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    भरतकुंड। भरतकुंड महोत्सव का तीसरा दिन महिलाओं की सकारात्मक ऊर्जा का गवाह बना।

    • दुरदुरिया पूजन ने उकेरा सामाजिक समरसता का भाव..
    • लहरा उठा ग्यारह हजार सुहागिन महिलाओं के लाल पीले आंचलों का समुद्र..

    भरतकुंड। परिवार, समाज की रक्षा के लिए पूजापाठ के बने कड़े से कड़े नियमों का पालन सुगमता के साथ कर लेना महिलाओं के लिए मानों ईश्वरीय वरदान है। चार दिन पूर्व छठ की कठिन तपस्या से गुजरने के बाद भी समाज के दुखों को दुरदुराने के लिए अयोध्या सम्राट महात्मा भरत की तपोस्थली नंदीग्राम में महिलाओं को रेला उमड़ पड़ा। ऐसा समा बंधा कि लाल पीले आंचल का समुद्र लहराने लगा। 

    दुरदुरिया पूजन की सफलता के लिए  प्रदेश सरकार के  अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने दीप प्रज्वलन किया। महिलाओं में ऐसी ताकत है कि वो समाज और देश में बहुत कुछ बदल सकें। समाज में किसी समस्या को पुरुषों से बेहतर ढ़ंग से निपट सकती है। देश और परिवार के नुकसान को अच्छी तरह से समझ सकती है। आर्थिक स्थिति का प्रबंधन हो या सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से देश निर्माण करने में महिलाएँ पूरी तरह से सक्षम है।

    गाँव से लेकर शहर तक सामूहिक रूप से सुहागिन महिलाओं द्वारा एक पूजा बड़ी ही आस्था के साथ की जाती है। जिस पूजा को महिलाएं ‘अवसान देवी की दुरदुरैय्या’ कहती है। यह खास पूजा अक्सर शुभ कार्यों के बाद घर या धार्मिक स्थान पर महिलाएं करती है। पूजा होने के बाद प्रसाद के रूप में लइय्या ,चना और गुड़ या मिठाई खिलाई जाती है। 

    भरतकुंड महोत्सव का तीसरा दिन महिलाओं की सकारात्मक ऊर्जा का गवाह बन गया। यही नहीं यह दुरदुरिया पूजन सामाजिक समरसता का भाव भी उकेर गया। अल्पसंख्यक मंत्री ने दुरदुरिया पूजन की सफलता के लिए दीप प्रज्वलन किया। मालूम हो कि यह पूजन पश्चिम बंगाल से चलकर उत्तर प्रदेश में आया है और जिस औसान देवी की पूजा होती है वह अल्पसंख्यक समुदाय से मानी जाती हैं।

    नंदीग्राम आने वाली हर पगडण्डी, कच्ची पक्की सड़क पर महिलाओं का हूजूम दिखाई पड़ा। भरतकुंड महोत्सव में समाज कल्याण के लिए मातृ शक्तियों  का आवाहन दुरदुरिया पूजन के लिए किया गया था। क्षेत्रीय महिलाओं के अलावा जनपद के दूरदराज क्षेत्रों तथा निकटवर्ती जिलों से भी भारी संख्या में महिलाएं इस कार्यक्रम में शामिल रहीं। प्रशासन भी यातायात व्यवस्था को लेकर सक्रिय दिखाई पड़ा। कई रास्तों को डायवर्ट भी किया गया था।  दुरदुरिया पूजन में इक्तीस कुंटल लैया, छ कुंटल गुड, तीन कुंटल चना के साथ अन्य सामग्री की व्यवस्था महोत्सव आयोजकों ने किया था।दुरदुरिया पूजन के बाद महिलाओं को प्रसाद स्वरूप भोजन भी कराया गया।

    महोत्सव न्यास के सभी पदाधिकारी अध्यक्ष अंजनी कुमार पांडे के नेतृत्व में तथा क्षेत्रीय स्वयंसेवक, भरतकुंड महोत्सव युवा मंच के युवा कार्यकर्ता महोत्सव सचिव अंबरीश चंद्र पांडेय के नेतृत्व में सुबह से ही मुस्तैदी से डटे रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में  अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की पत्नी कीर्ति वर्मा उपस्थित रही, मात्र शक्तियों के साथ स्वयं भी दुरदुरिया पूजन मे भाग लिया। गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी में दुरदुरिया पूजन का एक नया कीर्तिमान बना। 

    संस्था के महासचिव सतीश पांडे, महंत अरविंद तिवारी, संयोजक देवा यादव, मुख्य दुरदुरिया प्रभारी मंजू निषाद, साहब दीन गौड़, प्रियंका शर्मा, योगेश मिश्रा, शत्रुघ्न मोदनवाल, विजेंद्र दुबे,अश्वनी तिवारी, काजल पाठक,  जितेंद्र दुबे, हरिप्रसाद निषाद, शिवलाल प्रजापति, राधेश्याम शुक्ला, महंत पवन तिवारी, महंत राम नारायण दुबे, रीता तिवारी, अनीता सिंह, ललिता, अनीता मोदनवाल, दिवाकर शर्मा, शुभम पांडे, शुभम गुप्ता, रजत, आशुतोष, रवि निषाद, राजेंद्र पांडे, आदित्य, शिवम मिश्रा , आशा, मीरा, अनुराधा, माला, विश्वकर्मा, सपना, तथा अन्य वालंटियर और प्रभारी कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे।

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