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    अयोध्या। ज्ञानवापी मामले के फैसले पर रामनगरी के सन्तो ने जताया हर्ष, कहा- कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक।

    अयोध्या। ज्ञानवापी मस्जिद सुनवाई मामले को लेकर आये कोर्ट के निर्णय का राम नगरी के संतों ने जोरदार स्वागत किया है। ज्ञानवापी मस्जिद अंजुमन इंतजामिया कमेटी की याचिका 7 रूल 11 को खारिज करते हुए जिला जज ने हिंदू पक्ष के दावे को सही ठहराया और कहा कि यह वाद सुनवाई योग्य है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 22 सितम्बर को होगी। जिला जज के फैसले के बाद अब इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में होगी। 

    मुख्य पुजारी श्रीरामलला मन्दिर महंत सतेंद्र दास जी                                                       पुजारी राजू दास हनुमानगढ़ी

    हनुमानगढ़ी के पुजारी राजू दास का कहना है कि देश में संवैधानिक क्रांति की जरूरत, पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा है कि विदेशी आक्रांताओं की निशानी हटाया जाना चाहिए। संविधान में आस्था के साथ कोर्ट को साधुवाद आज विजय मिली।आज खुशी का दिन हैं। अब मथुरा और काशी के साथ साथ 20 हजार मंदिरों में भी विजय हासिल करेंगे। श्री राम जन्म भूमि के रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने फैसले का स्वागत किया। उनका कहना है कि मुस्लिम पक्ष की दलील थी उस को खारिज किया है और हिंदू पक्ष की दलील को रखा है और आशा है कि अगले तारीख तक इसका फाइनल हो जाएगा। 

    जगद्गुरु स्वामी राम दिनेशाचार्य

    तो वही जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य ने वाराणसी श्रृंगार गौरी केस में कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताया। देश के साधु संतो में प्रसन्नता है मुस्लिम आक्रांताओं द्वारा हिन्दुओं की जनआस्था को विखंडित किया गया उसके पुनरुत्थान का समय आ गया। मुस्लिम याचिका का खारिज किया गया स्वागत योग्य है। मुगलों की परंपराओं का समापन होना चाहिए। राष्ट्रीय परंपरा की स्थापना होनी चाहिए।

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