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    शाहजहांपुर। बौद्धिक संपदा अधिकार पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ शुभारंभ।

    फै़याज़ उद्दीन\शाहजहांपुर। स्वामी शुकदेवानंद महाविद्यालय के वाणिज्य संकाय में बौद्धिक संपदा अधिकार पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ हिन्दू कॉलेज मुरादाबाद के प्रोफेसर एन यू खां ने स्वामी शुकदेवानंद जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर व पुष्पांजलि अर्पित कर किया। 

    सचिव डॉ ए के मिश्रा व उप प्राचार्य डॉ अनुराग अग्रवाल ने अतिथि को शाल ओढ़ाकर व स्मृति चिन्ह देकर उनका स्वागत व सम्मान किया। बीकॉम की छात्रा चारू अग्निहोत्री, जानवी अग्रवाल, प्राची मिश्रा, पवनदीप कौर आदि ने अतिथियों का चंदन तिलक लगाकर स्वागत किया। राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ के अध्ययन के अनुसार जिन देशों में बौद्धिक संपदा अधिकार की व्यवस्था सुदृढ़ है वहां तेजी से आर्थिक विकास हुआ है भारत सरकार को बौद्धिक संपदा अधिकार के कानून में गंभीर संशोधन करने की आवश्यकता है, ताकि भारत देश आई.पी.आर के प्रति सजग हो सके व वैश्विक पटल पर बौद्धिक संपदा के क्षेत्र में अपनी खोई हुई संपदा को प्राप्त कर आर्थिक लाभ कमा सके।

    सचिव डॉ ए के मिश्रा ने कहा की बौद्धिक संपदा हमारे राष्ट्र की संपदा होती है जो युवाओं को रोजगार देकर राष्ट्र का स्थाई आर्थिक विकास में मदद करती है। उप प्राचार्य डॉ अनुराग अग्रवाल ने कहा कि यदि कोई उद्यमी नए उत्पाद की खोज करता है और वह उसका पंजीकरण करा लेता है,तो वह खोज पंजीकरण के बाद पेटेंट हो जाती है। 

    संगोष्ठी में बौद्धिक संपदा पर प्रकाशित एक पुस्तक का विमोचन भी किया गया जिसमें शोधकर्ताओं के 15 प्रमुख शोध पत्र प्रकाशित किये गए है,  डॉ रूपक श्रीवास्तव के संचालन में संपन्न हुई संगोष्ठी में आभार संयोजक डॉ के के वर्मा ने दिया। कार्यक्रम में वाणिज्य विभाग के शिक्षक डॉ कमलेश गौतम, डॉ गौरव सक्सेना, डॉ संतोष प्रताप सिंह, डॉ अजय कुमार वर्मा, डॉ सचिन कुमार खन्ना, जागृति गुप्ता, प्रकाश कुमार वर्मा, प्रतीक्षा मिश्रा, अंकुर अवस्थी तुषार रस्तोगी मनीष कुमार और अखिलेश का सहयोग रहा। 

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