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    सीतापुर। बरस रही है आपदा, चौपट तिल्ली, धान, मुख से गायब हो गई हलधर की मुस्कान

    .......... लगातार हो रही भारी बारिश गाँजर में जल प्रलय से मचा हाहाकार

    शरद कपूर/सीतापुर। बीती 5 अक्टूबर से लगातार आसमानी आफत ने जनपद के किसानों  एवं आम जनजीवन पर कहर सा बरपा रखा है 1 सप्ताह से कहीं रुक रुक कर कहीं झमा झम भारी बरसात के चलते एक ओर जहां आम जनजीवन अस्त व्यस्त था हो गया है वहीं दूसरी ओर इस बेमौसम की बरसात ने किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है किसानों को धान दिल्ली सहित अन्य फसलों का भी भारी नुकसान हुआ है।

    भारी बरसात से गिरी पड़ी धान की फसल

    इस संबंध में आई एन ए संवाददाता शरद कपूर ने जिले के कुछ किसानों से बातचीत की तो उन्होंने अपना दर्द कुछ इस प्रकार से बयां किया। विकासखंड खैराबाद के ग्राम रहिमला निवासी छोटे लाल चौधरी का कहना है कि यह पानी नहीं एक प्रकार से आसमान से आफत बरस रही है उन्होंने बताया कि एक ओर जहां भादो पूरा सुखा निकल गया जिस समय धान की अच्छी पैदावार के लिए किसानों को अत्यधिक पानी की आवश्यकता होती है उस समय तो पानी गिरा नहीं लेकिन अब जब धान कटने की कगार पर खड़ा है तो खेतों में खड़ा धान ज्यादा बरसात के कारण डूब एवं लेट गया है जिससे निश्चित रूप से हम लोगों को नुकसान हुआ है।सुजावलपुर निवासी नैनू लोधी राजपूत जो कि एक छोटे काश्तकार है उन्होंने बताया कि हमने यह जमीन पर ध्यान दो रखा था और इस बार फसल भी अच्छी हुई थी उन्होंने कहा कि सावन एवं भादो में बरसात ना होने से खेतों में पंपिंग सेट से पानी भरना पड़ा जिसमें हजारों रुपया डीजल पर खर्च हो गया अब धान कटाई के समय अत्यधिक वर्षा के कारण धान काटने नहीं मिल रहा है जिसका विपरीत प्रभाव निश्चित रूप से धान की फसल पर पड़ना स्वाभाविक है।

    मोहित राजपूत, लक्ष्मणपुर - परसेंडी के कास्तकार 

    विकासखंड परसेंडी के ग्राम लक्ष्मणपुर निवासी युवा कास्तकार मोहित राजपूत ने बताया धान के साथ ही दिल्ली की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है, मोहित का कहना है कि धान जो गिरा नहीं या डूबा नहीं है वह तो फिर भी बच जाएगा लेकिन दिल्ली की फसल लगातार मूसलाधार बारिश से उसके जाने पर जाने से बालियां खाली हो गई है जिससे छत पूरी की पूरी फसल चौपट हो गई है। मोहित राजपूत ने यह भी बताया कि उनका 20 बीघे का गन्ना भी इस भारी बरसात में बर्बाद कर दिया है क्योंकि भारी बरसात के कारण गन्ने खेतों में पानी भर गया जिस कारण नीचे से गन्ना करने लगा और वह गिर गया है।

    ग्राम जलालपुर निवासी गोविंद भार्गव नाम किसान का कहना है कि धान दिल्ली गन्ना गेहूं के साथ-साथ इस बार उर्दू को भी इस बरसात ने भारी नुकसान पहुंचाया है गोविंद का कहना है यह बरसात हम किसानों पर एक कहर बनकर टूटी है, जिसकी भरपाई हम किसानों को कर्ज में डूब कर करनी पड़ेगी उनका कहना है कि एक तो किसान पहले से ही कर्जे में डूबा हुआ है अब उसकी यह फसलें भी खराब होने से उस पर एक बड़ा आर्थिक बोझ पड़ गया है।

    उधर जिले के गांधी ने इलाके में बारिश और वह राज्यों से छोड़े गए पानी ने भयंकर तबाही मचा रखी है शारदा आगरा के जल टांडव से हाहाकार मचा हुआ है समूचे गंजरी इलाके में जल कर्फ्यू और लॉकडाउन जैसे हालात पैदा हो गए हैं सैकड़ों घरों घरों में बाढ़ का पानी घुस जाने के कारण लोग बाग बेघर हो गए हैं। किसानों का कहना है कि सभी फसलें पानी में डूबी बड़ी है एक खलिहान तालाब का रूप धारण कर चुके हैं किसानों का कहना है कि यह हम लोगों पर वज्रपात सा हो गया है।

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