Header Ads

  • INA BREAKING NEWS

    नई दिल्ली। भूकंप इंजीनियरिंग पर 17वीं संगोष्ठी आईआईटी रुड़की में आयोजित की जाएगी।

     सैयद उवैस अली 

    रुड़की\नई दिल्ली। भूकंप इंजीनियरिंग पर संगोष्ठी एक चतुर्वर्षिक कार्यक्रम है जो देश में भूकंप इंजीनियरिंग के ज्ञान को आगे बढ़ाने के उद्देश्य के साथ इंजीनियरों, भूवैज्ञानिकों, भूकंपविदों और वैज्ञानिकों को एक साथ लाने के लिए 1959 से आयोजित किया जाता रहा है । भूकंप इंजीनियरिंग पर संगोष्ठी का 17वां संस्करण (17 एसईई) इस वर्ष 14-17 नवंबर 2022 तक आयोजित किया जा रहा है। उद्घाटन समारोह मैक ऑडिटोरियम आईआईटी रुड़की में आयोजित किया गया। सम्मेलन हमारे देश में भूकंप इंजीनियरिंग की वर्तमान स्थिति की समझ को बढ़ाने का प्रयास करता है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड के मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू प्रतिष्ठित रहे।

    इस अवसर पर बोलते हुए, उत्तराखंड के मुख्य सचिव, डॉ. एसएस संधू ने कहा, "भूकंप इंजीनियरिंग पर संगोष्ठी जैसे कार्यक्रम भूकंप के खतरों के बारे में ज्ञान का प्रसार और जागरूकता फैलाने में मदद करते हैं, और अर्थक्वेक रेसिलिएंस, इमारतों और व्यवसायों की सुरक्षा, और संबंधित उपलब्धियों और चुनौतियों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रकाश डालते हैं। मैं इस आयोजन के लिए आईआईटी रुड़की को बधाई देता हूं और आशा करता हूं कि संस्थान इस महत्वपूर्ण विषय पर जानकारी और जागरूकता फैलाने की दिशा में काम करना जारी रखेगा”।

    भूकंप विभाग के प्रमुख और कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रोफेसर पंकज अग्रवाल ने कहा, "भूकंप इंजीनियरिंग पर संगोष्ठी देश में भूकंप इंजीनियरिंग अनुसंधान को विकसित करने की दिशा में भविष्य के प्रयासों को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पहले आयोजित संगोष्ठियों ने शहरी और ग्रामीण आवासों में भूकंप प्रतिरोधी डिजाइन सुविधाओं के विकास और समावेश, आईएस कोड के विकास और संशोधन और आपदा शमन योजना के विकाशन में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। मुझे विश्वास है कि संगोष्ठी इंजीनियरिंग अनुसंधान का मार्गदर्शन और आकार देना जारी रखेगी और ऐसे समाधान विकसित करने में सहायता करेगी जो जीवन और संपत्ति को सुरक्षित और संरक्षित करने में मदद करें।“ 

    इस अवसर पर आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के के पंत ने कहा, "भूकंप प्राकृतिक आपदाएं हैं जो कमजोर इमारतों, लोगों और अर्थव्यवस्था को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकती हैं। हालांकि, उन्नत अनुसंधान और समाधानों की मदद से भूकंप के हानिकारक प्रभाव को काफी कम किया जा सकता है। भूकंप के प्रभाव को कम करने के लिए समाधान खोजने के लिए बहु-विषयक अनुसंधान को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। भूकंप इंजीनियरिंग पर संगोष्ठी जैसे कार्यक्रम दिखाते हैं कि कैसे बेहतर शोध और बेहतर समाधान समुदायों और व्यापार को भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाने में मदद कर सकते हैं। मैं इस आयोजन के लिए भूकंप इंजीनियरिंग विभाग को बधाई देता हूं और आशा करता हूं कि इस तरह के आयोजनों से भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के बारे में हमारी समझ में वृद्धि होगी”।

    Post Top Ad


    Post Bottom Ad


    Blogger द्वारा संचालित.