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    नई दिल्ली। नक्काल उवैस हसनी समाज की राष्ट्रीय बैठक संपन्न हुई।

    शाबान अली की रिपोर्ट:-

    नई दिल्ली। जातीय संशोधन के संबंध राष्ट्रीय स्तर पर नक्काल उवैस हसनी समाज की एक बैठक का आयोजन राष्ट्रीय कार्यालय पंचकुइयां रोड नई दिल्ली में किया गया। प्राप्त जानकारी के आधार पर नक्काल उवैस हसनी समाज की जातीय विशुद्धि के संबंध में नक्काल जाति शुद्धीकरण हेतु जाति समाज की एक बैठक केंद्रीय कार्यालय स्थित दरगाह हजरत सैयद हसन रसूले नुमा पंचकुइयां रोड नई दिल्ली में आयोजित की गई। आयोजित बैठक में उत्तराखंड उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश राजस्थान प्रदेश के सैकड़ों संगठन पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित हुए।

    ज्ञात हो कि पिछड़ी जाति के अंतर्गत आने वाली नक्काल जाति के प्रथम धर्मगुरु हजरत ख्वाजा सैयद हसन रसूले नुमा उवैस सानी रहमतुल्ला अलैह का मजार पंचकुइयां रोड नई दिल्ली में स्थित है। और भारत देश में निवास करने वाली यह नक्काल जाति सदियों पहले इन्हीं धर्मगुरु से बेत हुई थी। पिछड़ी जाति के अंतर्गत आने वाली यह नक्काल जाति प्राचीन युग में अति विशिष्ट तौर पर पहचानी जाती थी। क्योंकि इस जाति का मुख्य पेशा शास्त्रीय संगीत था, शास्त्रीय संगीत के माध्यम से सदियों पहले प्राचीन युग में यह जाति अपनी कलाकृति राजा महाराजाओं के सम्मुख प्रस्तुत कर उनका मनोरंजन किया करती थी। 

    इसीलिए प्राचीन युग में राजा महाराजाओं के मनोरंजन का साधन होने के कारण इस जाति को विशिष्ट तौर पर ख्याति प्राप्त थी तथा उस दौर में मुख्य रूप से यह जाति रजवाड़ों की शरण में ही निवास किया करती थी। प्राचीन युग अंशकृत इस विशिष्ट जाति नक्काल का कलाकृति मंच से संबंध होने के कारण एक आम समाज में नक्काल जाति के नाम से जानी व पहचानी गयी। रजवाड़ों की समाप्ति तथा बदलते दौर के बाद इस जाति की दुर्दशा दयनीय होती चली गई। उस दौर की रजवाड़ों में निवास करने वाली यह अति विशिष्ट जाति आज बदलते हुए दौर में नक्काल शब्द के कारण उपहास की दृष्टि से देखी जाती है।

    इसीलिए इस जाति के जागरूक लोग एक जातीय संगठन के माध्यम से अपने समाज को जागरूक करने का काम कर रहे हैं। आयोजित बैठक में संगठन का राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व कर रहे, शब्बन मियां आज़र उवैस हसनी ने अपने वक्तव्य में जारी एक बयान के आधार पर कहा कि बहुत जल्दी हम मौजूदा सरकार को अपनी जाति के विषय में अवगत कराते हुए देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा महामहिम राष्ट्रपति एवं संबंधित विभाग से यह गुहार लगाएंगे कि आम समाज में उपहास बनाए जाने के कारण पिछड़ी जाति के अंतर्गत आने वाली जातीय नक्काल का संशोधन किया जाए। उपस्थित बैठक में सभी पदाधिकारियों ने अपने अपने विचार व्यक्त किए कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जातीय धर्मगुरु के साहिबे सज्जादा नशीन वा मुतावल्ली एवं गद्दी नशीन हजरत ख्वाजा सैयद इरशाद अली साहब से संगठन के द्वारा जाति संशोधन के लिए गुहार लगाते हुए जाति की उरफियत के नाम की अपील की गई। 

    इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे राष्ट्रीय पदाधिकारी हाजी कमर साहब इकबाल हुसैन साहब मोहम्मद नाज़ हसनी मोहम्मद जावेद अली तथा विभिन्न प्रदेशों से उपस्थित पदाधिकारी मोहम्मद असलम सकलैनी बरेलवी मोहम्मद चंदा अली बरेलवी हाजी लईक संम्भली बब्बू मासूमी मोहम्मद नकी़ मासूमी अगवानपुरी मोहम्मद अकबर लखनवी, शाबान अली तम्बोरवी मोहम्मद इरफान, शावेज़ मासूमी रामपुरी मोहम्मद निजाम हसनी, मोहम्मद नौशाद देहलवी आदि पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। 

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