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    नैमिषारण्य\सीतापुर। हम सबको करना चाहिए एक दूसरे के धर्म का सम्मान : महंत संतोष दास खाकी

    नैमिषारण्य\सीतापुर। शनिवार को नैमिषारण्य तीर्थ स्थित दुर्गा शक्ति साधना केंद्र में विश्व हिंदू परिषद के द्वारा हित चिंतक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस आयोजन में नैमिष की चौरासी कोसीय परिक्रमा के साधु संतों के अलावा वृंदावन, अयोध्या, हरियाणा सहित विभिन्न स्थानों के साधु संत सम्मिलित हुए। 

    कार्यक्रम की अध्यक्षता नारादानंद आश्रम के जगदाचार्य स्वामी देवेंद्रानंद सरस्वती ने की । उन्होंने कहा कि बीती पांच शताब्दियों से सनातन धर्म शनै शनै घटता जा रहा है जिसके लिए बाह्य शक्तियों की अपेक्षा आंतरिक शक्तियाँ ज्यादा जिम्मेदार हैं । आज सनातन धर्म से निकले सिख, जैन और बौद्ध पंथों द्वारा ही सनातन धर्म को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में हम सबको मतभेद भुलाकर आगे बढ़ना चाहिए। सभी का स्वागत सम्मान चौरासी कोसीय परिक्रमा समिति के सचिव महंत संतोष दास खाकी ने किया।  महंत जी ने बताया कि यह आयोजन संत समाज को जागरूक कर विभिन्न पंथों में फैले मतभेदों को कम करने व धर्मांतरण, लव जिहाद जैसी गतिविधियों के विषय में लोगों को सतर्क करने के लिए किया गया। 

    नव बौद्धों द्वारा सनातन धर्म के प्रतीक चिन्हों, देवी देवताओं पर अपमान जनक बातें करने की घोर निन्दा की, उन्होंने कहा कि हम सबको एक दूसरे के धर्म का सम्मान करना चाहिए । इस मौके पर स्वामी विद्यानंद सरस्वती, अयोध्या के संत प्रज्ञा चक्षु अवधेश दास महाराज, पहला महंत नारायण दास, प्रह्लाद दास, प्रीतम दास, सोनिकपुर के अनुज दास, रामचरण दास त्यागी, मुनींद्र अवस्थी, भास्कर मिश्रा, विमल मिश्रा, महेंद्र, पंडित आत्मप्रकाश, विनीत मिश्रा, प्रज्ज्वल दीक्षित आदि जन मौजूद रहे। 

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