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    नैमिषारण्य\सीतापुर। भागवत भगवान श्रीकृष्ण का वांगमय स्वरुप : आनंद भाई शास्त्री

    नैमिषारण्य\सीतापुर। यदि आपके घर में भागवत है तो उसका श्रवण करो, मनन करो, क्योंकि यह ठाकुर जी का रूप है। कथा व्यास आनंद भाई शास्त्री ने बताया कि श्री कृष्ण ने उधव जी को बताया था कि मैं श्रीमद भागवत के रूप में इस भूलोक में रहूंगा। इसलिये जब इसे पढ़कर आप हमे बुलाओगे, तो मैं आ जाऊँगा। इसलिए सभी को भागवत जरूर पढ़नी चाहिए।

    प्रभु के जन्म पर  बताया कि प्रभु का जन्म रात में हुआ था,इसलिए अगर आप दिन में समय नहीं निकाल सकते तो रात को बारह बजे याद करो, मुझसे बात करो, तुम्हारे कष्ठ दूर होंगे। साथ ही बतया कि कथा के श्रेष्ठ वक्ता और श्रोता वो होते हैं जो इस दौरान आनंदित होते हैं । इस दौरान तेरे चरण कमल मैं लिपट जाउ रज बनके गाकर श्रोताओं को झूमने को विवश कर दिया. इसके साथ ही उन्होंने श्रोताओं को बताया कि हर मनुष्य को घर से निकलते समय उसे जो भी मंत्र आपको भाता है उसका पाँच बार जाप जरूर करना चाहिए. इस दौरान आचार्य संदीप कुमार दीक्षित ने बताया कि नैमिष धाम में श्रीमद्भागवत सुनने से पीढ़ियों के भी कष्ट दूर हो जाते है. यहाँ पर राजू शुक्ला, ममता शुक्ला, सुमन शुक्ला, पूर्णिमा दीक्षित, गोपाल मिश्रा, कीर्ति मिश्रा,लक्ष्मी दीक्षित, सुधीर मिश्रा,छुन्ना बाजपई, संजय शुक्ला, अर्चना दीक्षित,  रोली मिश्रा, शोभित शुक्ला, ज्योति मिश्रा, श्याम गुप्ता, लाला गुप्ता आदि मौजूद रहे।

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