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    श्रावस्ती। खाद्यान्न से भरी ट्राली को अपूर्ति निरीक्षक ने खानापूर्ति कर छोड़ा।

    ......... गरीबों,बेसहारा लोगों के घरों का राशन जा रहा बाजार,लोग हाथ मलकर रहते चुप-

    श्रावस्ती। जनपद के विकास खंड जमुनहा क्षेत्र में गरीबों को दो वक्त के भोजन के लिए सरकार द्वारा मुहैया कराई गए राशन पर कोटेदार खुलेआम डाका डाल रहे हैं क्षेत्रीय पुलिस ने गेहूं बेचने जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़कर कब्जे में लिया और एस.डी.एम को सूचना दे दी। एस.डी.एम के आदेश पर मौके पर जांच करने पहुंचे विभागीय अधिकारी ने बिना सिलाई के बोरी होने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ते हुए खानापूर्ती कर पकड़े गए ट्रैक्टर-ट्राली को छोड़ दिया।अब सवाल यह है कि राशन की कालाबाज़ारी करने वाला क्या बोरी सील राशन लेकर चलेगा जिसकी चर्चा क्षेत्र में जोरो पर है कि बोरो की सिलाई तोड़ो और राशन की कालाबाज़ारी करो।

    जानकारी के अनुसार थाना मल्हीपुर के पुलिस चौकी हरबंशपुर के अंतर्गत जब्दी चौराहे पर सोमवार सुबह 7 बजे सरकारी बोरे में भरी गेँहू से लदी ट्रैक्टर ट्राली जा रही जिसे मुखबिर की सूचना पर ड्यूटी पर तैनात पुलिस जवान परमेश्वर सिंह व संतोष चौधरी ने रोककर पूछताछ की तो चालक ट्रैक्टर छोड़कर भागने लगा पुलिस ने उसे पकड़ लिया और ट्रैक्टर-ट्राली को जब्त कर थानाध्यक्ष मल्हीपुर को तत्काल सूचना दी। जिसपर थानाध्यक्ष मल्हीपुर हर्षवर्धन सिंह ने इसकी जानकारी एस.डी.एम जमुनहा सौरभ शुक्ला को दी,तो उन्होंने सप्लाई इंस्पेक्टर राजेश सिंह को मौके पर जाकर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया वहीं खाद्यान से भरी ट्राली पकड़े जाने की चर्चा क्षेत्र में जोरो पर है सूचना के 05 घंटे बाद मौके पर जांच करने पहुँचे सप्लाई इंस्पेक्टर राजेश सिंह ने ट्रैक्टर-ट्राली में सरकारी राशन होने से इंकार करते हुए उसे क्लीन चिट देकर छोड़ दिया।  जबकि ट्रैक्टर-ट्राली में खुले गेँहू के साथ लगभग 40 सरकारी बोरे में गेँहू भरा लदा था फिर भी उन्होंने इसे सरकारी राशन मानने से इनकार कर दिया।  जबकि सप्लाई इंस्पेक्टर के जांच के दौरान क्षेत्र के कई कोटेदार उनकी परिक्रमा करते नजर आए और स्थानीय लोग इसे ग्राम पंचायत रहमतूगाँव के कोटेदार का ही राशन बता रहे थे,इसपर कार्यवाही के सम्बंध में जब सप्लाई इंस्पेक्टर राजेश सिंह से एक मीडियाकर्मी ने बात की तो उनका पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया उन्होंने कहा कि 50 प्रतिशत खाद्यान बाजारों में बिकता है हम उसको नही रोक पाएंगे और ऐसे सब पर कार्यवाही थोड़ी करने लगेंगे जबतक हमे सरकारी बोरे सील नही मिलेंगे तब तक कुछ नही कर सकते है। जबकि साहब चाहते तो ट्रैक्टर-ट्राली पर लदे सरकारी बोरे में भरे राशन की सैम्पल लेकर जांच के लिए भेज सकते थे जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाता।  वहीं नाम न छापने की शर्त पर कुछ ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत रहमतू गाँव के कोटेदार के यहाँ का खाद्यान गल्ला व्यापारी ने अपने राशन के साथ सरकारी बोरा सहित लादकर बेचने बाजार जा रहा था तभी किसी ने पुलिस को सूचना दी और पुलिस ने पकड़ लिया सुबह से ही इस क्षेत्र के कई कोटेदार पूर्ति विभाग के कार्यालय के चक्कर लगाने लगे और हुआ भी वही जिसका लोग अंदेशा जता रहे थे लोगो को शक था कि विभागीय अधिकारी के रहमोकरम पर गरीबो के राशन में बराबर कटौती करने वाले यह रसूखदार कोटेदार बच ही जाएंगे आखिरकार जांच करने पहुँचे साहब ने सबकुछ बढ़िया करार दे दिया। लेकिन ट्राली पकड़े जाने से लेकर जांच के बाद छोड़े जाने तक स्थानीय कोटेदार साहब के आगे पीछे घूमते नजर आए जिससे दाल में कुछ काला जरूर लगता है अब क्या हकीकत है यह जांच का विषय है।

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