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    कानपुर। आचार्य विनोबा भावे के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा कर उनके चित्र पर माल्यार्पण किया।

    तकी हैदर\कानपुर। राष्ट्रीय लोक दल के तत्वाधान में कार्यालय सब्जी मंडी बादशाही नाका में आचार्य विनोबा भावे  के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा कर उनके  चित्र पर माल्यार्पण किया गया!मुख्य वक्ता  सुरेश गुप्ता अध्यक्ष उत्तर प्रदेश खादी ग्रामोद्योग  महासंघ ने बताया कि आचार्य विनोबा भावे जी ने राष्ट्र निर्माण हेतु भूदान आंदोलन चलाकर भूमिहीनों को  राजा और महाराजा से जमीन दिलाने का काम किया वह महात्मा गांधी के अग्रणी शिष्यों में एक थे सदैव महात्मा गांधी के मार्ग का अनुसरण करते हुए अपना जीवन राष्ट्र निर्माण में लगाया, उनका जन्म  11 सितम्बर 1895 गंगोड़े महाराष्ट्र में हुआ था, उनके पिता का नाम नरहरी शंभूराव था, वह समाज सुधारक ,लेखक ,चिंतक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे वह भगवत गीता के मर्मज्ञ थे। 

    विनोवा को महात्मा गांधी  से पहली मुलाकात 7 जून 1916 में हुई और विनोबाजी पर उनका गहरा प्रभाव पड़ा उन्होंने अपना समस्त जीवन महात्मा गांधी  की राह पर चलते हुए देश की सेवा में लगा दिया ,भावे जी ने भूदान आंदोलन 18 अप्रैल 1950 को शुरू किया था और उन्होंने अपनी भूमि सबसे पहले दान दी थी। आचार्य जी ने कहा था कि "मनुष्य जितना ज्ञान के रंग में रंग गया हो, उतना ही कर्म के रंग में रंग जाता है" तथा "ज्ञानी वह है जो वर्तमान को ठीक से समझ कर परिस्थिति के अनुसार आचरण करें" उन्हें 1983 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया भूदान आंदोलन में कानपुर में भी सैकड़ों बीघा जमीन भू दान में मिली थी जिन्हें जिसे उन्होंने गरीबों में बांटा फिर भी काफी जमीने जमीनों पर हु माफियाओं का कब्जा हो गये है जिसके लिए शासन से लिखा पढ़ी चल रही है। 

    कार्यक्रम की अध्यक्षता मोहम्मद उस्मान महानगर अध्यक्ष राष्ट्रीय लोक दल ने किया तथा संचालन  अश्वनी त्रिवेदी महामंत्री ने किया कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सभी श्री सचिन पांडे, पीयूष कश्यप, बाबू सिंह, सुंदर साहू, अनिल यादव, रमाकांत मिश्रा,अबरार अहमद ,दीपक शर्मा, मोहम्मद नसीम,आदि प्रमुख थे। 

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