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    नैमिषारण्य\सीतापुर। भगवान का भजन ही मानव जीवन की सार्थकता आनन्द भाई शास्त्री

    गौरव दीक्षित

    नैमिषारण्य\सीतापुर। तीर्थ नैमिषारण्य श्री ललिता सेवा समिति के तत्वाधान में आयोजित अष्टोत्तरशत श्री मद भागवत कथा महोत्सव एवम कलियुग के सप्तम महाकुंभ के दूसरे दिन कथा की मंगल यात्रा में कथा ब्यास पूज्य आनन्द भाई शास्त्री ने भागवत जी  के महात्म्य जी की पावन चर्चा करते हुए बताया की इस संसार में एसी कोई समस्या नहीं जिनका समाधान भागवत जी में न हो और यदि मानव भागवत नाम का सहारा ले तो वो इस संसार इस समाज और परिवारके साथ कैसा संबंध होना चाहिए ये सीख सकता है। 

    एक श्री मद भागवत कथा श्रवण से जीव को 4 वेद 6 शास्त्र और 18 पुराणों की श्रवण का लाभ मिलता है मनुष्य भगवान को मानता है पर भगवान की नही मानता और यदि भगवान की मानने लगे और उसका जीवन भी मंगल मय बन सकता है पूज्य महाराज जी ने बताया की एक तो मानव जीवन मिलना बहुत कठिन फिर उस जीवन में अच्छा मानव बनना बहुत कठिन और उस पर भागवत जैसी कथा सुनना अति कठिन और वो कथा भी किसी तीर्थ में सुनने को मिले तो ये केवल और केवल माता पिता और पितरों के आशिर्वाद  से ही संभव हो सकता है पूज्य महाराज जी के भजनों पर भक्त व्रंद बहुत देर तक झूमते रहे इस अवसर पर पूर्व विधायक महोली अनूप गुप्ता प्रधान ठाकुर नगर दिलीप गुप्ता अन्य लोगो ने व्यासपीठ को प्रणाम कर पूज्य महाराज जी का आशिर्वाद लिया कथा के आयोजक रोहित शुक्ला संजीत शुक्ला आदि लोग भी कथा में उपस्थित रहें।

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