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    गया\बिहार। रबड़ डैम बन जाने से गया में विष्णुपद मंदिर के पास फल्गू नदी में अब सालोभर उपलब्ध रहेगा जल।

    प्रमोद कुमार यादव

    गया\बिहार। जल संसाधन विभाग द्वारा निर्मित बिहार के पहले और देश के सबसे बड़े रबर डैम का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पितृपक्ष मेला शुरू होने से एक दिन पूर्व 8 सितंबर को करेंगे लोकार्पण। पैदल स्टील पुल के निर्माण से फल्गू के दूसरे तट पर स्थित सीताकुंड पहुंचना भी हुआ आसान। 

    जल संसाधन तथा सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री संजय कुमार झा ने गुरुवार को गया में प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर के निकट फल्गू नदी में जल संसाधन विभाग द्वारा निर्मित बिहार के पहले तथा देश के सबसे बड़े रबर डैम का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह रबर डैम अब लोकार्पण के लिए तैयार है और माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आगामी 8 सितंबर को इसका उद्घाटन कर इसे जनता को समर्पित करेंगे। जल संसाधन मंत्री ने विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर लोकार्पण की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की और जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के निर्देश पर इसे 'गया जी डैम' नाम दिया गया है। इसके निर्माण से विष्णुपद मंदिर के निकट फल्गू नदी में सालों भर जल उपलब्ध रहेगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को पिंडदान, स्नान एवं तर्पण में सुविधा होगी। इस डैम के निर्माण से यहां के भूजल स्तर में भी सुधार हुआ है।

    संजय कुमार झा ने कहा कि ज्ञान एवं मोक्ष की पावन भूमि, धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर गया में हर वर्ष लाखों हिंदू, बौद्ध एवं जैन श्रद्धालु आते हैं। इनमें बड़ी संख्या उन श्रद्धालुओं की होती है, जो अपने पितरों को मोक्ष दिलाने की कामना के साथ पिंडदान, स्नान एवं तर्पण के लिए आते हैं। लेकिन, विश्व प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर के निकट मोक्षदायिनी फल्गू नदी में सतही जल का प्रवाह बरसात के कुछ भाग को छोड़ कर शेष दिनों में नगण्य होने के कारण देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को काफी परेशानी होती थी। इसके समाधान के लिए विष्णुपद मंदिर के पास फल्गू नदी में सालोभर जल उपलब्ध कराने के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के निर्देश पर जल संसाधन विभाग ने बिहार के पहले रबर डैम का निर्माण निर्धारित समय से एक साल पहले ही पूरा करा लिया है। संजय कुमार झा ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना का शिलान्यास खुद माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के कर-कमलों से 22 सितंबर, 2020 को हुआ था। योजना को अक्टूबर, 2023 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन, बाद में मुख्यमंत्री ने इसे पितृपक्ष मेला 2022 से पहले पूर्ण कराने का निर्देश दिया था।

    उन्होंने कहा, हमें यह बताते हुए खुशी है कि जल संसाधन विभाग ने अपने अधिकारीगण एवं अभियंताओं के सुनियोजित प्रयासों के कारण दिये गये लक्ष्य को हासिल कर लिया है और नवनिर्मित रबर डैम अब लोकार्पण के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री इस वर्ष पितृपक्ष मेला शुरू होने से एक दिन पहले 8 सितंबर को इसका लोकार्पण करेंगे।

    धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक मृत्यु के उपरांत मोक्ष की प्राप्ति जिन तीन कृत्यों से होती है, वे हैं- श्राद्ध, पिंडदान और तर्पण। पुराणों में पिंडदान एवं तर्पण के लिए गया को सबसे पवित्र स्थान बताया गया है। पौराणिक कथाओं के मुताबिक गया जी तीर्थ में स्वयं भगवान श्रीराम अपने परिवार के साथ पिता के निमित्त पिंडदान के लिए आये थे। संजय कुमार झा ने बताया कि बिहार में पहली बार परंपरागत कंक्रीट डैम के स्थान पर आधुनिक तकनीक पर आधारित रबर डैम का निर्माण कराया गया है, जिसका पर्यावरण पर भी कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। योजना की पूरी रूपरेखा आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों द्वारा स्थल निरीक्षण के उपरांत दिये गये परामर्श को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई थी। योजना के तहत मंदिर के 300 मीटर निम्न प्रवाह में फल्गू नदी के बाएं तट पर 411 मीटर लंबा, 95.5 मीटर चौड़ा और 03 मीटर ऊँचा रबर डैम का निर्माण कराया गया है। इसमें फल्गू नदी के सतही एवं उप सतही जल प्रवाह को रोक कर जल का संचयन किया गया है और पानी के समय-समय पर प्रतिस्थापन के लिए बोरवेल की स्थापना की गई है। सतही जल के प्रवाह को रोकने के लिए 1031 मीटर लंबाई में शीट पाइल और 300 मीटर में डायफ्राम वॉल का प्रावधान किया गया है। इस डैम के निर्माण से विष्णुपद मंदिर के निकट फल्गू नदी में सालोभर जल उपलब्ध रहेगा।

    उन्होंने बताया कि जल संसाधन विभाग द्वारा फल्गू नदी के दूसरे किनारे (दाएं तट) पर स्थित सीताकुंड की तरफ श्रद्धालुओं के पैदल जाने के लिए 411 मीटर लंबे स्टील ब्रिज और फल्गू नदी के बाएं तट की तरफ एक, जबकि दाएं तट की तरफ दो घाटों का भी निर्माण कराया गया है। स्टील ब्रिज के निर्माण से सीताकुंड मंदिर तक पहुंचना भी सुगम हो गया है। उल्लेखनीय है कि पवित्र सीताकुंड के बारे में मान्यता है कि माता सीता ने अपने स्वर्गीय ससुर दशरथ जी के लिए यहीं पिंडदान किया था। विष्णुपद मंदिर आने वाले श्रद्धालु पवित्र सीताकुंड के दर्शन के लिए भी जाते हैं।

    इस स्थल पर जल स्वच्छ रहे और शहर के नालों का गंदा पानी फल्गु नदी में नहीं जाए, इसके लिए जल संसाधन विभाग ने मनसरवा नाले का निर्माण भी सिर्फ 55 दिनों में पूरा करा लिया है। संजय कुमार झा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विजन के अनुरूप जल संसाधन विभाग द्वारा निर्मित रबर डैम, स्टील ब्रिज और घाट सहित विभिन्न विकास कार्य श्रद्धालुओं को सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षण के केंद्र बनेंगे। स्थल निरीक्षण और लोकार्पण की तैयारियों की समीक्षा के दौरान जल संसाधन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल, गया के जिलाधिकारी त्यागराजन एसएम, सिंचाई सृजन के इंजीनियर-इन-चीफ  ईश्वर चंद्र ठाकुर एवं विभाग के कई अन्य वरीय अधिकारी मौजूद थे।

    इससे पहले जल संसाधन मंत्री ने गया में गंगा जल आपूर्ति योजना के तहत निर्मित जल शोधन संयंत्र और शहर में जलापूर्ति के लिए बिछाई जा रहे पाइपलाइन का भी स्थल निरीक्षण किया है और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।

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