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    कासगंज। गन्ना किसानों के बकाए का भुगतान नहीं करना पड़ा महंगा, MD-GM समेत छह पर दर्ज हुआ मुकद्दमा।

    अतुल यादव (रवि)\कासगंज। गन्ना किसानों के बकाए का भुगतान न करना न्यौली चीनी मिल के प्रबंध तंत्र को महंगा साबित हुआ है। किसानों द्वारा बार बार उठाई जा रही मांग पर जिला प्रशासन के निर्देशन को भी चीनी मिल के अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया। अब डीएम ने सख्ती दिखाई तो गन्ना विभाग ने मिल प्रबंधन के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करा दिया है।

    न्यौली चीनी मिल पर गन्ना किसानों का 35 करोड़ रुपये बकाया है। किसान बार बार बकाए के भुगतान की मांग कर रहे हैं, लेकिन चीनी मिल गंभीरता नहीं दिखा रही। डीएम हर्षिता माथुर ने भी कई बार मिल प्रबंधन को चेतावनी दी। पिछले सप्ताह नोटिस जारी किया गया। फिर भी मिल प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई। इस पर डीएम ने सख्ती दिखाते हुए गन्ना विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए। फिर गन्ना विकास सहकारी समिति के सचिव अशोक कुमार ने चीनी मिल के प्रबंध निदेशक कुनाल यादव, महाप्रबंधक शुगर सेल चंद्रभान सिंह, जीएम फाइनेंस एवं एकाउंट अमित मेहरा, मुख्य वित्त अधिकारी डीके श्रीवास्तव, वाइस प्रेसीडेंट तेजवीर ढाका, यूनिट हेड इसरार अहमद के खिलाफ धोखाधड़ी एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।

    • कार्रवाई के बाद मची खलबली

    कासगंज। गन्ना विभाग द्वारा की गई कार्रवाई से चीनी मिल प्रशासन में खलबली मची हुई है। गन्ना किसानों के हित में प्रशासन द्वारा लिए गए निर्णय से चीनी मिल के अधिकारियों पर कार्रवाई होती दिखाई दे रही है।

    • आंकड़े की नजर से-

    8000 गन्ना किसानों ने पिछले साल बेचा था गन्ना।

    54 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा था मिल ने।

    19 करोड़ रुपये का ही अब तक भुगतान कर सकी है चीनी मिल।

    डीएम के निर्देश पर न्यौली चीनी मिल के एमडी सहित 6 अधिकारियों के खिलाफ गन्ना समिति के सचिव की ओर से मुकदमा दर्ज कराया है। किसानों का बकाया भुगतान जल्द कराने का प्रयास रहेगा-— 

    ओमप्रकाश सिंह, जिला गन्ना अधिकारी।

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