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    वाराणसी। विकास की नई ऊंचाइयां प्राप्त कर रहा उत्तर प्रदेश : योगी आदित्यनाथ

    • वाराणसी में पीएम गति शक्ति मल्टीमॉडल शिखर सम्मेलन का हुआ आगाज
    • रोड कनेक्टिविटी को जोड़ा गया फोरलेन से : मुख्यमंत्री
    • यातायात व्यवस्था दुरुस्त होगी तो अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी : सर्बानंद सोनोवाल
    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश कर रहा हर क्षेत्र में तरक्की: पीयूष गोयल

    वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक दिवसीय वाराणसी दौरे के दौरान शुक्रवार को बड़ालालपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल सभागार में आयोजित अंतर्देशीय जलमार्गों की भूमिका को और मजबूत करने के उद्देश्य से पीएम गति शक्ति मल्टीमॉडल जलमार्ग शिखर सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। सम्मेलन में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पीएम गति शक्ति योजना के जरिए हर क्षेत्र में जो प्रगति हो रही है वह पूरा देश देख रहा है। इसका सबसे ज्यादा लाभ उत्तर प्रदेश को मिल रहा है। 

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में जल संसाधन उपलब्ध है और इससे विकास की रफ्तार और तेज पकड़ेगी। उन्होंने सम्मेलन को दुनिया के सबसे प्राचीन एवं महादेव की नगरी काशी में आयोजित किए जाने पर बधाई देते हुए कहा कि विगत आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयां प्राप्त कर रहा है। उत्तर प्रदेश सड़क परिवहन के दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। 12 से 13 एक्सप्रेस-वे पर कार्य तेजी से चल रहा है। रोड कनेक्टिविटी को फोरलेन से जोड़ा गया है। यहां से कृषि उत्पाद विदेशों एवं गल्फ कंट्रीयों में निर्यात किए जा रहे हैं। जिससे जहां किसानों की आय दोगुनी करने में सफलता मिली है। वहीं किसानों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। उन्होंने बताया कि पहला इनलैंडवाटर वेज प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बना है। उसकी जेटी का आज लोकार्पण व शिलान्यास भी यहां हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री गति शक्ति बहुत बड़ा प्लेटफार्म आ गया है। जो विकास योजनाओं को पूर्ण करने में तकनीकी रूप से मदद करेगी और काफी कम समय में ही विकास योजनाएं मूर्त रूप ले सकेंगे। जिसका लाभ सीधे- सीधे जनता को मिलने लगेगा। उन्होंने मंत्रीद्वय केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल व केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का ध्यान आकृष्ट कराते हुए बताया कि हिमालय से निकलने वाली सिल्ट से काफी नदियां क्षिक्षिलि हो गई थी। 

    उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कई नदियों का ड्रेजिग कराया गया। जिसका परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश में मात्र चार-पांच जिलों में ही बाढ़ आती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों को मूर्त रूप देने व उसे धरातल पर उतारने का प्रयास होगा।सम्मेलन में केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि यातायात व्यवस्था दुरुस्त होगी तो देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके लिए सरकार के अलग-अलग मंत्रालय महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व से देशवासियों में भरोसा जगा है कि आज हम हर क्षेत्र में तरक्की कर रहे हैं। सोनोवाल ने कहा कि जनता की शक्ति को दोगुना बढ़ाने के लिए पीएम ने सशक्तिकरण के लिए जो दिशा दी है जो विषय दिया है आज उसी के जरिए हम आगे बढ़ रहे हैं।​ पिछले आठ वर्षों विकास के पायदान पर हम लगातार आगे बढ़ रहे हैं। आज अगर वॉटरवेज की बात करें तो देश में 111 वॉटरवेज हैं जिसके जरिए हमारी यातायात व्यवस्था और दुरुस्त होगी प्रधानमंत्री गति शक्ति मल्टीमॉडल जलमार्ग शिखर सम्मेलन की चर्चा करते हुए सोनोवाल ने कहा कि इस कार्यक्रम के जरिए जो विशेषज्ञों की राय निकलकर सामने आएगी उसके जरिए विकास को गति दी जाएगी। 

     सम्मेलन में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि गति शक्ति जैसा टूल्स किसी के पास नहीं है। प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में तरक्की कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री गुजरात के मुख्यमंत्री थे। तब गुजरात में इंफ्रास्टक्चर के क्षेत्र में तेजी से प्रगति और साल 2014 के बाद देश भर में इस क्षेत्र में प्रगति हो रही है। 

    सम्मेलन में भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय बंदोपाध्याय ने कहा कि जेएमवीपी परियोजना के तहत वाराणसी से चार राज्यों में हल्दिया तक कार्गो और यात्रियों को ले जाने की योजना बनाई गई है। शिखर सम्मेलन के दौरान हुई चर्चा से हमें इसके लिए एक योजना और कार्यान्वयन कार्यक्रम को अंतिम रूप देने में मदद मिलेगी। शिखर सम्मेलन में पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टरप्लान को डिकोड करने और औद्योगिक और वाणिज्यिक समूहों के लिए उन्नत मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी पर पूर्ण सत्र आयोजित किए गए। चर्चा सत्रों में राज्य और केंद्र सरकार के राजनीतिक नेतृत्व और शीर्ष नौकरशाहों, उद्योग के कप्तानों और क्षेत्र के विशेषज्ञों ने देश के रसद पारिस्थितिकी तंत्र में अंतर्देशीय जलमार्गों की भूमिका को मजबूत करने के लिए प्रासंगिक विषयों पर विचार-विमर्श किया। अंतरराज्यीय मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को मजबूत करने, क्षेत्रीय एकीकरण को बढ़ाने, लॉजिस्टिक दक्षता बढ़ाने और नदी क्रूज पर्यटन के लिए नए रास्ते तलाशने के लिए सम्मेलन में विशेष रुप से चर्चा हुई।  शिखर सम्मेलन में असम के लिए इलेक्ट्रिक-बैटरी चालित हाइब्रिड कटमरैन के लिए भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के बीच एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए।सम्मेलन में खालिद महमूद चौधरी जहाजरानी राज्य मंत्री बांग्लादेश सरकार, डॉ तरुण कपूर भारत के प्रधान मंत्री के सलाहकार, डॉ संजीव रंजन सचिव बंदरगाह मंत्रालय के अलावा नेपाल, भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री दयाशंकर सिंह, श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टांप एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल, आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र 'दयालु', महापौर मृदुला जायसवाल, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, डॉ अवधेश सिंह के अलावा कई प्रतिनिधि आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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