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    पलवल। अस्पताल में विकलांग सार्टिफिकेट को लेकर परेशान।

    ऋषि भारद्वाज 

    पलवल। सरकारी अस्पताल में सरकार के निर्देश पर   विकलांगों के सार्टिफिकेट ऑनलाइन किए जा रहे हैं जिसकी वजह से विकलांग महिला,पुरुषों को विकलांग सार्टिफिकेट के फार्म जमा कराने और उनको ऑनलाइन कराने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह विकलांग लगभग तीन तीन महीने अस्पताल में चक्कर काट रहे हैं लेकिन उसके बाद भी इनके सार्टिफिकेट नही बन पा रहे हैं। डिप्टी सीएमओ डाक्टर सुरेस कुमार ने बताया की पहले इस काम को 31 अगस्त तक करना था लेकिन स्टाफ की कमी की वजह से अब इसको 31 दिसंबर तक किया जाएगा। कुछ विकलांगों के सार्टिफिकेट काटे गए हैं जी गलत तरीके से इसका लाभ ले रहे थे। 

    पलवल जिले में अब तक 6800 विकलांग सार्टिफिकेट बने हुए हैं जो यह सभी सरकार की योजनाओं को लाभ ले रहें हैं। लेकिन इन विकलांगों को फिर से परेशानी में डाल दिया है। यह जो सरकारी अस्पताल के डिप्टी सीएमओ डाक्टर अजय माम के कार्यालय के गेट पर दिखाई दे रही यह भिड़  कोई इलाज कराने वाली भीड़ नही है। यह भिड़ ऐसे लोगों की है जिनके भिन्न भिन्न तरह से अंग रहित है। यानी यह विकलांग बच्चे,महिला और पुरुष हैं जो कुछ लोग विकलांग सार्टिफिकेट बनवाने के लिए आए हैं तो कुछ अपने विकलांग सार्टिफिकेट को ऑनलाइन कराने के लिए आए हैं। लेकिन यह कितने परेशान हैं इसके बारे में इन्होंने  बताया की कोई 3 महीने से चक्कर काट रहे हैं तो कोई दो महीने से चक्कर काट रहे हैं। इन विकलांग महिला पुरुषों ने बताया की उनको फार्म जमा कराए दो से तीन महीने हो चुके हैं लेकिन उसके बाद भी उनके सार्टिफिकेट नही बन पा रहे हैं। इन लोगों ने कहा की किसी के फार्म जमा कराए जाने के बाद भी फार्म गुम हो चुके हैं और उन्होंने फिर दोबारा भी फार्म जमा करा दिए हैं लेकिन उसके बाद भी उनका सार्टिफिकेट नही बनाया गया है। इन विकलांग लोगों ने कहा की उनको आने जाने में भारी परेशानी होती है और पैसे भी खर्च हो रहे हैं किसी ने कहा की उनकेनसाथ आने जाने के लिए कोई नही है वह जैसे तैसे किसी की मदद लेकर अस्पताल आते हैं उनको बार बार बुलाया जा रहा है।

    वहीं जब इस बारे में अस्पताल के डिप्टी सीएमओ डाक्टर सुरेश कुमार से बात की तो उन्होंने कहा की पलवल जिले में 6800 विकलांग लोग हैं जिनके सभी के सार्टिफिकेट बने हुए हैं जो सरकार की योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने निर्देश दिए हैं की सभी विकलांग लोगों के विकलांग सार्टिफिकेट ऑनलाइन किए जाएं  और इनको करने के लिए 31 अगस्त 2022 तक करने के निर्देश दिए गए लेकिन अस्पताल में स्टाफ की कमी होने की वजह से यह काम अगस्त तक पूरा नहीं किया गया। अब सरकार ने अगस्त महीने से बढ़ाकर 31 दिसंबर 2022 तक कर दिया है और उन्होंने अब तक उन्होंने  2500 विकलांगों के सार्टिफिकेट ऑनलाइन कर दिए हैं और जो  बकाया रह गए हैं उनको 31 दिसंबर 2022 तक पूरा कर दिया जाएगा । डिप्टी सीएमओ सुरेश कुमार ने बताया कि जो विकलांग लोग हैं वह एक साथ आ रहे हैं जिस वजह से अस्पताल में भीड़ हो रही है और जहां इनको बुधवार को बुलाया जाता था अब एक हफ्ते में इनको 3 दिन बुलाया जा रहा है ताकि इनके जो विकलांग सार्टिफिकेट हैं उनको जल्द से जल्द ऑनलाइन किया जा सके और जो सरकार की सुविधाएं उनको सुचारू रूप से मिल सके।  उन्होंने बताया कि कुछ ऐसे विकलांग सार्टिफिकेट बने हुए हैं जो कम विकलांग हैं जिनको सरकार का लाभ नहीं मिल सकता और वह भी गलत तरीके से विकलांग सर्टिफिकेट बनवा कर उसका लाभ ले रहे हैं।  वह ऐसे सार्टिफिकेट काटे जा रहे हैं और जो सही लोग हैं और उनको लाभ नहीं मिल रहा तो उनके सार्टिफिकेट पर बनाए जा रहे हैं । उन्होंने बताया कि ऑनलाइन होने के बाद आगे से विकलांगों को कोई दिक्कत परेशानी नहीं होगी । क्योंकि पहले मैनुअल तरीके से बनाए गए थे और सरकार ने इनको ऑनलाइन करने के निर्देश दिए हैं।  क्योंकि ऑनलाइन होने की वजह से विकलांगों को अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे कभी भी कहीं से भी निकलवा सकते हैं।  जिन लोगों के फार्म गुम है या नहीं मिल रहे हैं कुछ अभी ऑनलाइन फार्म करने बाकी है उनके भी उसके अंदर मिल जाएंगे उनको दोबारा फार्म भरने की कोई जरूरत नहीं है।

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