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    खैराबाद\सीतापुर। बुजुर्गों की सेवा और माँ बाप की दुआओं से ही मिलता है सम्मान,मेरी पहचान मेरे पीर शाह सज्जाद मियां से है:-शोएब मियां

    शरद कपूर

    खैराबाद\सीतापुर। स्थानीय दरगाह आलिया सादिया में तीन दिवसीय 522 वें उर्स के दूसरे दिन प्रातःक़ुरआन ख़्वानी हुई और 9:30 पर हज़रत ख्वाजा क़ुतुबुद्दीन बख्तियार काकी अलैहिर्रहमा का फातेहा सम्पन्न हुआ उसके बाद ग़ुस्ल मज़ार मुबारक हुआ तत्पश्चात महफिले समा प्रारम्भ हुई और 11 बजे दोपहर में ख्वाजा क़ुतुब साहब का क़ुल शरीफ सम्पन्न होने के बाद 3 बजे दरगाह के पूर्व सज्जादा नशीन तथा वर्तमान सज्जादानशीन शोएब मियां के पीरो मुर्शिद शाह सज्जाद मियां की आपके घर से मोइन अलवी की देख रेख में व सैय्यद ज़िया अलवी की संरक्षता में चादर लाई गई जो सज्जादानशीन शोएब मियां के निर्देशन में दरगाह पर पहुंचकर चादर पोशी तथा क़ुल शरीफ भी हुआ। सुबह फातेहा के वक़्त तथा ग़ुस्ल के अवसर पर उपस्थित सज्जाद गान में दरगाह हज़रत छोटे मखदूम साहब के सैय्यद अज़ीज़ुल हसन रिज़वी मदनी मियां,दरगाह हाफ़िज़िया असलमिया के सैय्यद फुरक़ान मियां हाशमी,बड़े मखदूम साहब के पिता क़ाज़ी बदरुद्दीन शाह के सैय्यद ज़िया अलवी,सैय्यद लारैब अलवी,हसन साकिब ,करनैल गंज गोण्डा के सैय्यद शोएब अलीम बक़ाई,सैय्यद आबिद मियां बक़ाई, हिलाल मुजीबी, हस्सान मुजीबी,दरगाह कमेटी के सदर सैय्यद आमिर रिज़वी,सेक्रेटरी टीटू खान , इस्तेफ़ा अली खान,तथा सैय्यद नेमतुल्लाह बक़ाई,सैय्यद रफ़ी बक़ाई,सैय्यद तौसीफ रिज़वी,शुजा रिज़वी,शारिक सफ़वी, अर्सलान हसनी,इमरान सिद्दीकी, सैय्यद मुज़फ्फर अली,क़ारी इसलाम आरफी,शाहिद मोल्हे,हसन खान, वारिस खान,जलीस खान,अतीक अहमद, गुड्डू, साजिद अली,तौहीद रिज़वी मौजूद थे।

    इस अवसर पर सज्जादानशीन शोएब मियां  के कहा कि शाह सज्जाद मियां ने जिस तरह से दरगाह और अपने बुजुर्गों की जो ख़िदमत की उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता उनकी ही करम फरमाई और शफ़क़त से हमे आज ये मक़ाम हासिल हुआ है आपने  हमेशा यही तालीम दी कि हमें आपस मे मेल मिलाप से रहना चाहिये तथा औलिया अल्लाह से मोहब्बत तो करें और हमे उनकी तालीमात पर भी पूरी तरह अमल करना चाहिये की किस तरह से अल्लाह और उसके हबीब से मोहब्बत की थी जो ये मक़ाम उन्हें हासिल हुआ और उसी के अनुसार हमे भी अपनी ज़िन्दगी को ढ़ालना चाहिए नमाज़ की पाबन्दी करें और अल्लाह व उसके रसूल के दामन को मजबूती से पकड़े रहें तभी हमे कामियाबी मिलेगी वरना कहीं कुछ फायदा होने वाला नहीं।

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