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    मिश्रित\सीतापुर। अवैध कब्जे हटवा पाने में तहसील प्रशासन दबंगों के आगे नतमस्तक, पीड़ित दर-दर भटकने को मजबूर।

    मिश्रित\सीतापुर। प्रदेश सरकार जमीनों पर अवैध कब्जों के मामलों में जहां कड़ा रुख अपनाए हुए हैं वही ठीक इसके उलट सरकारी अभिलेख खतौनी दर्ज भूमि स्वामियों की जमीनों पर दबंग अवैध रूप से कब्जा जमा कर शासकीय मंसूबों की मिश्रिख तहसील क्षेत्र में हवा निकाल रहे हैं वही दबंगों के अवैध कब्जे हटवा पाने में तहसील प्रशासन भी लेखपालों की दूषित नीतियों के चलते नकारा ही साबित हो रहा है और पीड़ित लंबे समय से दर-दर की ठोकरें खाने पर मजबूर होते चले आ रहे हैं। 

    मामले में प्राप्त जानकारियों के अनुसार मिश्रित तहसील मुख्यालय के डाक बंगला के पीछे स्थित भूमि गाटा संख्या 354 रकबा  0.210 हेक्टेयर भूमि जरिए बैनामा निराश्रित महिला मीरा सिंह ने 16 अक्टूबर 2014 को क्रय की थी जिस पर दबंगों और भू माफियाओं ने जबरिया कब्जा कर रखा है पीड़िता लगभग एक सैकड़ा प्रार्थना पत्र तहसील प्रशासन और जिला प्रशासन के साथ ही उच्च प्रशासन को न्यायोचित कार्यवाही के लिए भेज चुकी  है लेकिन दूषित नीतियों के चलते राजस्व निरीक्षक और लेखपाल मौके पर  जमीन न होने की बात कह कर शासन और प्रशासन को निरंतर गुमराह करते चले आ रहे हैं लेकिन यह बताने की जहमत कोई नहीं उठा रहा है कि मीरा सिंह के नाम खेतावनी पर दर्ज  जमीन आखिरकार गई तो गई कहा उसे आसमान उठा ले गया या फिर निगल गया पाताल दोषियों पर कार्यवाही न होना प्रदेश शासन के मंसूबों को फेल करता हुआ मामला प्रशासनिक निष्क्रियता को खुलेआम उजागर कर रहा है इसी तरह तहसील क्षेत्र के ग्राम खरगापुर कल्ली निवासिनी मूला पत्नी जगदीश की भूमि गाटा संख्या 133 मि० रकबा 00130 गांव के ही दबंग कामता किशोरी तथा सुरेश ने जबरिया कब्जा करके उसे अपने खेत में मिला लिया है दबंगों से अपनी जमीन कब्जा मुक्त कराने के लिए पीड़िता तहसील प्रशासन से लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ ही मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर कई शिकायती पत्र देकर और दर्ज कराकर न्याय की गुहार लगा चुका है लेकिन संबंधित लेखपाल और कानूनगो सहित इलाकाई पुलिस की दूषित नीतियां पीड़ित को उसकी जमीन मिलने में बाधक बनी हुई है इसी तरह मिश्रित तहसील के ही ग्राम पियना मजरा पनाह नगर में कमलेश पुत्र मैकू के नाम दर्ज खतौनी जमीन गाटा संख्या 39 रकवा 0.3040 हेक्टेयर पर गांव के ही प्रकाश पुत्र वचनू ने अपनी पत्नी के नाम एक फर्जी बैनामा के सहारे जबरदस्ती कब्जा कर लिया है पीड़ित तहसील प्रशासन से लेकर इलाकाई थाना नैमिषारण्य पुलिस और मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर कई शिकायतें दर्ज करा कर न्याय की गुहार लगा चुका है लेकिन इस मामले में भी क्षेत्रीय लेखपाल और इलाकाई पुलिस अनावश्यक मनमाने तर्क देकर मामले का फर्जी निस्तारण करके पीड़ित को न्याय मिलने में निरंतर बाधक बने हुए हैं दबंग भूमाफिया के विरुद्ध प्रशासन दूषित नीतियों के चलते कार्यवाही नहीं कर रहा है और पीड़ित न्याय मांगता हुआ एख दर्जन से अधिक प्रार्थना पत्र अधिकारियों को दे चुका है फिर भी कार्यवाही के अभाव में उसकी फरियाद नक्कारखाने में तूती की तरह गायब होती चली जा रही है । उक्त मामले तो एक बनगी ही है  मिश्रित तहसील  का आलम तो यह है कि फरियादी दर-दर भटक रहे हैं और दबंग भूमाफिया छान रहे हैं मौज मामलों में देखना यह है कि पीड़ितों को कब मिल पाएगा न्याय या प्रशासन के लचर  मंसूबे और दूषित नीतियां शासन के मंसूबों को करती रहेगी दागदार।

    संदीप चौरसिया तहसील मिश्रिख की रिपोर्ट।।

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