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    लखनऊ। सीएसआईआर-सीडीआरआई की नई निदेशक बनीं डॉ राधा रंगराजन।

    लखनऊ। (इंडिया साइंस वायर) भारत को ‘दुनिया की फार्मेसी’ बनाने में भूमिका निभाने वाली लखनऊ स्थित राष्ट्रीय प्रयोगशाला सीएसआईआर-केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (सीडीआरआई) की नये निदेशक के रूप में डॉ राधा रंगराजन ने कार्यभार संभाल लिया है।  डॉ राधा रंगराजन पिछले दो दशकों से सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में ट्रांसलेशनल रिसर्च एवं उत्पाद विकास में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। उन्होने, अकादमिक, स्टार्ट-अप एवं उद्योगों के बीच इंटरफेस पर बारीकी से काम करते हुए, औषधि अनुसंधान, निदान एवं चिकित्सा उपकरणों जैसे क्षेत्रों में अपने अनुभव को विस्तार दिया है।

    वर्ष 2003 और 2009 के बीच, डॉ रंगराजन ने हैदराबाद में डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज के ड्रग डिस्कवरी डिविजन में काम किया। उन्होंने विभिन्न भूमिकाओं में  कार्य करते हुए मधुमेह, हृदय-रोग और संक्रमण-रोधी जैसे चिकित्सीय क्षेत्रों के लिए प्रारंभिक चरण के अणुओं को सफलतापूर्वक विकसित किया।

     डॉ राधा रंगराजन (दाएं) का स्वागत करते हुए डॉ श्रीनिवास रेड्डी (बाएं)

    विभिन्न संक्रमणों के विरुद्ध नयी औषधिओं के अनुसंधान और विकास से जुड़ी कंपनी ‘विटास फार्मा’ के सह-संस्थापकों में डॉ राधा रंगराजन शामिल रही हैं। उन्होंने सार्वजनिक-निजी भागीदारी का लाभ उठाते हुए, एक अत्यधिक कुशल नवाचार मंच तैयार किया, जिसके माध्यम से अनेक लीड अनुकूलित उम्मीदवार औषधियाँ, पेटेंट एवं निदान (डायग्नोस्टिक्स) तैयार करने में मदद मिली। वर्ष 2020 में, उन्होंने चिकित्सा उपकरण कंपनी हैल्थक्यूब्ड में मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी के रूप में कार्य किया, जहाँ उन्होने उत्पाद विकास, नैदानिक ​​सत्यापन, निर्माण और नियामक मामलों संबंधी जिम्मेदारी निभायी।

    डॉ रंगराजन मेडटेक इनक्यूबेटर, इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, हैदराबाद (IIIT-H) की संचालन परिषद की सदस्य हैं। इसके साथ ही, आईहब-डेटा (IHub-Data, IIIT-H) की वैज्ञानिक कार्यक्रम समिति की सदस्य एवं NIDHI सीड सपोर्ट सिस्टम, अटल इनक्यूबेशन सेंटर-सीसीएमबी की चयन समिति की सदस्य एवं डीएसटी इंस्पायर फैकल्टी फेलो के लिए चयन समिति की सदस्य भी हैं।

    डॉ रंगराजन ने वर्ष 2019 में फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्रीज (फिक्की) का उत्कृष्टता-महिला पुरस्कार प्राप्त किया। उन्हें वर्ष 2017 में भारत के उभरते उद्यमियों को पहचान (मान्यता) दिलाने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की "चैंपियंस ऑफ चेंज" पहल के लिए चुना गया था। उन्होंने ‘विटास फार्मा’ टीम का नेतृत्व किया, जिसने वर्ष 2016 में लॉन्गीट्यूड प्राइज कमेटी, यूके का डिस्कवरी अवार्ड प्राप्त किया, और 2016 में इकोनॉमिक टाइम्स स्टार्ट-अप अवार्ड्स (वुमन अहेड कैटेगरी) में फाइनलिस्ट रहीं।

    डॉ रंगराजन ने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त की, मिशिगन विश्वविद्यालय एन आर्बर से मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री, एवं रॉकफेलर यूनिवर्सिटी, न्यूयॉर्क से पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की है। आप हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में पोस्ट-डॉक्टरल फेलो रहीं।

    इस अवसर पर अपने संदेश में, सीडीआरआई की अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष और हैदराबाद विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान के प्रतिष्ठित प्रोफेसर, प्रो गोवर्धन मेहता ने कहा – ‘नई निदेशक, डॉ राधा रंगराजन, जिन्होंने अकादमिक और उद्योग में व्यापक रूप से काम किया है, के नेतृत्व में, सीडीआरआई; अनुसंधान के भविष्य और प्रासंगिक क्षेत्रों की पहचान की दिशा में एक प्रभावशाली पथ को पार करने के लिए तैयार है।’

    इस अवसर पर, डॉ श्रीनिवास रेड्डी, निदेशक सीएसआईआर-आईआईसीटी, एवं प्रभारी निदेशक सीएसआईआर-आईआईआईएम जम्मू तथा सीएसआईआर-सीडीआरआई लखनऊ ने स्वागत करते हुए और कार्यभार सौंपते हुए कहा, “डॉ राधा रंगराजन, फार्मा उद्योग और शिक्षा दोनों ही क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखतीं हैं। इसलिए, वह सीएसआईआर-सीडीआरआई जैसे संस्थान, जो सभी के लिए किफायती स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्यरत है, के लिए महत्वपूर्ण होंगी।’

    इस अवसर पर सभी वैज्ञानिकों, प्रशासनिक कर्मचारियों और छात्रों ने नये निदेशक को शुभकामनाएं दीं, और उनके नेतृत्व में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है। (इंडिया साइंस वायर)

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