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    सीतापुर। राम वह हैं जिन्हे देखकर उनके बैरी भी उनकी बड़ाई करते हैं-साध्वीं ऋचा

    .......... रामकथा व गायत्री महायज्ञ के साथ मानस मेले का हुआ समापन

    सीतापुर। 2 नवम्बर से प्रारम्भ अखिल भारतवर्षीय श्रीरामचरित मानस मेला समिति द्वारा आयोजित मानस मेला व गायत्री महायज्ञ का समापन साध्वी ऋचा मिश्रा की रामकथा के साथ संम्पन्न हो गया। प्रातः काल निर्देश शास्त्री द्वारा श्रीमद्भागवत कथा सुनाई गई। साध्वी ऋचा मिश्रा ने कहा कि यह सीतापुर की वह पूण्य भूमि है जहां नैमिष की पावन धरा पर सर्वप्रथम कथा कही गयी। आज हमें भी इस पवित्र पावन धरा पर कथा कहने का सुअवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी के निर्माण से आज तक अगर कहीं सुंदरता की चर्चा होती है तो कामदेव की होती है परंतु जब राम जी से तुलना की जाती है। करोड़ो कामदेव मेरे राम के समक्ष फीके पड़ जाते हैं। राम वह हैं जिन्हें देखकर उनके वैरी भी उनकी बड़ाई करते हैं। रावण तक राम की बड़ाई करता था, जो भी अपने को उन्हें समर्पित कर देंते हैं उनका स्वयम उद्धार हो जाता है। 

    रामकथा सुनातीं कथा व्यास

    कथा समापन के अवसर पर समिति के अध्यक्ष विस्वम्भर तिवारी व व्यवस्थापक कमलेश पांडेय ने सभी का आभार प्रदर्शित करते हुए अगले वर्ष पुनः सफल आयोजन के लिए सभी को आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मेरी कामना है यह उत्सव 1918 से चल रहा है तथा जब तक सृष्टि रहे तब तक अनवरत चलता रहे। जिन जाने अनजाने धर्मानुरागी सज्जनों ने इस आयोजन में सहयोग किया है समिति उनकी आभारी है। महामंत्री सुषमा त्रिवेदी, उपाध्यक्ष महिपाल सिंह चौहान, कोषाध्यक्ष भानुप्रकाश चतुर्वेदी, उत्तम वैश्य, सुजीत राठौर, पंकज पांडेय, नैमिष रत्न तिवारी, दिनेश मिश्र, कृष्ण बिहारी, सुनील टण्डन, आकाश अग्रवाल, अभय श्रीवास्तव, आशुतोष, अनिल तिवारी ने कार्यकतम में आगे बढ़कर सहयोग किया। उक्त अवसर पर दिनेश मिश्र, अशोक मिश्र सगुण, कल्पना पांडेय, पूनम मिश्रा, अरुणेश मिश्र, रजनीश मिश्र, झनकार नाथ, आराध्य शुक्ल, आशीष शास्त्री सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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