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    कानपुर। नवाबगंज बड़ी कर्बला में शिया मुस्लिम ख्वातीन ने पैगम्बरे इस्लम की बेटी जनाबे फातिमा ज़हरा के यौमे शहादत की याद में मजलिसे अज़ा बरपा की और ताबूत के साथ जुलूस निकाला।

    इब्ने हसन ज़ैदी\कानपुर। बड़ी कर्बला नवाबगंज पुराना कानपुर में पैगम्बरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद की दुख्तर जनाबे सय्यदा फात्मा जहरा मासूम-ए-आलम का 13वां यौमे शहादत मनाया गया। हुसैनी फेडरेशन के  डा० जुल्फिकार अली रिज़वी और मुतवल्ली काशिफ नकवी  ने बताया कि आज नौचंदी जुमेरात को सुबह  से ताबूत और जुलूस मासूम-ए-आलम में शिरकत के लिये शिया मुस्लिम ख्वातीन का बड़ी कर्बला में आना शुरू हो गया था।

    11 बजे दिन तक बड़ी तादात मे कनीज़ाने सैय्यदा कर्बला पहुंच चुकी थी इसी वक्त मजलिसे अजा बरपा की गई जिसे मोहतरमा दरख्शा बेगम ने मजलिस को खिताब करते हुए जनाबे फातमा जहरा की जिन्दगी पर रोशनी डालते हुए कहा कि बीबी फात्मा ज़हरा दुख्तरे रसूल (स०) ने अपने घर की कनीज़ जनाबे फिज़्ज़ा से हफ्ते में तीन दिन काम लेकर और तीन दिन घर का काम खुद कर कर दुनिया को वो बराबरी का दर्स दिया जिसकी मिसाल दुनिया पेश नहीं कर सकती। जाकेरा दरख्शा बेगम ने कहा कि फात्मा ज़हरा मासूम-ए-आलम को जिस वक्त अपनी वफात का एहसास हुआ उन्होंने अपने शोहर शेरे खुदा हज़रत अली को वसीयत फरमाई के मेरा जनाज़ा शब की तारीकी में उठाया जाये उनकी वसीयत को पूरा किया गया। 

    तकरीर को आगे बढ़ाते हुए दरख्शा बेगम ने कहा कि जनाबे फात्मा जहरा ने अपनी पूरी जिन्दगी में पर्दे का खास ख्याल रखते हुए हाथों में दस्ताने और पैरों में मौज़े का इस्तेमाल किया इस तरह शरीयते मोहम्मदी का रहती दुनिया तक की ख्वातीन को परदे का पैगाम दिया। इसके बाद हुसैनी हाल बड़ी कर्बला से जुलूसे ताबूत कर्बला परिसर में निकाला गया जुलूस की कयादत मोहतरमा चंदा बेगम कर रही थी जुलूस में तकरीबन 5000 महिलाओं ने शिरकत की जो ज्यादातर काले लिबास में थीं। महिलायें कानपुर व आसपास के कस्बों से आयी थीं, ये जुलूस कर्बला में 3 बजे तक पर्दे की पाबन्दी के साथ गश्त करता रहा, गश्त के दौरान रूबी मिर्ज़ा, शीबा रिजवी, सबा रिज़वी, सानिया ज़हरा और फराह फातिमा रिज़वी ने नौहा ख्वानी और मातम के ज़रिये बारगाहे मासूम ए आलम में नज़रानये अकीदत पेश किया। कर्बला के गेट पर हुसैनी फेडरेशन ने कैम्प लगा कर अकीदतमंदों को शर्बत व पानी तकसीम किया।

    वही बड़ी कर्बला के मुतावल्ली की जनिब से भी कॉफी, और पानी और सुरक्षा का  माकूल इन्तेज़ाम किया गया।हुसैनी फेडरेशन के कैम्प में  कबीर जैदी , हाजी मुन्सिंफ अली रिजवी (पार्षद), अली अख्तर रिज़वी, रज़ी अब्बास, इब्ने हसन ज़ैदी,काशिफ नकवी (मुतावल्ली) कमर आब्दी, रईसुल हसन, मुशीर आब्दी ,कमर अब्बास रिजवी,डा० जुल्फिकार अली रिजवी, यूसुफ जाफरी, मुशर्रफ हुसैन, हसनैन अकबर, मुन्तज़िर रिज़वी, राशिद ज़ैदी, इफ्तेखार हुसैन,मुजिबुल हसन, शमीम पंजेतन, ताजदार हुसैन, नासिर अली रिजवी,  नाज़ आलम, असगर मास्टर, मो0 अब्बास (मुन्नू), कुमैल, हसन रजा, मौजूद थे।

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