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    शाहजहांपुर। शर्मनाक: एंबुलेंस न मिलने पर बेटा बीमार मां को हत्था ठेले पर लेकर पहुंचा अस्पताल लेकिन मां ने रास्ते में ही तोड़ा दम।

    शाहजहांपुर। मानवता को शर्मसार करने वाली एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जहां बीमार बूढ़ी मां को उसका बेटा हाथ के ठेले पर लादकर पैदल ही 4 किलोमीटर दूर अस्पताल पहुंचा लेकिन तब तक उसकी बूढ़ी मां की मौत हो चुकी थी परिजनों का आरोप है कि समय पर एंबुलेंस और ईलाज मिल जाता तो उसकी मां की मौत नहीं होती, लेकिन एंबुलेंस के नहीं पहुंचने से उसकी बीमार मां की जान चली ।

    मामला थाना जलालाबाद कस्बे का है, जहां के रहने वाले दिनेश ने बताया कि उसकी बूढ़ी मां बीना देवी के पेट में अचानक दर्द उठा जिसके चलते वह दर्द से बेहाल हो गईं तब दिनेश ने बताया कि उसके फोन में बैलेंस नहीं है, जिसके बाद उसने, पड़ोसियों से मिन्नतें करते हुए कहा कि मेरी मां बीमार है, 108 एंबुलेंस को फ़ोन कर दीजिए पड़ोसियों ने 108 एंबुलेंस का फोन न लगना बताकर अपना पल्ला झाड़ लिया जिससे हताहत होकर वह अपनी मां को हत्था ठेली पर लाद कर चल दिया जहां उसकी मां ने रास्ते में ही दम तोड दिया।

    दिनेश ने बताया कि बुधवार को उसकी मां बीना देवी (65) के पेट में अचानक दर्द उठा जिसके चलते वह बेहोस हो गईं, तब उसके बेटे ने एंबुलेंस के लिए 108 नंबर पर फोन किया परंतु मोबाइल फोन में बेलेंस न होने की वजह से उसने पड़ोसियों से कहा जब समय बीत जाने के बाद भी एंबुलेंस नहीं आई तो दिनेश अपनी मां को हाथ के ठेले पर लेकर चार किलोमीटर दूर सरकारी अस्पताल पहुंचा। दिनेश ने बताया कि अस्पताल पहुंचने पर डॉ अमित यादव ने उसकी मां को ठेले पर ही देखा लेकिन तब तक उसकी मां की मौत हो चुकी थी। उसने मायूस लहजे में कहा कि अगर समय पर एंबुलेंस मिल जाती तो शायद उसकी मां की जान बच जाती। 

    • अस्पताल पहुंचने से पहले ही बुजुर्ग मां ने तोड़ा दम। 

    गरीबी और पैसे के अभाव में अपनी बूढ़ी मां की जान नही बचा सका एक गरीब बेटा अपनी मां की गंभीर हालत देखकर वह खुद ही हाथ ठेले पर मां को लिटाकर अस्पताल की ओर चल पड़ा और वह 4 किलोमीटर पैदल चलकर जलालाबाद सीएचसी, अस्पताल पहुंच गया, लेकिन अपनी बूढ़ी मां की जान नही बचा सका और मां की रास्ते में ही मौत हो गई ।

    जलालाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ अमित यादव ने बताया कि जलालाबाद कस्बे के रहने वाले दिनेश अपनी मां को हाथ वाली ठेली पर लेकर आए थे। जहां सूचना मिलते ही बह स्वयं मरीज को देखने गए परंतु मरीज की रास्ते में ही मौत हो गई थी।

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