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    खैराबाद\सीतापुर। झमाझम बारिश में ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर पूरी अकीदत से क़स्बा खैराबाद में जुलूसे मोहम्मदी निकाला गया।

    ......... हुज़ूर की आमद मरहबा की सदाओं से वातावरण गुंजायमान हो उठा

    शरद कपूर 

    खैराबाद\सीतापुर। इस्लाम धर्म के संस्थापक और अल्लाह के आखिरी नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के जन्म दिवस के अवसर पर पूरे क़स्बे में बड़े जोश खरोश के साथ अनेकों अनेक कार्यक्रमों का आयोजन पूरे दिन किया गया कहीं क़ुरआन ख़्वानी तो कहीं मीलाद की महफ़िल का आयोजन तथा दोपहर के बाद भव्य जुलूसे मोहम्मदी शेख़ सरायं स्थिति दादा मियां की दरगाह से निकाला गया जिसका जगह जगह स्वागत अभिनंदन किया गया।इस अवसर पर सभासद यूसुफ खान,सऊद खान,तथा जावेद अहमद,जुलूस के प्रमुख ब्यवस्थापक नसीम अहमद जुलूस के साथ पूरे क़स्बे का भ्रमण किया इसी क्रम में दादा मियां दरगाह के लईक अहमद किरमानी तथा सज्जादानशीन सैय्यद तरीक मियां,सैय्यद अनीक अहमद किरमानी ने स्वागत किया। 

    वहीं बड़े मखदूम साहब की दरगाह पर सैय्यद मोइन अलवी, सज्जादानशीन शोएब मियां ने स्वागत किया इसके बाद पूरे क़स्बे का भ्रमण करके सांय काल दरगाह हाफ़िज़िया असलमिया पहुंचा जहां दरगाह के सज्जादानशीन ने अपने सैकड़ों अनुयायियों के साथ भव्य स्वागत किया और दरगाह की ओर से पूरे जुलूस के इस्तेक़बाल में चाय की सबील की व्यवस्था की गई इस अवसर पर ज़िला प्रशासन के अधिकारी तथा पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी उपस्थित रहे उन्होंने पूरे क़स्बे का भ्रमण किया कहीं किसी प्रकार की कोई अव्यवस्था नही मिली बल्कि दरगाह पर कहा कि वास्तव में ये क़स्बा और यहां के लोग बहुत अच्छे हैं सब मिलजुल कर बारहवफ़ात का जशन मना रहे हैं और जुलूस में भी शामिल हैं। दरगाह के सज्जादानशीन हाजी सैय्यद फुरक़ान मियां ने कहा कि हम सब अल्लाह के रसूल का जन्मदिन मना रहे हैं ये उस ज़ात गिरामी का जन्म दिन है जिनकी वजह से अल्लाह ने इस पूरी दुनिया को बनाया हमे क़ुरआन, नमाज़,रोज़ा,हज, यानी सब कुछ मोहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के सदके में मिला आपको दुनिया में रहमतुल लिल आलमीन बना कर भेजा गया अर्थात दुनिया में रहने वाले हर व्यक्ति के लिए भेजे गए न कि सिर्फ मुसलमानों के लिए इसलिए हम सब एक साथ आज जश्न मना रहे हैं।इससे पूर्व प्रातः मीलाद की महफ़िल का आयोजन दरगाह के अलावा अनेको स्थान पर किया गया दरगाह में ज़ियारत भी कराई गई। 

    जुलूस का स्वागत करने वालों में फुरक़ान मियां के साथ मुख्य रूप से क़ारी इस्लाम अहमद आरफ़ी, डॉ ज़फ़र, फ़हद फ़ारूक़ी, सादी फ़ारूक़ी, काज़िम हुसैन, सैय्यद सलमी मियां, सैय्यद फरजान मियां,सैय्यद फरहान मियां, सैय्यद फ़रमान मियां, अनीस अहमद, सलीम खान, अंसार मियां,  हमजा सिद्दीकी, तशहीर सिद्दीकी, अवसाफ,एहतिशाम, हाफ़िज़ आकिब, हाफ़िज़ आरिफ, शकील अहमद, दानियाल आरफ़ी, हाफ़िज़ नदीम, अक़ील खान, गुड्डू, पप्पू, इस्लाम अस्लमी, आदि उपस्थित थे।जबकि जुलूस में पूरे कसबे की दर्जनों अंजुमनों ने प्रतिभाग किया जिसके साथ  सैय्यद ख़ुर्शीद अहमद किरमानी, वसीक अहमद किरमानी, हाफ़िज़ शारिक किरमानी, डॉ कामिल सिद्दीकी, मौलाना तौकीर अत्तारी,तौसीफ अहमद किरमानी, नफीस अहमद, अक़ील अहमद,सनोवर, जग्गू,गुड्डू, ज़हीर अहमद,नफीस अहमद,दिलदार अली,आदि पूरे जुलूस में शामिल रहे।

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