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    आगरा। स्कूल में फीस के लिए छात्राओं पर जुल्म, किया प्रताड़ित, जिलाधिकारी ने दिये जांच के आदेश।

    आगरा। आगरा के सिम्बोयजिया स्कूल में फीस न भरने पर 13 वर्ष की अनुष्का शर्मा कक्षा-7 की छात्रा को प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। वहीं छात्रा के पिता ने बच्ची के साथ हुए दुर्व्यवहार, शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना की शिकायत जिला अधिकारी से कर सिम्बोयजिया स्कूल के समस्त विद्यालय स्टाफ पर कार्यवाही की मांग की। 

    क्या है पूरा मामला 

    आपको बता दें कि सिम्बोयजिया स्कूल, न्यू गोविन्द नगर, शाहगंज, आगरा मे  13 वर्ष की अनुष्का शर्मा जो कक्षा-7 की छात्रा है। जिसे विद्यालय स्टाफ ने फीस डिफॉल्टर बताकर कक्षा से बाहर निकाल दिया और सभी छात्रो को  पीरियड एक से लेकर सात तक बिठाया एवं उस दिन पढने नहीं दिया गया और उस दिन होने वाला टेस्ट भी नहीं देने दिया।  पिता ने शिकायती पत्र मे बताया कि मेरी बेटी काफी डरी हुई एवं डिप्रेशन में थी, स्कूल जाने से मना किया। हमने अपनी बेटी को काफी समझाया एवं स्कूल जाने के लिये तैयार किया तथा मैं उसे स्कूल लेकर पहुँचा। जब मैंने जनरल ऑफिस में जब उक्त व्यवहार का कारण पूछा तो पहले तो उन्होंने ऐसा कुछ भी होने से साफ मना कर दिया। परन्तु जब मैंने अपनी बेटी से उनका सामना कराया तो उन्होंने बड़े ही लापरवाही पूर्ण तरीके से बताया कि आपकी जुलाई माह की फीस बकाया होने की वजह स उसे कक्षा से बाहर निकाल दिया होगा एवं मेरी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया जब मैंने उनसे कहा इस तरह का दुव्यवहार स्कूल की छात्रा के साथ उचित नहीं। तो उन्होंने बताया कि हम तो अपने मैनेजमेन्ट के आदेश का पालन कर रहे हैं। यदि आपको कोई आपत्ति है तो आप मैनेजमेन्ट से बात करिये जब मैंने उनसे मैनेजमेन्ट से मिलवाने के लिये कहा तो उन्होंने आना-कानी की एवं बाद आने के लिये कहा। मैंने उनसे स्कूल के निदेशक / प्रधानाचार्य का फोन नम्बर माँगा तो भी नहीं दिया।

    तब उन्होंने स्कूल की उप-प्रधानाचार्य तृप्ति कुलश्रेष्ट से मुझे मिलवाया। उन्होंने भी पहले इस प्रकार को घटना से इनकार किया परन्तु मेरी बेटी द्वारा पुष्टि किये जाने पर उन्होंने अपनी गलती का ठीकरा मेरे सिर पर फोड़ दिया कि और कहा कि फीस जमा न होने की स्थिति में मैनेजमेन्ट के दिशा निर्देश के अनुसार हम इस तरह का कदम उठाने के लिये स्वतंत्र हैं और कहा कि यदि आपकी फीस जमा करने की हैसियत नहीं थी तो स्कूल में एडमिशन से पहले सोचना चाहिये था जब मैंने उनसे स्कूल के इस दुर्व्यवहार को सार्वजनिक करने की बात कही तो उन्होंने मेरी बच्ची को कक्षा में जाने की अनुमति दे दी। एवं मेरी बेटी के साथ फिर से इस तरह को घटना न होने का आश्वासन दिया और कहा कि यदि आगे आप फीस तय समय पर देंगे तो ही हम आपकी बेटी को अपने यहाँ पढ़ने देंगे और अगली साल आप अपनी बेटी की टी.सी. हमारे यहाँ से कटा लें क्योंकि आपकी हैसियत नहीं हैं हमारे यहाँ आगे पढ़ाने की । 

    इस तरह से छात्रों पर फीस के लिए कब तक विद्यालय स्टाफ द्वारा दुर्व्यवहार, शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना करते रहेगे, ऐसे विद्यालय व स्टाफ पर जांच कर उचित कार्यवाही होनी चाहिए। 

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