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    गाजीपुर। सांसद अफ़ज़ाल अंसारी से नहीं हटेगा गैंगेस्टर, मुख्तार अंसारी के भाई को झटका, अदालत से याचिका खारिज।

    गाजीपुर। बसपा सांसद अफजाल अंसारी पर 14 साल पहले लगाया गया गैंगस्टर एक्ट नहीं हटेगा। इस सिलसिले में अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम) रामसुध सिंह की विशेष एमपीएमएलए कोर्ट ने गुरुवार को उनकी याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने आरोप तय करने के लिए उन्हें 20 अगस्त को हाजिर होने का आदेश दिया है। सांसद की याचिका पर एडीजे ने सुनवाई की। उन्होंने उनके ऊपर लगे गैंगस्टर एक्ट का आरोपपत्र पढ़ा और केस डायरी के प्रमुख बिंदु भी देखे।

    सांसद के वकील विजय शंकर राय ने गुरुवार को कोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया कि उनके मुवक्किल को 14 साल पुराने गैंगस्टर एक्ट के मामले में फंसाकर कार्रवाई की साजिश रची जा रही है। उन्होंने पुलिस पर मनमानी करने का आरोप लगाया। उन्होंने अदालत से अपील की कि सांसद पर गैंगस्टर एक्ट हटाया जाए। इस दौरान कोर्ट ने सांसद पर लगे गैंगस्टर एक्ट का आरोपपत्र पढ़ा। केस डायरी के प्रमुख बिंदुओं को देखा। इसके बाद सांसद की गैंगस्टर एक्ट हटाने की याचिका खारिज कर दी। मुहम्मदाबाद पुलिस ने भांवरकोल और वाराणसी के मामले को गैंगचार्ट में शामिल कर अफजाल अंसारी के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में सांसद अफजाल अंसारी बेल पर हैं।

    राजनीतिक छवि धूमिल करने को आरोपी बनाया : सांसद अफजाल अंसारी के वकील विजय शंकर राय ने कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल 1985 से 2001 तक विधायक रहे। इस दौरान कई लोगों के साथ उनके राजनीतिक द्वेष भी हुए। 20 साल से वह मुख्तार अंसारी, सिबगतुल्लाह अंसारी व बहनोई एजाजुल अंसारी से अलग रह रहे हैं। उनकी राजनीतिक छवि धूमिल करने की साजिश के तहत उनके ऊपर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया।

    केएन राय हत्याकांड में नामजद हुए थे अफजाल : 2005 में विधायक कृष्णानंद राय की हत्या में अफजाल अंसारी को आरोपित बनाया गया था। पुलिस व सीबीआई ने उन्हें धारा 120बी के तहत साजिशकर्ता के रूप में शामिल किया था। इसमें कोर्ट में सरेंडर करने के बाद उन्हें जमानत मिल गई थी। 2007 में उनके खिलाफ मुहम्मदाबाद में हत्याकांड में साजिशकर्ता बनाकर उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया। उनके ऊपर गैंगस्टर एक्ट भी लगा दिया गया।

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