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    कानपुर। गीता श्लोक प्रतियोगिता एवं पुरस्कार वितरण समारोह।

    इब्ने हसन ज़ैदी\कानपुर। बी0एन0एस0डी0 षिक्षा निकेतन बालिका विद्यालय में स्व0 दीपक लाहोटी की पुण्य स्मृति में  लक्ष्मी देवी लाहोटी चेरिटेबिल ट्रस्ट द्वारा गीता जयन्ती पर ‘‘गीता ष्लोक प्रतियोगिता एवं पुरस्कार वितरण समारोह’ का आयोजन हुआ। जिसका शुभारम्भ डाॅ0 उमेष पालीवाल ( प्रबन्ध निदेशक - पालीवाल डायग्नोस्टिक प्रा0 लि0), मा0 डाॅ0 सुवेन्दु सामन्ता जी ( प्रोफेसर - आई.आई.टी. कानपुर ) ने माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन तथा स्व0 दीपक लाहोटी जी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। मुख्य वक्ता  डाॅ0 सुवेन्दु सामन्ता जी ने अपने उद्बोधन में प्रतिभागियों का मार्गदर्षन करते हुये कहा कि हमारे भारत देष का अतीत अत्यन्त गौरवषाली रहा है। धर्म की अवधारणा हमारे देष से ही प्रारम्भ हुयी है। वेद संसार के प्राचीनतम ग्रन्थ हैं। वेदों की रचना भारतवर्श में ही हुयी है। धर्म, संस्कृति, सभ्यता का प्रसार सर्वप्रथम यहीं हुआ।

    अध्ययन ही विद्यार्थी का परम लक्ष्य है अतः उसे एकाग्र होकर कर्म करते रहना चाहिए। जीवन में हमें परीक्षाओं से भयभीत नहीं होना चाहिए। विपरीत परिस्थितियों में भी संघर्श करते हुए आगे बढ़ना ही सफलता का प्रमुख ध्येय है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मा0 पं0 रमाकान्त मिश्र  ने अपने अध्यक्षीय आषीर्वचन में स्व0 दीपक लाहोटी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाष डालते हुए कहा कि दीपक लाहोटी ने सदैव गीता के मर्म के अनुसार अपने जीवन में कार्य किया।

    आगन्तुक अतिथियों का परिचय, स्वागत एवं स्मृति चिन्ह भेंट गीता जयन्ती उत्सव की संयोजिका श्रीमती मंजू षुक्ला ने एवं संचालन ब0 कामाक्षी एवं ब0 षारवी ने किया। आभार प्रदर्षन मा0 बी0के0 लाहोटी जी ने किया। विद्यालय की छात्रा ब0 वैश्णवी परिहार द्वारा प्रस्तुत गीत ‘‘गीता हृदय भगवान का.....  ’’ ने वातावरण को दिव्य एवं पवित्र बना दिया।

    इस प्रतियोगिता में 30 विद्यालयों के 120 प्रतिभागियों ने प्रतिभागिता की। प्रतियोगिता पंचम से अश्टम कनिश्ठ तथा नवम से द्वादष वरिश्ठ दो वर्गाें में सम्पन्न हुई ।  छात्र छात्राओं ने श्रीमद्भगवद गीता के ष्लोकों का सस्वर वाचन किया। प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त छात्र/छात्राओं को मुख्य अतिथि द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।  डाॅ0 सुधा गुप्ता एवं डाॅ0 स्नेह अवस्थी ने निर्णायक के पद को गौरवान्वित किया।  प्रतियोगिता के अवसर पर मुदित लाहोटी, करूणा लाहोटी सहित विभिन्न विद्यालयों के षिक्षक/षिक्षिकाओं ने उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाया।

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