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    शाहजहांपुर। मुमुक्षु शिक्षा संकुल के शिक्षकों को किया गया सम्मानित।

    फै़याज़ उद्दीन\शाहजहांपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर स्वामी शुकदेवानंद महाविद्यालय में शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें विधि महाविद्यालय, संस्कृत महाविद्यालय, डी0 एस0 इंटर कॉलेज और शंकर मुमुक्षु विद्यापीठ के शिक्षकों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती और प्राचार्य गण ने डा राधाकृष्णन के चित्र पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्वलित करके किया।

    शंकर मुमुक्षु विद्यापीठ की छात्राओं जहान्वी, कोमल, प्रज्ञा, वैष्णवी तथा सिद्धिका ने गुरु वंदना प्रस्तुत की जबकि डा प्रतिभा सक्सेना, सत्यप्रिया और प्रभा आदि ने स्वागत गीत द्वारा शिक्षकों का अभिनंदन किया। शिक्षक दिवस के अवसर पर बोलते हुए बीएएलएलबी के छात्र सोमेश ने कहा कि शिक्षक ही भविष्य निर्माता है। व्यक्तित्व के निर्माण में माता-पिता से अधिक शिक्षकों की भूमिका होती है। एलएलबी की छात्रा  अंशरा और एम0ए0 के राजमोहन पाठक ने शिक्षक की महिमा का बखान करने वाली कविताएं प्रस्तुत की। इस अवसर पर शंकर मुमुक्षु विद्यापीठ के प्रधानाचार्य डा संध्या, डी0 एस0 इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डा अमीर सिंह यादव, संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डा हरिनाथ झा, विधि महाविद्यालय के प्राचार्य डा जे0एस0 ओझा, एस0एस0 कॉलेज के प्राचार्य डा आर0 के0 आजाद और सचिव डा ए0 के0 मिश्रा ने भी शिक्षकों को संबोधित किया। कार्यक्रम में स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने 7 शिक्षकों को स्वामी ''शुकदेवानंद ऋषि सम्मान'' से अलंकृत किया। 

    सम्मानित होने वाले शिक्षकों में लिटिल आइंस्टीन प्ले स्कूल की शिक्षिका निशी रस्तोगी,शंकर मुमुक्षु विद्यापीठ की किरन मेहरोत्रा, संस्कृत महाविद्यालय की रुचि मिश्रा, एस0एस0 कॉलेज की डाॅ0 पद्मजा मिश्रा, डॉ0 अजीत सिंह चारग, डी0 एस0 इंटर कॉलेज के उमेश कुमार दीक्षित और विधि महाविद्यालय के विजय सिंह सम्मिलित रहे। डा अनुराग अग्रवाल के संचालन में हुए कार्यक्रम के अंत में आशीर्वाद देते हुए स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने कहा कि शिक्षक किसी भी राष्ट्र की धरोहर होते हैं। डॉ राधाकृष्णन जन्मजात शिक्षक थे, उन्होंने अपने जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने का संकल्प लेकर शिक्षकों को सदैव अपने ऊपर गर्व करने और अपने दायित्वों के प्रति सजग रहने का अवसर दिया है। स्वामी जी ने कहा कि संकुल के शिक्षकों ने न केवल जनपद अपितु विश्वविद्यालय स्तर पर अपनी संस्थाओं का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि हम स्वामी शुकदेवानंद महाविद्यालय तथा विधि महाविद्यालय को शीघ्र ही विश्वविद्यालय में बदलने की तैयारी कर रहे हैं। कार्यक्रम के समापन पर शिक्षकों की ओर से डा आदित्य कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम के आयोजन में डा सचिन खन्ना, रजनी, शगुन, प्रार्थना, शिवाली अवनीश सिंह चौहान, अंकुर अवस्थी, तुषार रस्तोगी, मनीष कुमार, अखिलेश कुमार आदि का विशेष सहयोग रहा।

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