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    सीतापुर। धरती पुत्र कहे जाने वाले मुलायम सिंह यादव ने ली आखिरी सांस,सीतापुर पार्टी कार्यकर्ताओं में शोक।

    • समाजवादी पार्टी सहित सभी दल के नेताओं गहरा दुःख प्रकट कर दी भावभीनी श्रद्धांजलि
    • देश व प्रदेश ने एक कुशल समाजवादी नेता को खो दिया है:- राजेश वर्मा सांसद सीतापुर

    शरद कपूर 

    सीतापुर। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के सरंक्षक मुलायम सिंह यादव का निधन हो गया है। उन्होंने 82 साल की उम्र में गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में आज (10 अक्टूबर) सुबह 8:16 बजे आखिरी सांस ली पार्टी के ज़िला अध्यक्ष छत्र पाल यादव ने कहा कि मुलायम सिंह यादव को 22 अगस्त को सांस लेने में तकलीफ और लो ब्लड प्रेशर की शिकायत के बाद मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था, हालांकि उनकी तबीयत में सुधार नहीं हो रहा था और 1 अक्टूबर की रात को आईसीयू में शिफ्ट किया गया था, जहां एक डॉक्टरो का पैनल उनका इलाज कर रहा था।

    छत्र पाल ने कहा कि जब से जुलाई में नेता जी की पत्नी साधना गुप्ता का हुआ था निधनहुआ था तभी से आप बहुत परेशान रहने लगे थे। उन्होंने कहा कि नेता जी के फेफड़ों में संक्रमण के चलते उनका गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में इलाज के बाद निधन हुआ था. साधना मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी थीं. उनकी पहली पत्नी मालती देवी का 2003 में निधन हो गया था. मालती देवी अखिलेश यादव की मां थीं।

    पूर्व जिला अध्यक्ष शमीम कौसर सिद्दीकी ने कहा कि 1992 में  समाजवादी पार्टी की स्थापना हुई थी तभी से संघर्ष मय जीवनआपका रहा श्री सिद्दीकी ने आगे बताया कि मुलायम सिंह यादव का जन्म 22 नवंबर 1939 को हुआ था. पांच भाइयों में मुलायम तीसरे नंबर पर थे. मुलायम सिंह ने पहलवानी से अपना कैरियर शुरू किया. वह पेशे से अध्‍यापक रहे. उन्‍होंने कुछ समय तक इंटर कॉलेज में अध्‍यापन किया. पिता उन्‍हें पहलवान बनाना चाहते थे. फिर अपने राजनीतिक गुरु नत्‍थू सिंह को प्रभावित करने के बाद मुलायम सिंह यादव ने जसवंतनगर विधानसभा सीट से चुनावी अखाड़े से कदम रखा. वह 1982-1985 तक विधान परिषद के सदस्‍य रहे।

    वरिष्ठ नेता एवं लहरपुर विधायक अनिल वर्मा ने कहा कि  लोहिया वाहिनी आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाले मुलायम सिंह यादव ने चार अक्टूबर 1992 में समाजवादी पार्टी की स्थापना की. मुलायम सिंह यादव को राजनीति के अखाड़े का पहलवान कहा जाता था. वह प्रतिद्वंद्व‍ियों को चित करने के माहिर रहे. देश के सबसे बड़े सूबे उत्‍तर प्रदेश की राजनीति में उन्‍होंने वो ऊंचाई हासिल की जो किसी भी नेता के लिए सपना होता है.  उन्‍होंने तीन बार राज्‍य की कमान संभाली. वह देश के रक्षा मंत्री भी बने।उत्‍तर प्रदेश विधानसभा के वह आठ बार सदस्‍य रहे।

    साल 1967 में मुलायम सिंह पहली बार विधायक बने. इसके बाद 5 दिसंबर 1989 को पहली बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बने. मुलायम ने अपना राजनीतिक अभियान जसवंतनगर विधानसभा सीट से शुरू किया. वह सोशलिस्ट पार्टी, प्रजा सोशलिस्ट पार्टी से आगे बढ़े. 1967, 1974, 1977, 1985, 1989 में वह विधानसभा के सदस्य रहे.  मुलायम सिंह 1989, 1993 और 2003 में यूपी के सीएम रहे. वह लोकसभा के सदस्य भी रहे।1996 के चुनाव में जीतकर वह पहली बार संसद पहुंचे. इसके बाद 1998 में वह जीत हासिल किए. 1999 के चुनाव में भी उनकी जीत का सिलसिला जा रही. 2004 में वह मैनपुरी से लोकसभा चुनाव जीते. 2014 में वह आजमगढ़ संसदीय सीट और मैनपुरी से चुनाव लड़े और दोनों जगह से ही जीत हासिल किए. सपा के इस दिग्गज नेता की जीत का सिलसिला 2019 के चुनाव में भी जारी रहा और मैनपुरी से जीतकर एक बार फिर संसद पहुंचे।शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में पार्टी के प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ फ़िदा हुसैन अंसारी,स्थानीय नेता इरशाद अली,जुनैद खान,शालू किरमानी,हाजी जलीस अंसारी अध्यक्ष नगर पालिका परिषद खैराबाद, फरीद हैदर,शाहिद अली अंसारी पूर्व उपाध्यक्ष नगर पालिका परिषद मसूद आलम अंसारी,ताबिश अली,सिराज खान,सुशील यादव,राजा राम यादव,पालिका अध्यक्ष सीतापुर राधेश्याम जायसवाल आदि हैं।

    इसके अतिरिक्त सीतापुर से भाजपा के सांसद राजेश वर्मा, पूर्व विधायक रामपाल यादव, विधान परिषद सदस्य जासमीर अंसारी उर्फ मोलहे, नगर विकास राज्य मंत्री सदर विधायक राकेश राठौर "गुरु", कारागार राज्य मंत्री सुरेश राही, विधायक निर्मल वर्मा, विधायक मनीष रावत, विधायक रामकृष्ण भार्गव, विधायक शशांक त्रिवेदी, पूर्व विधायक सुनील वर्मा, पूर्व विधायक रामपाल भार्गव, आदि ने भी पूर्व मुख्यमंत्री व रक्षा मंत्री के निधन पर गहरे शोक का इजहार किया है।

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