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    हरदोई। जिला अस्पताल में डॉक्टर के गलत रवैए पर नाराज हुई सदर एसडीएम स्वाति शुक्ला।

    हरदोई। जिला चिकित्सालय में एक बार फिर डॉक्टरों की लापरवाही व अभद्रता का मामला संज्ञान में आया है। एक बार फिर प्रशासनिक अधिकारियों और डॉक्टरों की नोक झोंक का मामला सामने आया है। बयान लेने अस्पताल पहुंची सदर एसडीएम के साथ अभद्र व्यवहार करने पर एसडीएम में लगाई डॉक्टर की फटकार व सीएमओ से की शिकायत।

    जिला चिकित्सालय हमेशा से ही अपनी लापरवाहियों व गैर जिम्मेदाराना हरकतों के लिए चर्चाओं में रहता है और सुर्खियां बटोरता नज़र आता है। ऐसा ही शनिवार को एक अन्य मामला संज्ञान में आया है जिसमें डॉ की लापरवाही के चलते एक पुलिस केस उलझ सकता था, लेकिन तत्काल मौके पर पहुंची सदर एसडीएम स्वाति शुक्ला ने मामले को समझा और डॉक्टर को नियम विरुद्ध कार्य न करने की सलाह देते हुए उन्हें कानून का पाठ भी पढ़ाया।  वहीं जिला चिकित्सालय में व्याप्त गंदगी, अव्यवस्थाएं व डॉक्टरों का अभद्र रवैया देख उन्होंने निराशा व्यक्त करते हुए आक्रोश जताया।जिससे मौके पर तैनात डॉ चंद्रकांत बुरा मान गए और एसडीएम को ही समझाने लगे । हरदोई में स्वास्थ्य विभाग का यह कोई नया कारनामा नहीं है इससे पहले भी स्वास्थ विभाग के कई डॉक्टरों ने अपनी मनमानी जारी रखने के लिए अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश की है।

    • एसडीएम सदर स्वाति शुक्ला ने तुरंत हरदोई के सीएमओ  से संबंधित ईएमओ की शिकायत भी की।

    दरअसल हरदोई एसडीएम स्वाति शुक्ला व सी ओ हरियावां शिल्पा कुमारी जहर खाई हुई एक लड़की के मामले में बयान लेने पहुंची तो वहां तैनात डॉ चंद्रकांत से पूछताछ करने पर पता चला की उनको जानकारी ही नही है कि उनकी मौजूदगी में कौन कौन से केस अस्पताल में आ रहे है, पुलिस केस अस्पातल में आता है और जूनियर डॉक्टर उसका इलाज शुरू कर देते है लेकिन सीनियर डॉक्टर को ये सुध ही नही है कि इस प्रकार के केस बेहद संगीन होते हैं और उसमें तत्काल प्रभाव से मरीज के बयान लेने की आवश्यकता होती है।यहां तक उन्हें ये भी जानकारी नही थी कि इस प्रकार का कोई केस इमेरजेंसी में आया है।इस सब के बाद जब एसडीएम में डॉक्टर से बात की तो डॉक्टर ने एसडीएम से अभद्र व्यवहार किया।तब एसडीएम सदर ने डॉक्टर को कानून का पाठ पढ़ाया और फटकार लगाते हुए सीएमओ से शिकायत भी की। 

    एसडीएम व सीओ को तबज़्ज़ो न देने व अभद्र व्यवहार करने और कानूनी केस को हल्के में लेने जैसे व्यवहार को एसडीएम स्वाति शुक्ला ने प्रशासनिक कार्यों की अवहेलना के नज़रिए से लेते हुए डॉक्टर को फटकार लगाते हुए उन्हें मैनर में रहने की नसीहत दी।जिस पर डॉक्टरों ने मामले को गोल मोल घुमाते हुए उल्टा मजिस्ट्रेट पर ही आरोप लगाने शुरू कर दिए।

    वही इस पूरे प्रकरण पर मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य वाणी गुप्ता का कहना है कि एसडीएम डॉक्टर के कुर्सी ना देने के कारण नाराज हुई और भड़क गई ।

    इस पूरे मामले पर एसडीएम सदर स्वाति शुक्ला ने बताया कि वहां मौजूद डॉक्टर ने उनके साथ सही व्यवहार नहीं किया और और जिस प्रकरण में वह गई थी उसके बारे में कोई सही जानकारी वह नहीं दे रहे थे जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई कि किसी की जिंदगी को महत्वपूर्ण समझते हुए चिकित्सकों को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

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