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    हरदोई। राम कथा की आड़ में दिखी सत्ता की हनक, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का नही किया एक भी मंत्री ने भ्रमण।

    •   राम कथा का पंडाल बना मिनी विधानसभा 9 मंत्रियों सहित विधानसभा अध्यक्ष रहे मौजूद, आप भी जाने 
    • 15 से 21 तारीख तक चलने वाली राम कथा में रोजाना 2 से 4 मंत्रियों के आने की नगर मजिस्ट्रेट ने की पुष्टि
    हरदोई। राम कथा की आड़ में दिखी सत्ता की हनक। हरदोई में उच्च शिक्षा मंत्री रजनी तिवारी के निजी विद्यालय में आयोजित हुई राम कथा में आम जन से ज्यादा भाजपा के मंत्री व नेता बने श्रोता। एक ही पंडाल के नीचे जमा हुई पूरी विधानसभा मंडली।विधानसभा अध्यक्ष सहित 11 मंत्रियों ने बीते बुधवार को लगाई हाज़री।विधानसभा सत्र के माहौल में रंगा राम कथा का मंच।विपक्ष ने निशाना साधते हुए भाजपा की नीतियों पर किया कटाक्ष।ऐसे में बड़ा सवाल ये खड़ा हो रहा है कि एक तरफ हरदोई जिले में सवायजपुर इलाके के लोग इस दरमियान बाढ़ की समस्या से जूझ रहे हैं व पांच नदियों से घिरा क्षेत्र जमीदोज हो गया है और लोग बेघर हो गए है तो दूसरी ओर भारी संख्या में विधानसभा की मंडली राम धुन में मग्न नज़र आरही है।किसी भी जिम्मेदार ने एक मर्तबा उस दयनीय क्षेत्र का भृमण करना व वहां के लोगों की समस्याओं को सुनना लाज़मी नही समझा।इतना ही नही जिले में तमम ऐसे विकास कार्य हैं जो अधर में पड़े है लेकिन जिम्मेदार मंत्री अध्यात्म के रंग में रंग कर अपना जीवन सुधारने में लगे हुए हैं।


    हरदोई में देखने को मिला शियाशी ऐतिहासिक रामकथा का नज़ारा।जिले की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री द्वारा 15 से 21 अक्टूबर तक आयोजित की गई राम कथा में प्रतिदिन  2 से 4 मंत्रियों का जमावड़ा लग रहा है।तो 19 अक्टूबर को विधानसभा अध्यक्ष समेत 9 मंत्रियों ने यहां  शिरकत की जिससे सियासी सरगर्मी भी तेज हो गयी है। कथा की शुरुआत से अभी तक 1 दर्जन से अधिक मंत्री रामकथा का सुनने पहुंच चुके हैं।तो बीती 19 तारीख को सूबे के 9 मंत्रियों सहित विधान सभा अध्यक्ष हरदोई पहुंच कर राम धुन में मग्न नज़र आये।वहीं जिले के कामकाज छोड़ प्रशासन भी रामकथा सुनने आने वालों की सुरक्षा में तैनात रह रहा है।

    यूपी के हरदोई जनपद में इन दिनों ऐतिहासिक रामकथा का आगाज हुआ है जिसे सुनने के लिए भक्त बड़ी ही आस्था और भाव के साथ जाते हैं लेकिन इस ऐतिहासिक रामकथा को आयोजन कराने वाली योगी सरकार की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री ने इस आध्यात्मिक आयोजन को सियासी रामकथा बना दिया है। राज्य मंत्री की राम कथा में प्रतिदिन मंत्रियों का जमावड़ा लग रहा है योगीराज के सभी मंत्री अपने कामकाज छोड़ आज कल राम कथा में अधिक समय दे रहे हैं। 19 अक्टूबर को राम कथा सुनने पहुंचे 9 मंत्री व विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना।मिनी विधामसभा बनी राम कथा के पंडाल में आम जन से ज्यादा भाजपा के मंत्री सांसद और विधायकों का जमावड़ा लगा हुआ है।

    इसी राम कथा को सुनने हालही में आये पशु धन मंत्री धर्मपाल सिंह ने समीक्षा बैठक तो की लेकिन उस समीक्षा बैठक ने विकास भवन सभागार को सत्संग हॉल में तापदील कर दिया।गोबर में लक्ष्मी के वास व गौ मूत्र का छिड़काव करने जैसे बयानों को लेकर वे सुर्खियों में भी रहे थे।

    वहीं मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि बाढ़ जैसी कोई समस्या नही है 22 परिवार प्रभावित हुए थे उनकी व्यवस्था कर दी गयी है। तो राम कथा के तमाम फायदे भी उन्होंने मीडिया के माध्यम से लोगों को समझाए।

    आशीष सिंह - जिला अध्यक्ष कांग्रेस जिला कमेटी हरदोई

    इस पर जिले के कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष आशीष सिंह कहते हैं,कि राम कथा सुनना अच्छी बात है रामकथा सभी के जीवन का उद्धार करती है लेकिन मंत्री की रामकथा गरीब जनता और फरियादियों की सबसे बड़ी व्यथा बनी हुई है क्योंकि राम कथा सुनने आने वाले वीवीआइपी की सुरक्षा में दिनभर जिले का प्रशासन तैनात रहता है और अफसर बीते कई दिनों से दूरदराज से आने वाले फरियादियों की फरियाद नहीं सुन पा रहे हैं। उन्होंने इस राम कथा को पूरी तरह से सियासी राम कथा करार दिया है।वहीं नगर मजिस्ट्रेट ने भी आये मंत्रियों की जानकारी से अवगत कराया।

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