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    खैराबाद\सीतापुर। हमें देखकर ही लोग कहें कि ये मोमिन है इस तरह अपने आचरण को बनाना होगा, हमारी संस्कृति अच्छे संस्कार हमें देती है :-फुरक़ान मियां सज्जादानशीन ______

    शरद कपूर

    खैराबाद\सीतापुर। मजहबे इस्लाम मे सबसे पहले ताकीद की गई कि अपने एखलाक को यानी अपने आचरण स्वभाव को अच्छा बनाओ हर व्यक्ति आपको देख कर कह दे कि ये सच्चा मोमिन है अल्लाह और उसके रसूल से सच्ची मोहब्बत करने वाला है क्योंकि हमारे किरदार से ही हमारी संस्कृति का पता चलना चाहिए और अल्लाह की रज़ा के लिए हमे हर वो नेक काम करना चाहिए जिसके लिए हमारे आक़ा व मौला ने हुक्म दिया है हमारे लिए ये ज़रूरी है कि हम अहले बैत, आले रसूल और खुल्फाए राश्दीन व सहाबा किराम से मोहब्बत करें और उनके अमल को अपनी ज़िंदगी मे उतारने की पूरी कोशिश करें जब हमारे आमाल अच्चे होंगें तो हर जगह हमारी पहचान होगी वरना हमे दर गुज़र कर दिया जाएगा।

    जलसे को खिताब करते फुरकान मियाँ

    उक्त उदगार स्थानीय दरगाह हाफिज़िया अस्लमियाँ में चल रही 11 दिवसीय महफिले मीलाद के क्रम में इस्लामी माह 6 तारीख यानी 3 अक्टूबर को सम्बोधित करते हुए दरगाह के सज्जादानशींन अल्हाज सैय्यद फुरक़ान वहीद हाशमी ने  व्यक्त किए। हाशमी ने कहा कि इस 11 दिवसीय कार्यक्रम में सरकार दो आलम सल्ललाहो अलैहि वसल्लम की सीरते तय्यबा पर बात होनी चाहिए तो आज उनके पारिवारिक जीवन के सम्बन्ध पर भी ग़ौर करना होगा कि आप अपने घर मे किस तरह से सबकी मदद फरमाते घर मे कभी किसी बात पर भी कभी नाराज़गी नही की कभी किसी मसले पर ग़ुस्सा नही किया हमेशा मोहब्बत और प्यार से सबके साथ व्यवहार किया ताकि आपस मे अच्छा माहौल रहे और सब खुश रहें ये शिक्षा आपके इस व्यवहार से मिलती है कि कभी किसी से लड़ना झगड़ना नही चाहिए सदैव प्यार मोहब्बत से काम करें ताकि दूसरे हमसे कुछ सीख सकें , हमे चाहिए कि अगर हमसे कोई जाने अनजाने में ग़लती हो जाए तो अल्लाह की बारगाह में तौबा करनी चाहिए और माफी मांगनी चाहिए।

    इसी क्रम में आगे कहा कि हमें नमाज़ की पाबन्दी करनी चाहिये क्योंकि  नमाज़ की पाबन्दी फ़र्ज़ है और अल्लाह के महबूबीन बन्दों यानी औलिया अल्लाह से भी मोहब्बत करना चाहिए।तभी हमारा बेड़ा पार होगा वरना कुछ काम बनने वाला नही।आखिर में मुल्क में अमन शांति ,और हम सब मे इंसानियत मोहब्बत एखलाक पैदा हो जाए इसकी दुआ भी हाशमी ने की जिस पर उपस्थित अवाम ने आमीन कहा। उपस्थित लोगों में दरगाह मतवल्ली सैय्यद इरफान वहीद हाशमी,क़ारी इस्लाम आरफ़ी, एहतिशाम अहमद, अनीस अहमद,डॉ ज़फ़र याब बेग,पप्पू, इस्लाम अस्लमी, सैय्यद फरहान मियां,सैय्यद फरमान मियां, सैय्यद सलमी मियां,सैय्यद ,इमरान सिद्दीकी, इमरान किरमानी,सलीम खान, अकील खान,दानियाल आरफ़ी,मदनी,फलक टेलर, हाफ़िज़ आरिफ,हाफिज़ आकिब,हाफिज मिसबाहुद्दीन, हाजी यूसुफ खां आदि उपस्थित थे।

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