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    मिश्रित\सीतापुर। केंद्र सरकार द्वारा जारी विकास योजनाओं में भ्रष्टाचार चरम पर।

    संदीप चौरसिया तहसील मिश्रिख की रिपोर्ट

    मिश्रित\सीतापुर। मिश्रित विकास क्षेत्र में केंद्र सरकार द्वारा जारी विकास योजनाओं में भ्रष्टाचार चरम पर हावी है अधिकांश शासनादेश विकास खंड कार्यालय पर ही ठंडे बस्ते की शोभा बढ़ा रहे हैं जिम्मेदारों को यह भी नहीं पता कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना की बनी आवास प्लस सूची के अतिरिक्त भी छूटे हुए अन्य पात्र व्यक्तियों की भी कोई सूची बनाकर उन्हें आवास उपलब्ध कराने के लिए कोई शासनादेश निर्गत है ।और इस विषय में खंड विकास अधिकारी ने भी कोई कार्यानुपालन के लिए कोई आदेश जारी कर रखा है। ज्ञातव्य हो कि केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण आवास योजना का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने के कार्यों की बीते सितंबर माह में केंद्रीय मंत्री आवासन एवं शहरी एवं ग्रामीण विकास कौशल किशोर द्वारा की गई समीक्षा बैठक में छूटे तथा अवशेष पात्र व्यक्तियों को आवास उपलब्ध कराने के वास्ते सूची बनाने के निर्देश दिए गए थे जारी शासनादेश में यह भी निर्देश था कि आवास प्लस सूची के अतिरिक्त छूटे हुए अन्य पात्र व्यक्तियों को आवासीय लाभ पहुंचाने के लिए गठित की जाने वाली विशेष समिति में ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान ,क्षेत्र पंचायत सदस्य ,तथा प्रधान पद का चुनाव लड़ चुके सभी प्रत्याशी, रोजगार सेवक व पंचायत सहायक को भी सदस्य के रूप में शामिल किया जाए। 

    इस परिपेक्ष में मिश्रित ब्लॉक के तत्कालीन खंड विकास अधिकारी विकास कुमार सिंह ने 1 अक्टूबर 2022 को एक परिपत्र भी संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों को जिसमें ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी दोनों शामिल हैं को तो पत्र तो जारी किया जिसमें पात्र व्यक्तियों की सूची प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर तक निर्धारित प्रारूप पर थी ।जिसका समय निकल गया है और जिम्मेदार अनभिज्ञ हैं। इसके बाद शुरू हुआ विडंबनाओं का खेल पत्र के निर्देशानुसार ग्राम पंचायत स्तर पर गठित की जाने वाली उपरोक्त समिति में शामिल अधिकांश लोगों को यह ही नहीं पता कि उपरोक्त आशाय का कोई शासनादेश भी जारी हुआ है न ही ब्लॉक के जिम्मेदारों द्वारा उन्हें कोई भी सूचना प्रतिलिपि ही उपलब्ध कराई गई है कहना गलत न होगा आवासीय और विकास योजनाओं को लेकर ब्लॉक के जिम्मेदारों का जब यह आलम है तो ग्रामीण पात्र व्यक्तियों को कैसे मिलेगा महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ उपरोक्त में मिश्रित ब्लॉक की ग्राम पंचायत इस्लामनगर के पूर्व प्रधान और प्रधान पद के प्रत्याशी रहे अली कासिम और दूसरे प्रत्याशी रहे राकेश यादव से जब इस परिपेक्ष में जानकारी चाही गई तो उन्होंने कहा कि हमें इस विषय में कोई जानकारी ही नहीं है । विडम्बना तो इस बात की भी है कि हारे हुए प्रत्याशियों की तो बात दूर ब्लॉक के संबंधित ग्राम विकास अधिकारियों व वर्तमान ग्राम प्रधानों तक को यह नहीं पता कि केंद्रीय मंत्री आवासन शहरी एवं ग्रामीण विकास द्वारा जारी कोई शासनादेश के परिपेक्ष में खंड विकास अधिकारी द्वारा भी  पत्र जारी किया गया है अधिकांश प्रधान और ग्राम पंचायतों के सचिव पत्रकारों द्वारा पूछने पर केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर द्वारा जारी किए गए शासनादेश की प्रतिलिपि उन्ही से मांग रहे हैं अहम प्रश्न तो यह है कि ऐसी स्थिति के चलते ग्रामीण क्षेत्र का कैसे होगा विकास और पात्र लोगों तक कैसे पहुंचेगा केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ कमोबेश यह स्थिति अकेले मिश्रित विकास क्षेत्र की नहीं है बल्कि जनपद सीतापुर के लगभग सभी ब्लाकों का यही हाल है जागरूक ग्रामीणों ने केंद्र और प्रदेश सरकार से उपरोक्त मामले में गंभीरता से जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही किए जाने की मांग की है ताकि निजी स्वार्थ के चलते महत्वपूर्ण शासनादेशों को ठंडे बस्ते की हवा खिला देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के चेहरे बेनकाब हो कर आमजन के साथ ही शासन और प्रशासन के सामने आ सके। और जनता को मिल सके योजनाओं का लाभ।


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