Header Ads

  • INA BREAKING NEWS

    सीतापुर। रेल प्रबंधक को मांग पत्र के माध्यम से रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को असुविधाओं से अवगत कराया।

    शरद कपूर/सीतापुर। जनपद सीतापुर के खैराबाद अवध के समाजसेवी ने रेल प्रबंधक को मांग पत्र सौंपा सीतापुर और खैराबाद अवध के रेल मुसाफिरों की गंभीर समस्याओं को ध्यान में रखते हुए पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ के डी आर एम आदित्य कुमार को ट्रेन से सफर करने वाले मुसाफिरों की उन गंभीर समस्याओं के संबंध में ज्ञापन देकर सीतापुर कैंट खैराबाद अवध और इसके साथ अन्य रेलवे स्टेशन पर जो परेशानियां सीनियर सिटीजन विकलांग लोग गर्भवती महिलाएं अकेले सफर करने वाली महिलाएं नौकरीपेशा महिलाएं छात्र-छात्राओं के साथ गठिया रोगी शुगर के मरीजों के साथ अन्य गंभीर मरीजों के सामने आने वाली उन परेशानियों से भरा मांग पत्र देकर पूर्व डी आर एम मोनिका अग्निहोत्री के स्थान पर आए डी आर एम आदित्य कुमार से मांग की कि अक्सर जो लोग आरक्षण करा कर या चालू टिकट लेकर रेलवे स्टेशन से जब सफर की शुरुआत करने जा रहे होते हैं। 

    उस समय मोबाइल पर दर्शाए जा रहे कि किस प्लेटफार्म पर ट्रेन आ रही है यह मोबाइल दर्शाता है या स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 दो या तीन नंबर प्लेटफार्म पर आ रही ट्रेन जिसको यात्री अनाउंसमेंट के जरिए भी सुनकर उसी प्लेटफार्म पर खड़ा रहता है जहां की सूचना उसको होती है ऐसे में अचानक प्लेटफार्म बदल जाने से ट्रेन के मुसाफिरों के सामने जो समस्या खड़ी होती है वह तकलीफ केवल रेल मुसाफिर ही समझ सकता है अक्सर ऐसा होता है कि जब ट्रेन पूर्व के निर्धारित प्लेटफार्म पर ना आकर प्लेटफार्म नंबर दो 3 4 5 6 या कभी-कभी 7 8 पर आ जाने से सबसे ज्यादा समस्या विकलांग लोगों सीनियर सिटीजन गर्भवती महिला घुटनों व कमर की दर्द से पीड़ित व्यक्ति या अकेले सफर कर रही महिलाएं और श्रद्धालु अपने सामान और छोटे-छोटे बच्चों को लेकर भागते नजर आते हैं जबकि पैदल गामी पुल की 28 से 30 सीढ़ियां पहले पार करके और उसके बाद जितनी सीढ़ियां चढ़े हैं उतनी ही उतरना पड़ती हैं जिसके कारण रेल मुसाफिरों का आधा दम तो निकल ही जाता है वहीं कई बार लोगों की ट्रेनें भी छूट जाती हैं इसलिए समाजसेवी खैराबाद अवध जनपद सीतापुर से ताल्लुक रखने वाले प्रमुख समाज सेवी नदीम खान ने इस बात की मांग की और मांग के साथ यह मांग की के ट्रेन आने से कम से कम 45 मिनट पहले या एक घंटा पहले जिस प्लेटफार्म पर भी ट्रेन आए जो मोबाइल और माइक के जरिए बताया जा रहा है उसी प्लेटफार्म पर ट्रेन आए प्लेटफॉर्म चेंज ना किया जाए क्योंकि ऐसा करने से सामान लादकर चल रहे मुसाफिरों को परेशानियों से बचाया जा सके बहुत से स्टेशन ऐसे हैं जहां पर कुली की व्यवस्था नहीं है ऐसे में जो तकलीफ रेल मुसाफिरों उठाना पड़ती है उस से निजात मिल जाए जैसा की फोटोग्राफ मैं दिख रहे रेल मुसाफिर 24 सितंबर 2022 को सीतापुर कैंट स्टेशन पर यात्रियों ने उठाई और यह समस्या केवल सीतापुर खैराबाद में ही नहीं है यह अन्य स्टेशनों पर भी अक्सर ऐसा ही होता है जिसके कारण ब्लड प्रेशर के पेशेंट मुसाफिरों का चेहरा देखने वाला होता है इसलिए एक घंटा पहले निर्धारित किया गया प्लेटफार्म चेंज ना किया जाए इससे बहुत बड़ी समस्याएं पैदा होती हैं क्योंकि बहुत से स्टेशन ऐसे हैं जहां पर लिफ्ट की सुविधा नहीं है और यदि है अभी तो एक नंबर से लिफ्ट की सुविधा मिल जाने के बाद फिर आखिर में लिफ्ट लगी होती है ऐसे में मुसाफिर दो 3 4 5 6 7 8 पर जीने या रैंप से ही उतरना पड़ता है जिसके परिणाम स्वरूप रेल प्रबंधक महोदय ने गंभीरतापूर्वक पूरी बात सुनी और पत्र पढ़ने के बाद आवश्यक कार्रवाई करने के दिशा निर्देश अधीनस्थ कर्मियों को दिए।

    Post Top Ad


    Post Bottom Ad


    Blogger द्वारा संचालित.