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    मियागंज\उन्नाव। आप गिद्ध है, इसलिए प्रसिद्ध हैं।

    मियागंज\उन्नाव। राजसूय यज्ञ में शनिवार की रात आयोजित कवि सम्मेलन में एक ओर राष्ट्र वंदना के स्वर गूंजे तो दूसरी ओर  हास्य व्यंग की तीखी फुहारों ने लोगों को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता गायत्री तपोवन हरिद्वार के ट्रस्टी तथा उच्च न्यायालय इलाहाबाद के वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र पांडेय ने की। उन्होंने धूमिल की कुछ व्यंग्य रचनाओं के माध्यम से वर्तमान व्यवस्था पर चर्चा की। देवी प्रसाद गुप्ता ने मंगल दीप प्रज्वलित किया।

    कवि सम्मेलन का शुभारंभ कवियत्री सीमा बाजपेई की सरस्वती वंदना से हुआ। मौदहा हमीरपुर से आए देवी प्रसाद गुप्त जी ने राजसूय यज्ञ में राष्ट्र भावना से ओतप्रोत कविताएं प्रस्तुत करके राष्ट्र प्रेम का साहित्यिक संदेश दिया। सीतापुर के अरुणेश मिश्रा ने  व्यंग्य रचनाएं सुनाकर लोगों को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने इस रचना पर खूब तालियां बटोरी -

    आप गिद्ध हैं, इस लिए प्रसिद्ध हैं।

    हम इंसान हैं, इस लिए परेशान हैं।।

    रजनीश मिश्र ने वीर रस की कविताएं सुनाकर समा बांध दिया। अतुल कपूर ने हास्य रस की कविताएं सुनाकर लोगों को बीते बचपन की याद दिलाई।

    'खुशी गम मिलकर बांट लेते थे।

     कभी झगड़े तो काट लेते थे।

     नाक बहती थी सर्दियों में जब

     जीभ से उसको चाट लेते थे।।'

    संयोजक मुकेश कुमार गुप्ता ने सभी कवियों को राजसूय यज्ञ का इस्मत चिन्ह भेंट किया।

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