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  • INA BREAKING NEWS

    बैतूल। घोड़ो पर रेत लाद कर कांग्रेसी पहुँचे है कलेक्ट्रेट, कलेक्टर से बोले रेत खरीद लो साहब।

    .......... कलेक्टर को दिखाए नियम ,रेत नही मिलने के कारण निर्माण कार्यों मे आई रूकावट

    ....... विधायक ने फसल सर्वे की रखी मांग 

    शशांक सोनकपुरिया\बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल में प्रशासनिक गलती के कारण जिले की रेत खदानें बंद पड़ी है जिसका खामियाजा मजदूर, ठेकेदार ओर रेत कारोबारियों को भुगतना पड़ रहा है। कांग्रेसियों ने आज घोड़ो पर रेत लाद कर कलेक्टर के सामने रोष व्यक्त किया। 

    जिला कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष हेमन्त वागद्रे,विधायक  निलय डागा, अरुण गोठी समीर खान के नेतृत्व में लगभग आधा सैकड़ा काँग्रेसी ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में लिखा है कि जिले में रेत खदानों के टेंडर हुए थे जिसमें ठेकेदार ने गलती की और उस गलती को देखते हुए कायदे से उसकी अमानत राशि जब्त कर टैंडर निरस्त कर नए टेंडर लगाए जाना था लेकिन भाजपा विधायक के दबाव में कलेक्टर ने टेंडर निरस्त नहीं किए और मामला इतना उलझा दिया कि खदानों का मामला कोर्ट कचहरी में फस गया है । आम जनता को रेत उपलब्ध नहीं हो पा रही है जिससे निर्माण कार्य ठप है । मजदूर और व्यापारी वर्ग सहित सभी परेशान है। 

    पूरे मामले कई गंभीर सवाल है जो बताते हैं कि भाजपा के तथाकथित विधायक और ठेकेदार के हित को साधने के लिए कलेक्टर ने जनविरोधी तरीका अपनाया है और इससे जनता का आर्थिक उत्पीडन हो रहा है । इससे दीपावली जैसे त्यौहार भी बेरौनक हो रहा है । कांग्रेसियों ने उठाए सवाल जब ठेकेदार अपने द्वारा टेंडर में भरी गई 32 हजार करोड़ की राशि जमा नहीं कर रहा था और कह रहा था कि गलती हो गई तो टेंडर निरस्त क्यों नहीं किया गया ?  यदि टैंडर निरस्त नहीं किया गया और यह ठेकेदार टेंडर में गलती स्वीकार कर रहा था तो दूसरी सबसे बड़ी बोली वाले ठेकेदार को खदान क्यों नहीं दी गई ?  ठेकेदार को ऐसी सुविधा उपलब्ध क्यों कराई गई कि मामला विवादित हो और कोर्ट कचहरी में जाने की नौबत आए ?  जब टैंडर विवादों में आ गए और खदानों से खनन नहीं हो पा रहा तो प्रशासन ने उसका विकल्प क्या बनाया जिससे आम लोगों को राहत मिले ?

    क्या प्रशासन के पास यह विकल्प नहीं था कि वह खनिज विभाग के माध्यम से खनन करवाती और पिछले रायल्टी रेट में खदान से रेत बेचती जिससे की हाहाकार नहीं मचता ? जब पहले लाकडाउन में शराब दुकानों के मामले में टेंडर नहीं होने पर विभाग चला सकता है तो यहां पर क्यों नहीं ? यदि प्रशासन चाहता तो रेत खदान से निकालकर डंप करवाकर उसे नीलाम कर रेत के संकट को दूर कर सकता था , लेकिन प्रशासन ने यह विकल्प भी क्यों नहीं चुना ? पिछले पांच माह से रेत की उपलब्धता बंद है इससे शासन को भी जो राजस्व का नुकसान हो रहा है इसके लिए भी क्यों न बैतूल कलेक्टर को ही जिम्मेदार माना जाए और जो नुकसान हो रहा है वह ठेकेदार और तथाकथित भाजपा विधायक तथा कलेक्टर से वसूल किया जाए ?  यह जनहित में कांग्रेस की चेतावनी है । यदि जल्द ही विकल्प नहीं दिया गया और पूरे टैंडर मामले की विधिवत जांच नहीं कराई गई तो कांग्रेसी हर तरह का उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे । 

    समीर खान ( वरिष्ठ कॉंग्रेस कार्यकर्ता)

    कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष समीर खान ने कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस को मध्य प्रदेश रेत नीति 2019 के नियम 4 का हवाला देते हुए बताया कि कृषि उपयोग, शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों के लिए प्रति वर्ष 10 क्यूबिक मीटर रेत निशुल्क दिए जाने का प्रावधान है। यह प्रावधान  कांग्रेसी मुख्यमंत्री कमलनाथ के कार्य काल मे हुआ था जिसका जिला प्रशासन पालन नही कर रहा है।

    • विधायक ने फसल सर्वे की मांग उठाई

    विधायक निलय डागा ने जिले में लागातर हो रही बारिश से हुए फसल नुकसान का सर्वे कर किसानों को तत्काल बीमा राशि दिलवाए जाने की बात कलेक्टर से कही।

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