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    शाहजहांपुर। ककरा कांकर कुंड न्यू सिटी में चला बाबा का बुल्डोजर ।

    ............ जिला प्रशासन ने ककरा कुंड को बाढ़ ग्रस्त किया घोषित ।

    .......... सरकार ने करोड़ों रुपए खर्च कर यहीं पर बनाया है, नगर निगम का गेस्ट हाउस और इलेक्ट्रॉनिक बसों का चार्जिंग प्वाइंट, यहीं पर निर्माणाधीन है, नगर निगम का कार्यालय।

    शाहजहांपुर। महानगर में यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा ककरा न्यू सिटी के नाम से इस एरिया को विकसित करने के लिए यहां पर नगर निगम का कार्यालय एवं सिटी बसों के लिए चार्जिंग प्वाइंट बनानें का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था जहां पर सिटी बसों का चार्जिंग प्वाइंट चालू हो गया है, और नगर निगम का कार्यालय प्रगति पर है,जहां उसी एरिया को अब जिला प्रशासन ने बाढ़ ग्रस्त घोषित कर दिया है, इसी क्षेत्र में अच्छी सी रोड  नगर निगम का गेस्ट हाउस और इलेक्ट्रॉनिक बसों का चार्जिंग प्वाइंट बनने के बाद जमीनों कि कीमतें आसमान छूने लगी और ककरा न्यू सिटी में प्लाट खरीदने वालों की बाढ़ सी आ गई जहां हजारों लोगों ने महंगी कीमत में प्लाट खरीद कर अपने मकान बनाने शुरू कर दिए शायद इन्हें  नहीं पता था कि यहां पर बाबा का बुल्डोजर भी चल सकता है। 

    क्योंकि यह एरिया बाढ़ ग्रस्त तो घोषित है। लेकिन यहां पर करोड़ों रुपया खर्च कर सरकार ने नगर निगम का गेस्ट हाउस और इलेक्ट्रॉनिक बसों का चार्जिंग प्वाइंट बनवा कर इस एरिया को नया नाम ककरा न्यू सिटी दिया था और यहां आज भी नगर निगम का कार्यालय निर्माणाधीन है जब जमीनों की कीमतें बढ़ी और प्लाट खरीदने वालों की बाढ़ सी आ गई तो वहीं यहां जमीनों पर प्लाटिंग होने लगी प्लाटिंग करने वाले लोगों ने तो अच्छी कीमतों में लोगों को जमीनें बेच दी और नौ दो ग्यारह हो गए लेकिन अब जिन्होंने प्लाट खरीदे हैं, उनके लिए एक मुसीबत खड़ी हो गई है, अब ना तो उनका पैसा वापस हो सकता है, और ना ही वह मकान बनवा सकते हैं, इसी एरिया में कल सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट आशीष कुमार सिंह भारी पुलिस फोर्स लेकर पहुंचे जहां बुल्डोजर चलने से कई लोगों के आशियाने उजड़ गए हैं, जहां बुल्डोजर चलने से हड़कंप मच गया जहां अब प्लाट खरीदने वालों में खोफ बना हुआ है, जिसको लेकर प्रशासन पर तमाम सवाल उठ रहे हैं।

    जब बाढ़ ग्रस्त एरिया में करोड़ों रुपए से नगर निगम का गेस्ट हाउस चार्जिंग प्वाइंट बन सकता है, तो मकान क्यों नहीं बन सकते हैं।

    जब अवैध रूप से की जा रही प्लाटिंग पर चला बाबा का बुल्डोजर तो प्लाट खरीदने वालों ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप और उठाए तमाम सवाल और सवाल उठाना लाज़मी भी है, प्लाट खरीददारों का कहना है, जब यहां बाढ़ ग्रस्त एरिया है, तो यहां नगर निगम का कार्यालय क्यों बन रहा है, जहां करोड़ों रुपया खर्च कर सरकार ने नगर निगम का गेस्ट हाउस और इलेक्ट्रॉनिक बसों का चार्जिंग प्वाइंट बनवा कर इस एरिया को न्यू सिटी नाम दिया है, क्या सरकार के कोई नियम कानून नहीं हैं, क्या केबल और केवल यह नियम शहर के नागरिकों के लिए ही हैं, सरकारी बिल्डिंग बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में भी बनाई जा सकती है, तो लोगों के आवास भी बनाए जा सकते हैं। जहां अधिकारियों नेताओं के लिए गेस्ट हाउस बना हुआ है, जहां से इलेक्ट्रॉनिक बसों का संचालन हो रहा है, यहां नगर निगम का कार्यालय निर्माणाधीन है, जिसे साशन द्वारा खुद ककरा न्यू सिटी का नाम दिया है।

    • सिटी मजिस्ट्रेट का कहना है, कि फिलहाल यह क्षेत्र बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र है, 

    इस क्षेत्र में लोगों द्वारा लिए गए प्लाटों को लेकर कहना है, कि इस जगह पर शहर के प्रॉपर्टी डीलरो द्वारा की गई प्लाटिंग पर बाबा का बुल्डोजर चलाया जा रहा है, और उसी एरिया को बाढ़ ग्रस्त मानकर निर्माणाधीन भवनों को गिराया जा रहा है, यह कहां तक उचित है, जबकि नगर निगम का गेस्ट हाउस और इलेक्ट्रिक सिटी बसों का चार्जिंग प्वाइंट भी इसी बाढ़ क्षेत्र में बना हुआ है, जोकि बारिश के दौरान पानी से लबालब भर गया था जहां काफी समय तक कार्य भी बाधित रहा लेकिन उसके बाद भी नगर निगम का कार्यालय आज भी वहीं पर बनाया जा रहा है, जिसका कार्य प्रगति पर है।

    अब शासनादेश अनुसार इस एरिया में निर्माण प्लॉट की विक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, सिटी मजिस्ट्रेट आशीष कुमार सिंह ने बताया है, कि यह बाढ़ ग्रस्त एरिया है, और यहां किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नही होगा। जिसके चलते यहां पर हो रही अवैध प्लाटिंग को हटवाया गया है, इससे पूर्व नगर निगम द्वारा नोटिस जारी कर निर्देश दिए गए थे कि जो भी अवैध प्लाटिंग अथवा निर्माणाधीन मकान हैं, वह सभी ध्वस्त कर दिए जाएंगे ।

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