    उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद के मियागंज में आयोजित राजसूय यज्ञ में श्रद्धालुओं की भीड़

    भारत के जी-20 अध्यक्ष बनने पर खुश हुए बाइडेन ने कहा कि पीएम मोदी का समर्थन करूंगा। सामूहिक रूप से G20 वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 85 फीसदी, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का 75 फीसदी और विश्व जनसंख्या का वन थर्ड भाग है, जो इसे अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक सहयोग का प्रमुख मंच बनाता है। भारत वर्तमान में जी20 ट्रोइका (वर्तमान, पिछली और आने वाली G20 प्रेसिडेंसी) का हिस्सा है, जिसमें इंडोनेशिया, इटली और भारत शामिल हैं।

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