Header Ads

  • INA BREAKING NEWS

    मिश्रित\सीतापुर। विकास खंड मिश्रित में वित्तीय नियमो की अनदेखी व फर्जी टेंडर प्रक्रिया का आरोप, विधायक ने की जांच की मांग।

    संदीप चौरसिया तहसील मिश्रिख की रिपोर्ट।

    मिश्रित\सीतापुर। विकासखंड मिश्रित में तैनात कर्मचारियों की भ्रष्ट कार्यशैली की आवाज प्रदेश शासन तक पहुंच गई है,फिर भी उन पर कार्यवाही न होना एक यक्ष प्रश्न बना हुआ है। विकासखंड मिश्रित की ग्राम पंचायतों में कागजों पर विकास कार्य कराकर लाखों रुपयों का  सरकारी धन गमन किया गया है।  मांमले को लेकर विधान सभा मिश्रित के क्षेत्रीय विधायक रामकृष्ण भार्गव ने काफी नाराजगी जाहिर की है। क्षेत्रीय विधायक ने दिनांक 24 सितम्बर को जिलाधिकारी को एक लेटर पैड देकर ब्लाक मिश्रित की विभिन्न ग्राम पंचायतों में वित्तीय  वर्ष 2021- 22 व 2022 -23 में शासन द्वारा प्रदत्त कुल धनराशि  केंद्रीय वित्त आयोग, टाइट ग्राम पंचायत ग्रांट व पंचम राज्य वित्त आयोग द्वारा कराए गए कुल कार्य उनकी मांप पुस्तिका में अंकित मांप का मूल्यांकन , अभिलेखों का सत्यापन सभी कार्यों का स्थलीय मूल्यांकन व वरिष्ठ अभियंता प्रशासनिक अधिकारी की समिति गठित करके कराई जाए । 

    क्षेत्रीय विधायक का आरोप है कि प्रदेश शासन की मंशा साफ है,सरकारी धनराशि से ग्राम पंचायतों का समुचित विकास हो भवन , सामुदायिक शौचालय , प्राथमिक विद्यालय आदि का कायाकल्प किया जाए । बावजूद इसके भी टाइट ग्रांट व अनटाइट ग्रांट , केंद्रीय वित्त आयोग आदि योजनाओं में अनुमन्य कार्य से ग्राम पंचायत अधिकारियों द्वारा शासकीय धनराशि को प्रथक कार्यों पर फर्जीवाड़ा करके बड़े पैमाने पर खर्च किया गया है । जो योजना की गाइड लाइन के विरुद्ध है ।  योजना अनुसार मार्गदर्शी सिद्धांतों पर धन खर्च नहीं किया गया है । क्षेत्रीय विधायक का आरोप है । कि ग्राम पंचायत अधिकारियों द्वारा एस्टीमेट बनाकर बिना कार्य कराए ही  एमबी साफ्ट पर जियो टैग  कराकर फर्जी एमबी के जरिए लाखों रुपए ई ग्राम स्वराज से अपव्यय किया गया है । वित्तीय नियमों की अनदेखी तथा फर्जी टेंडर प्रक्रिया से सरकारी धनराशि का बड़े पैमाने पर गमन किया गया है । क्षेत्रीय विधायक ने ब्लाक मिश्रिख की ग्राम पंचायत भिठौली ,  लश्करपुर , मोहम्मद नगर , रामपुर भूड़ा , लोहार खेड़ा ,  बरेठी , कोल्हुवा , फूलपुर झरिया , अकबरपुर आदि ग्राम पंचायतों में फर्जी कार्यों की जांच कराने के संबंध में एक समिति  गठित करने का निर्देश दिया है। जिसमें तकनीकी अभियंता सभी निर्माण कार्यों का स्थलीय मापन पुनः करें । योजनाओं के मास्टर रोल उसी तारीख में जारी उसी ग्राम पंचायत के मनरेगा मास्टर रोल से मिलान करे । जादातर मास्टरोलों में डबल व फर्जी नाम सामिल किए गए है। समित का अभियंता सभी कार्यों का पुनः स्थलीय मापन कर राजकीय धनराशि की अनियमितता को प्रकाश में लाए और गमन की गई धनकाशि दोषियों से वसूली कराए तथा प्रशासनिक कार्यवाही करें। अब सवाल यह उठता है। कि क्षेत्रीय विधायक द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए लेटर पैड को लग भग एक मांह बीत रहा है। जिला अधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को स्थलीय जांच कराने के निर्देश दिए थे। परंतु अभी तक मुख्य विकास अधिकारी द्वारा समिति गठित कर  किसी भी ग्राम पंचायत का स्थलीय निरीक्षण नहीं कराया जा सका है । तो आम जनता की सिकायतों पर क्या कार्यवाही होगी। आम जनता के बीच एक अहम प्रश्न बना हुआ है।

    Post Top Ad


    Post Bottom Ad


    Blogger द्वारा संचालित.