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    मियागंज\उन्नाव। राजसूय यज्ञ में जल, थल और वायु सेना को सशक्त बनाने हेतु दी गई आहुतियां, यज्ञ के सुगंधित धुएं से महक उठा मियागंज।

    मियागंज\उन्नाव। राजसूय यज्ञ के तीसरे दिन देश की जल, थल और वायु सेनाओं को सशक्त बनाने के लिए श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रों से विशेष स्वाहाकार आहुतियां दीं। सुबह 10:00 बजे ही यज्ञशाला पूरी तरह भर गई। देर से आए श्रद्धालुओं को प्रतीक्षालय में यज्ञ के लिए 2 घंटे तक प्रतीक्षा करनी पड़ी। दूसरी पारी में उन्हें राजसूय यज्ञ करने का अवसर मिला। विशिष्ट अतिथि के रुप में आमंत्रित ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के प्रांतीय महासचिव श्री देवी प्रसाद गुप्त तथा डॉक्टर कृष्ण गोपाल गुप्ता ने श्रद्धा पूर्वक देव मंच पर पूजन किया।

    राजसत्ता के प्रतिनिधि के रूप में क्षेत्रीय विधायक बम्बा लाल दिवाकर ने राजसिंहासन और राजदंड का पूजन किया। यज्ञ संसद के वरिष्ठ आचार्यों ने विधायक के सिर पर राजमुकुट रखकर सुशासन चलाने का आशीर्वाद दिया। भाजपा के राष्ट्रीय महा सम्पर्क अभियान प्रमुख अजय बाजपेई के सिर पर भी धर्माचार्यों ने राजमुकुट रखकर उनके उज्जवल राजनीतिक भविष्य की मंगल कामना की। कहा कि वे राष्ट्र को विश्व गुरु बनाने में अपनी प्रतिभा व राजनैतिक कौशल का सदुपयोग करें। देव मंच के सामने द्वादश गणपति वेदी, नवग्रह मंडल वेदी, सर्वतोभद्र वेदी, सप्त ऋषि मंडल वेदी, चौसठ योगिनी वेदी व षोडश मातृका वेदी आदि विशिष्ट वेदियों पर श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रों के साथ पूजन किया। 

    देव पूजन तथा विविध यज्ञीय कर्मकाण्ड के बाद विश्व शांति, राष्ट्र को प्रगतिशील बनाने हेतु, शत्रुवृत्ति के विनाश हेतु, अखिल विश्व के भरण-पोषण हेतु तथा संपूर्ण विश्व में प्यार, सहकार और मैत्री भाव बढ़ाने के लिए विशेष वैदिक मंत्रों के साथ हजारों श्रद्धालुओं ने आहुतियां प्रदान की। भारत देश को विश्व का नेतृत्व करने में समर्थ, जागृत व चेष्टावान बनाने के लिए भी मंत्राहुतियां दी गई। 

    राष्ट्र के प्रतिभावान शिक्षकों, चिकित्सकों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों, सांसदों, विधायकों ग्राम प्रधानों, जिला एवं नगर पंचायत अध्यक्षों व जनसेवा-रत लोकसेवकों के लिए प्रतिभा प्रोत्साहन हेतु तथा उच्च पदों की प्राप्ति हेतु विशेष वैदिक मंत्रों से आहुतियां प्रदान अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, नागरिकों को ऐश्वर्यवान बनाने तथा प्रजा के सुख-साधनों में वृद्धि के लिए विशेष वैदिक मंत्रों से  आहुतियां दी गई। आचार्य छबीलदास मिश्रा ने वायु प्रदूषण तथा जल प्रदूषण दूर करने के लिए और बिगड़े हुए ऋतु चक्र के संशोधन के लिए विशेष आहुतियां दिलाईं।  राजसूय यज्ञ से उत्पन्न ऊर्जा को सर्व कल्याण और राष्ट्र के समग्र विकास में नियोजित करने के लिए मौन तांत्रिक आहुति दी गई। राजसूय यज्ञ से निकले सुगंधित धुएं से पूरा मियागंज महक उठा। 

    नि:शुल्क संपन्न कराए गए विविध संस्कार

    राजसूय यज्ञ में मुंडन, यज्ञोपवीत अन्नप्राशन, विद्यारंभ पुंसवन व नामकरण आदि संस्कार निशुल्क संपन्न कराए गए। अनेक अस्वस्थ चल रहे परिजनों के स्वास्थ्य लाभ के लिए महामृत्युंजय मंत्र से आहुतियां दी गई। यज्ञ स्थल पर चल रहे माता भगवती देवी भोजनालय में हजारों श्रद्धालुओं ने नि: शुल्क भोजन प्रसाद ग्रहण किया। इससे पूर्व शुक्रवार की शाम पावन प्रज्ञा पुराण की कथा में कथा व्यास गंगा सिंह ने यज्ञ और संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला।

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